नई दिल्ली: सरकार ने नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियम (Draft Tax Rules 2026) पेश किए हैं, जिनमें नकद लेन-देनों, संपत्ति खरीद-फरोख्त, होटल बिल और वाहन खरीद जैसी स्थितियों में PAN देने की सीमा (threshold) बढ़ाई गई है। इसका उद्देश्य टैक्स नियमों को आसान बनाना और निचले स्तर पर compliance का बोझ कम करना है।
🧾 PAN देना अब कम मामलों में जरूरी होगा
नई प्रस्तावित नियमों के तहत PAN (Permanent Account Number) देने की आवश्यकताएँ अब पहले की तुलना में काफी बदल चुकी हैं। इसका असर आम आदमी से लेकर व्यापारियों तक सभी पर पड़ेगा।
🏦 1. बैंक में कैश जमा-निकासी
अब यदि किसी व्यक्ति ने एक वित्तीय वर्ष में कुल ₹10 लाख या उससे अधिक की नकद जमा या निकासी की है, तभी उसे PAN देना होगा। इससे पहले यह नियम छोटे-छोटे ट्रांजैक्शन्स पर भी लागू होता था।
🚗 2. मोटर वाहन खरीद
कार या बाइक जैसी मोटर वाहन खरीदते समय PAN की जरूरत अब केवल ₹5 लाख कीमत से ऊपर वाली खरीद पर होगी। इससे कम कीमत वाले वाहनों पर PAN देना अनिवार्य नहीं होगा, जिससे छोटे वाहन खरीदारों को राहत मिलेगी।
🍽️ 3. होटल, रेस्टोरेंट और इवेंट सेवाओं के भुगतान
अब होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, इवेंट मैनेजमेंट आदि के लिए PAN तभी देना होगा जब भुगतान ₹1 लाख से अधिक हो। इससे पहले यह सीमा काफी कम थी, जिससे छोटे पार्टियों या खाने-पीने पर भी PAN देना पड़ता था।
🏡 4. संपत्ति लेन-देने के मामलों में PAN
जब कोई व्यक्ति ₹20 लाख से अधिक की संपत्ति ख़रीदता, बेचता, या उस से संबंधित अन्य लेन-देनों में भाग लेता है, तब PAN देना आवश्यक होगा। इससे पहले यह सीमा ₹10 लाख थी। इस बदलती सीमा से संपत्ति से जुड़े सरल लेन-देनों में लोगों को राहत मिलेगी।
📊 अन्य जरूरी बदलाव
💼 5. इंश्योरेंस भुगतान पर PAN
नई नियमावली के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी बीमा कंपनी से जुड़ता है, तो PAN देना तब भी ज़रूरी हो सकता है जो पहले सिर्फ बड़ी प्रीमियम राशियों पर लागू होता था।
📱 6. डिजिटल भुगतान और ट्रैकिंग
ड्राफ्ट नियमों में डिजिटल भुगतान को और अधिक आसान और ट्रैक-योग्य बनाने के उपाय जोड़े जा रहे हैं, जिससे टैक्स प्रशासन को बेहतर डेटा मिलेगा और compliance आसान होगा।
🧠 JanDrishti विश्लेषण
इन नए ड्राफ्ट नियमों का लक्ष्य है — साधारण टैक्सपेयर्स को राहत देना और बड़े या संदिग्ध लेन-देनों पर PAN उपकरण के जरिए निगरानी बढ़ाना।
✔️ छोटे बिल्कुल रोज़मर्रा वाले ट्रांजैक्शन्स में अब PAN नहीं देना पड़ेगा।
✔️ यह नियम लोगों को compliance का बोझ कम करने में मदद करेगा, खासकर छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों को।
✔️ दूसरी तरफ, बड़े ट्रांजैक्शन्स में transparency और टैक्स मॉनिटरिंग अधिक मजबूत होगी।

