देश में सिर्फ 2 दिन का पेट्रोल बचा है?’ अफवाहों के बीच सरकार का बड़ा बयान, जानिए क्या है सच्चाई

Praveen Yadav
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देश में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा बयान जारी किया है। पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट पर यह दावा किया जा रहा था कि भारत के पास केवल “2 दिन का पेट्रोल” बचा है और आने वाले समय में बड़े स्तर पर ईंधन संकट पैदा हो सकता है। इन खबरों के वायरल होने के बाद कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं और लोगों ने घबराहट में बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल खरीदना शुरू कर दिया। अब सरकार और तेल कंपनियों ने इन दावों को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है।  पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय के अनुसार भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराहट में पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाने की अपील की है।  सरकार के बयान के मुताबिक भारत के पास इस समय करीब 60 दिनों का क्रूड ऑयल और ईंधन भंडार उपलब्ध है। मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है। सरकार ने चेतावनी दी है कि फर्जी खबर फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।  दरअसल हाल के दिनों में पश्चिम एशिया और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में बढ़े तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इसी बीच सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि भारत में जल्द ही पेट्रोल खत्म हो सकता है। इन अफवाहों के बाद गुजरात, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और कई अन्य राज्यों में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग गईं। कई जगह लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदना शुरू कर दिया, जिससे अस्थायी दबाव की स्थिति बन गई।  गुजरात के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर घंटों लंबी कतारें देखने को मिलीं। स्थानीय प्रशासन और तेल कंपनियों को लोगों से बार-बार अपील करनी पड़ी कि देश में किसी प्रकार का ईंधन संकट नहीं है। वहीं ओडिशा में कुछ पेट्रोल पंपों ने भीड़ नियंत्रित करने के लिए दोपहिया वाहनों को सीमित मात्रा में पेट्रोल देना शुरू कर दिया था।  छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी पेट्रोल-डीजल की भारी खरीदारी देखने को मिली। गारीबंद जिले में प्रशासन ने हालात नियंत्रित करने के लिए दोपहिया वाहनों के लिए पेट्रोल खरीद की सीमा तय करने का आदेश जारी किया था। हालांकि बाद में प्रशासन ने साफ किया कि यह कदम सिर्फ भीड़ और पैनिक बाइंग को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया था, किसी वास्तविक कमी की वजह से नहीं।  सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग देश है और 150 से ज्यादा देशों को पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई करता है। सरकार ने कहा कि देश की सभी रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं और तेल कंपनियों ने अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की सप्लाई पहले से सुनिश्चित कर ली है।  इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने भी संयुक्त बयान जारी कर कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। कंपनियों ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और जरूरत से ज्यादा ईंधन स्टॉक करने से बचें।  इस बीच कुछ राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी भी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। हालांकि सरकार ने कहा है कि सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने और आम लोगों को राहत देने के लिए लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।  विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के कारण ही कई जगह कृत्रिम संकट जैसी स्थिति पैदा हुई। जब लोग अचानक बड़ी मात्रा में पेट्रोल खरीदने लगते हैं तो कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी कमी दिखाई देने लगती है, लेकिन इसका मतलब वास्तविक राष्ट्रीय संकट नहीं होता। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।  फिलहाल केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सरकार और तेल कंपनियां लगातार सप्लाई बनाए रखने के लिए काम कर रही हैं और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे “सिर्फ 2 दिन का पेट्रोल बचा है” जैसे दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया गया है।

देश में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा बयान जारी किया है। पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट पर यह दावा किया जा रहा था कि भारत के पास केवल “2 दिन का पेट्रोल” बचा है और आने वाले समय में बड़े स्तर पर ईंधन संकट पैदा हो सकता है। इन खबरों के वायरल होने के बाद कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं और लोगों ने घबराहट में बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल खरीदना शुरू कर दिया। अब सरकार और तेल कंपनियों ने इन दावों को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है।


पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय के अनुसार भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराहट में पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाने की अपील की है।


सरकार के बयान के मुताबिक भारत के पास इस समय करीब 60 दिनों का क्रूड ऑयल और ईंधन भंडार उपलब्ध है। मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है। सरकार ने चेतावनी दी है कि फर्जी खबर फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।


दरअसल हाल के दिनों में पश्चिम एशिया और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में बढ़े तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इसी बीच सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि भारत में जल्द ही पेट्रोल खत्म हो सकता है। इन अफवाहों के बाद गुजरात, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और कई अन्य राज्यों में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग गईं। कई जगह लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदना शुरू कर दिया, जिससे अस्थायी दबाव की स्थिति बन गई।


गुजरात के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर घंटों लंबी कतारें देखने को मिलीं। स्थानीय प्रशासन और तेल कंपनियों को लोगों से बार-बार अपील करनी पड़ी कि देश में किसी प्रकार का ईंधन संकट नहीं है। वहीं ओडिशा में कुछ पेट्रोल पंपों ने भीड़ नियंत्रित करने के लिए दोपहिया वाहनों को सीमित मात्रा में पेट्रोल देना शुरू कर दिया था।


छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी पेट्रोल-डीजल की भारी खरीदारी देखने को मिली। गारीबंद जिले में प्रशासन ने हालात नियंत्रित करने के लिए दोपहिया वाहनों के लिए पेट्रोल खरीद की सीमा तय करने का आदेश जारी किया था। हालांकि बाद में प्रशासन ने साफ किया कि यह कदम सिर्फ भीड़ और पैनिक बाइंग को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया था, किसी वास्तविक कमी की वजह से नहीं।


सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग देश है और 150 से ज्यादा देशों को पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई करता है। सरकार ने कहा कि देश की सभी रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं और तेल कंपनियों ने अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की सप्लाई पहले से सुनिश्चित कर ली है।


इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने भी संयुक्त बयान जारी कर कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। कंपनियों ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और जरूरत से ज्यादा ईंधन स्टॉक करने से बचें।


इस बीच कुछ राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी भी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। हालांकि सरकार ने कहा है कि सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने और आम लोगों को राहत देने के लिए लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।


विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के कारण ही कई जगह कृत्रिम संकट जैसी स्थिति पैदा हुई। जब लोग अचानक बड़ी मात्रा में पेट्रोल खरीदने लगते हैं तो कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी कमी दिखाई देने लगती है, लेकिन इसका मतलब वास्तविक राष्ट्रीय संकट नहीं होता। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।


फिलहाल केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सरकार और तेल कंपनियां लगातार सप्लाई बनाए रखने के लिए काम कर रही हैं और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे “सिर्फ 2 दिन का पेट्रोल बचा है” जैसे दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया गया है।

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