“मेरे पास 9mm की पिस्टल थी और हमराह के पास AK-47” — संभल हिंसा मामले में ASP अनुज चौधरी से पूछे गए 150 सवाल

Praveen Yadav
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“मेरे पास 9mm की पिस्टल थी और हमराह के पास AK-47” — संभल हिंसा मामले में ASP अनुज चौधरी से पूछे गए 150 सवाल  संभल। उत्तर प्रदेश के  में हुई हिंसा के मामले में शनिवार को अदालत में लंबी और अहम सुनवाई हुई। जिला जज डॉ. विदुषी सिंह की अदालत में करीब दो घंटे तक मैराथन गवाही और जिरह चली, जिसमें संभल के तत्कालीन सीओ और वर्तमान में फिरोजाबाद में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक  की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दर्ज की गई।  सुनवाई के दौरान अदालत में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और जिला न्यायाधीश पूरे समय कोर्ट रूम में मौजूद रहीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर बयान और सवाल पर विशेष ध्यान दिया गया।  150 से ज्यादा सवालों की हुई जिरह  जानकारी के अनुसार अदालत में अनुज चौधरी से करीब 150 सवाल पूछे गए। जिरह के दौरान हिंसा के समय पुलिस की तैनाती, इस्तेमाल किए गए हथियार, भीड़ नियंत्रण की रणनीति और घटनास्थल की परिस्थितियों को लेकर विस्तार से सवाल किए गए।  गवाही के दौरान अनुज चौधरी ने बताया कि घटना के समय उनके पास 9mm की पिस्टल थी, जबकि उनके हमराह पुलिसकर्मी के पास AK-47 राइफल मौजूद थी।  इस बयान के बाद अदालत में हथियारों के इस्तेमाल और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई अतिरिक्त सवाल भी उठाए गए।  हिंसा के दौरान पुलिस कार्रवाई पर सवाल  सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन दोनों की ओर से पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए गए। यह जानने की कोशिश की गई कि हालात को नियंत्रित करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए थे और किस परिस्थिति में हथियारों का इस्तेमाल किया गया।  सूत्रों के मुताबिक अदालत में यह भी पूछा गया कि क्या पुलिस को पहले से किसी संभावित तनाव की जानकारी थी और यदि थी तो सुरक्षा तैयारियां किस स्तर पर की गई थीं।  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज हुई गवाही  मौजूदा तैनाती और सुरक्षा कारणों को देखते हुए अनुज चौधरी की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज की गई। अदालत में तकनीकी व्यवस्था के जरिए पूरे बयान को रिकॉर्ड किया गया।  कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस गवाही को मामले की जांच और आगे की सुनवाई में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।  मामले की संवेदनशीलता के कारण बढ़ी सुरक्षा  संभल हिंसा मामला पहले से ही बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। इसी वजह से अदालत परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।  पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी प्रकार की अफवाह या तनावपूर्ण स्थिति पैदा न हो।  अदालत में अगली सुनवाई पर नजर  मामले में अब अगली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य पुलिस अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही भी दर्ज की जा सकती है।  कानूनी जानकारों के अनुसार, अदालत में दर्ज हो रही गवाहियां मामले के अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाएंगी।  निष्कर्ष  संभल हिंसा मामले में ASP अनुज चौधरी की गवाही ने सुनवाई को नया मोड़ दे दिया है। हथियारों के इस्तेमाल, पुलिस रणनीति और घटनास्थल की परिस्थितियों को लेकर उठे सवालों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब सभी की नजर अदालत की अगली कार्यवाही और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है।

संभल। उत्तर प्रदेश के में हुई हिंसा के मामले में शनिवार को अदालत में लंबी और अहम सुनवाई हुई। जिला जज डॉ. विदुषी सिंह की अदालत में करीब दो घंटे तक मैराथन गवाही और जिरह चली, जिसमें संभल के तत्कालीन सीओ और वर्तमान में फिरोजाबाद में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दर्ज की गई।


सुनवाई के दौरान अदालत में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और जिला न्यायाधीश पूरे समय कोर्ट रूम में मौजूद रहीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर बयान और सवाल पर विशेष ध्यान दिया गया।


150 से ज्यादा सवालों की हुई जिरह

जानकारी के अनुसार अदालत में अनुज चौधरी से करीब 150 सवाल पूछे गए। जिरह के दौरान हिंसा के समय पुलिस की तैनाती, इस्तेमाल किए गए हथियार, भीड़ नियंत्रण की रणनीति और घटनास्थल की परिस्थितियों को लेकर विस्तार से सवाल किए गए।


गवाही के दौरान अनुज चौधरी ने बताया कि घटना के समय उनके पास 9mm की पिस्टल थी, जबकि उनके हमराह पुलिसकर्मी के पास AK-47 राइफल मौजूद थी।


इस बयान के बाद अदालत में हथियारों के इस्तेमाल और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई अतिरिक्त सवाल भी उठाए गए।


हिंसा के दौरान पुलिस कार्रवाई पर सवाल

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन दोनों की ओर से पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए गए। यह जानने की कोशिश की गई कि हालात को नियंत्रित करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए थे और किस परिस्थिति में हथियारों का इस्तेमाल किया गया।


सूत्रों के मुताबिक अदालत में यह भी पूछा गया कि क्या पुलिस को पहले से किसी संभावित तनाव की जानकारी थी और यदि थी तो सुरक्षा तैयारियां किस स्तर पर की गई थीं।


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज हुई गवाही

मौजूदा तैनाती और सुरक्षा कारणों को देखते हुए अनुज चौधरी की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज की गई। अदालत में तकनीकी व्यवस्था के जरिए पूरे बयान को रिकॉर्ड किया गया।


कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस गवाही को मामले की जांच और आगे की सुनवाई में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


मामले की संवेदनशीलता के कारण बढ़ी सुरक्षा

संभल हिंसा मामला पहले से ही बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। इसी वजह से अदालत परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।


पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी प्रकार की अफवाह या तनावपूर्ण स्थिति पैदा न हो।


अदालत में अगली सुनवाई पर नजर

मामले में अब अगली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य पुलिस अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही भी दर्ज की जा सकती है।


कानूनी जानकारों के अनुसार, अदालत में दर्ज हो रही गवाहियां मामले के अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाएंगी।


निष्कर्ष

संभल हिंसा मामले में ASP अनुज चौधरी की गवाही ने सुनवाई को नया मोड़ दे दिया है। हथियारों के इस्तेमाल, पुलिस रणनीति और घटनास्थल की परिस्थितियों को लेकर उठे सवालों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब सभी की नजर अदालत की अगली कार्यवाही और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है।

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