हरिद्वार। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav के छोटे भाई प्रतीक यादव की अस्थियों का शुक्रवार को हरिद्वार में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों और वैदिक परंपराओं के साथ विसर्जन किया गया। इस दौरान घाट पर गहरा भावुक और शोकपूर्ण माहौल देखने को मिला।
परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और कुछ प्रमुख सामाजिक व्यक्ति इस अंतिम अनुष्ठान में उपस्थित रहे। धार्मिक विधि के तहत पहले वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पुरोहितों द्वारा विशेष पूजा-अनुष्ठान कराया गया, जिसके बाद अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया शुरू की गई।
वैदिक रीति-रिवाजों के साथ हुई पूजा-अर्चना
अस्थि विसर्जन से पूर्व घाट पर पंडितों द्वारा पूरी विधि के साथ पूजा कराई गई। मंत्रोच्चार के बीच परिवार के सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पूजा संपन्न होने के बाद अस्थि कलश को विसर्जन के लिए ले जाया गया, जिससे माहौल और अधिक भावुक हो गया।
घाट पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं और वातावरण पूरी तरह शोक में डूबा हुआ था।
परिवार का भावुक क्षण, आंखें हुईं नम
इस दौरान सबसे अधिक भावुक दृश्य परिवार के सदस्यों के बीच देखने को मिला। पत्नी अपर्णा यादव अस्थि कलश लेकर घाट तक पहुंचीं और अंतिम विदाई के समय फूट-फूटकर रो पड़ीं।
उनकी दोनों बेटियां भी इस भावुक क्षण को संभाल नहीं सकीं। छोटी बेटी ने अस्थि कलश को अपने माथे से लगाकर भावुक होकर रो दिया, जिससे वहां मौजूद सभी लोग अत्यंत व्यथित हो उठे।
परिवार के अन्य सदस्य भी इस दुखद क्षण में अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए और पूरे माहौल में गहरा शोक फैल गया।
राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की मौजूदगी
इस धार्मिक अनुष्ठान में योग गुरु और सामाजिक व्यक्तित्व Baba Ramdev भी मौजूद रहे। उन्होंने परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाया और अंतिम विदाई प्रक्रिया में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
घाट पर मौजूद अन्य करीबी लोगों ने भी परिवार को सांत्वना देने की कोशिश की, लेकिन शोक का भाव इतना गहरा था कि पूरा माहौल भारी बना रहा।
घाट पर अंतिम विदाई का दृश्य रहा बेहद भावुक
Haridwar के पवित्र घाट पर अस्थि विसर्जन के दौरान पूरे समय धार्मिक मंत्रों की गूंज सुनाई देती रही। गंगा के तट पर जब अस्थि कलश को प्रवाहित किया गया, तो उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस दौरान वातावरण में परंपरा, श्रद्धा और भावनाओं का मिश्रण देखने को मिला। परिवार के सदस्यों ने अंतिम विदाई के इस क्षण को बेहद कठिन बताया।
शोक में डूबा यादव परिवार
प्रतीक यादव के अस्थि विसर्जन के बाद पूरा यादव परिवार गहरे शोक में है। हरिद्वार में सम्पन्न यह धार्मिक प्रक्रिया पूरी तरह पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार की गई, जिसमें परिवार ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी कीं।
निष्कर्ष
हरिद्वार में सम्पन्न यह अस्थि विसर्जन समारोह पूरी तरह भावनात्मक और धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। गंगा घाट पर जहां एक ओर वैदिक मंत्रोच्चार की ध्वनि गूंज रही थी, वहीं दूसरी ओर परिवार के सदस्यों के आंसू इस क्षण की गंभीरता को दर्शा रहे थे।

