केरल में नई सरकार का बड़ा फैसला, महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा और बुजुर्गों के लिए बनेगा विशेष विभाग

Praveen Yadav
0
केरल में नई सरकार का बड़ा फैसला, महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा और बुजुर्गों के लिए बनेगा विशेष विभाग  तिरुवनंतपुरम। केरल में नई सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े जनकल्याणकारी फैसलों का ऐलान किया है। सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना लागू करने और बुजुर्गों के लिए एक विशेष विभाग बनाने की घोषणा की है। इन फैसलों को राज्य में नई सरकार की सामाजिक कल्याण प्राथमिकताओं के रूप में देखा जा रहा है।  मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उनकी रोजमर्रा की यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा शुरू की जाएगी। माना जा रहा है कि यह योजना लाखों महिलाओं को सीधा लाभ पहुंचा सकती है। इससे नौकरीपेशा महिलाओं, छात्राओं और दैनिक यात्रियों के खर्च में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।  सरकार ने यह भी घोषणा की कि राज्य में बुजुर्ग नागरिकों के लिए एक विशेष विभाग बनाया जाएगा, जो वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों, स्वास्थ्य सुविधाओं, सामाजिक सुरक्षा और सहायता योजनाओं पर काम करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि केरल जैसे राज्य में, जहां बुजुर्ग आबादी तेजी से बढ़ रही है, यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।  नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में 3 हजार रुपये की बढ़ोतरी का फैसला भी लिया गया। सरकार का कहना है कि कोविड महामारी और स्वास्थ्य सेवाओं में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका को देखते हुए यह फैसला जरूरी था।  मुफ्त बस यात्रा योजना पहले भी चुनावी घोषणापत्र का प्रमुख हिस्सा रही थी। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नीत गठबंधन ने महिलाओं को राज्य परिवहन की बसों में मुफ्त यात्रा देने का वादा किया था। अब सरकार बनने के बाद इसे लागू करने की दिशा में तेजी दिखाई जा रही है।  हालांकि इस योजना को लेकर कुछ सवाल भी उठने लगे हैं। केरल के निजी बस ऑपरेटरों ने पहले ही इस योजना का विरोध जताया था। उनका कहना है कि यदि सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा मिलेगी तो निजी बसों पर असर पड़ सकता है और उनकी आय घट सकती है।  राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नई सरकार अपने शुरुआती फैसलों के जरिए जनता को यह संदेश देना चाहती है कि उसका फोकस सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं पर रहेगा। महिलाओं और बुजुर्गों को केंद्र में रखकर लिए गए फैसलों को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।  विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह योजना सफल रहती है, तो केरल भी उन राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां महिलाओं के लिए मुफ्त सार्वजनिक परिवहन सुविधा पहले से लागू है। तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में ऐसी योजनाओं को अच्छा समर्थन मिला है।  फिलहाल राज्य सरकार योजना के लागू होने की तारीख, पात्रता और अन्य नियमों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।  निष्कर्ष  केरल सरकार के महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और बुजुर्गों के लिए विशेष विभाग बनाने जैसे फैसलों को बड़े सामाजिक सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। इन घोषणाओं से साफ संकेत मिलते हैं कि नई सरकार सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण को अपनी प्राथमिकता बना रही है। अब सभी की नजर इन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर टिकी हुई है।

तिरुवनंतपुरम। केरल में नई सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े जनकल्याणकारी फैसलों का ऐलान किया है। सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना लागू करने और बुजुर्गों के लिए एक विशेष विभाग बनाने की घोषणा की है। इन फैसलों को राज्य में नई सरकार की सामाजिक कल्याण प्राथमिकताओं के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उनकी रोजमर्रा की यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा शुरू की जाएगी। माना जा रहा है कि यह योजना लाखों महिलाओं को सीधा लाभ पहुंचा सकती है। इससे नौकरीपेशा महिलाओं, छात्राओं और दैनिक यात्रियों के खर्च में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकार ने यह भी घोषणा की कि राज्य में बुजुर्ग नागरिकों के लिए एक विशेष विभाग बनाया जाएगा, जो वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों, स्वास्थ्य सुविधाओं, सामाजिक सुरक्षा और सहायता योजनाओं पर काम करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि केरल जैसे राज्य में, जहां बुजुर्ग आबादी तेजी से बढ़ रही है, यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।

नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में 3 हजार रुपये की बढ़ोतरी का फैसला भी लिया गया। सरकार का कहना है कि कोविड महामारी और स्वास्थ्य सेवाओं में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका को देखते हुए यह फैसला जरूरी था।

मुफ्त बस यात्रा योजना पहले भी चुनावी घोषणापत्र का प्रमुख हिस्सा रही थी। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नीत गठबंधन ने महिलाओं को राज्य परिवहन की बसों में मुफ्त यात्रा देने का वादा किया था। अब सरकार बनने के बाद इसे लागू करने की दिशा में तेजी दिखाई जा रही है।

हालांकि इस योजना को लेकर कुछ सवाल भी उठने लगे हैं। केरल के निजी बस ऑपरेटरों ने पहले ही इस योजना का विरोध जताया था। उनका कहना है कि यदि सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा मिलेगी तो निजी बसों पर असर पड़ सकता है और उनकी आय घट सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नई सरकार अपने शुरुआती फैसलों के जरिए जनता को यह संदेश देना चाहती है कि उसका फोकस सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं पर रहेगा। महिलाओं और बुजुर्गों को केंद्र में रखकर लिए गए फैसलों को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह योजना सफल रहती है, तो केरल भी उन राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां महिलाओं के लिए मुफ्त सार्वजनिक परिवहन सुविधा पहले से लागू है। तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में ऐसी योजनाओं को अच्छा समर्थन मिला है।

फिलहाल राज्य सरकार योजना के लागू होने की तारीख, पात्रता और अन्य नियमों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

निष्कर्ष

केरल सरकार के महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और बुजुर्गों के लिए विशेष विभाग बनाने जैसे फैसलों को बड़े सामाजिक सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। इन घोषणाओं से साफ संकेत मिलते हैं कि नई सरकार सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण को अपनी प्राथमिकता बना रही है। अब सभी की नजर इन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर टिकी हुई है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*