JanDrishti Today: SIM Card New Rules 2026: आपके नाम पर कितने सिम कार्ड एक्टिव हैं? घर बैठे 2 मिनट में ऐसे पता करें

Praveen Yadav
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JanDrishti Today: SIM Card New Rules 2026: आपके नाम पर कितने सिम कार्ड एक्टिव हैं? घर बैठे 2 मिनट में ऐसे पता करें  डिजिटल युग में मोबाइल फोन हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग से लेकर सरकारी योजनाओं के लाभ तक, सब कुछ हमारे मोबाइल नंबर से जुड़ा हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके नाम और पहचान पत्र (Identity Proof) का गलत इस्तेमाल करके कोई दूसरा व्यक्ति भी सिम कार्ड चला सकता है?  साइबर अपराध (Cyber Crime), ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और फर्जी सिम कार्ड्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए दूरसंचार विभाग (DoT) और ट्राई (TRAI) ने साल 2026 में सिम कार्ड को लेकर नए और कड़े नियम लागू किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि आपके नाम पर पंजीकृत कोई नंबर किसी अवैध गतिविधि में पाया जाता है, तो कानूनी कार्रवाई मूल आईडी धारक पर भी हो सकती है।  इस विस्तृत लेख में हम जानेंगे कि 2026 के नए नियम क्या हैं, एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम कितने सिम कार्ड हो सकते हैं, और आप कैसे घर बैठे सिर्फ 2 मिनट में यह जांच सकते हैं कि आपके नाम पर कितने सिम एक्टिव हैं।  1. SIM Card New Rules 2026: क्या हैं नए सरकारी नियम?  दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) ने मोबाइल उपभोक्ताओं की सुरक्षा को मजबूत करने और डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं:  अनिवार्य डिजिटल eKYC: 2026 के नए नियमों के अनुसार, अब सभी नए सिम कार्ड केवल डिजिटल eKYC के माध्यम से ही जारी किए जा रहे हैं। पुराने पेपर-बेस्ड (दस्तावेजी) वेरिफिकेशन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है ताकि जाली दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड न निकाले जा सकें।  सिम कार्ड डिएक्टिवेशन नियम (SIM Deactivation Rules): यदि कोई सिम कार्ड लंबे समय तक निष्क्रिय रहता है या समय पर रिचार्ज नहीं कराया जाता, तो उसे ट्राई (TRAI) के नए नियमों के तहत स्थायी रूप से ब्लॉक/डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा।  फ्रॉड पर लगाम (Chakshu Portal): सरकार ने संचार साथी पोर्टल के तहत 'चक्षु' (Chakshu) सुविधा को और मजबूत किया है, जिसके जरिए नागरिक फर्जी कॉल, बैंक या बिजली केवाईसी के नाम पर आने वाले फ्रॉड एसएमएस और व्हाट्सएप संदेशों की तुरंत रिपोर्ट कर सकते हैं।  सिम पोर्टेबिलिटी में सुरक्षा: सिम स्वैपिंग (SIM Swapping) के जरिए होने वाले बैंक फ्रॉड को रोकने के लिए सिम बदलने या पोर्ट कराने की प्रक्रिया में अतिरिक्त सुरक्षा स्तर (Security Layers) जोड़े गए हैं।  2. एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम कितने सिम रख सकता है?  दूरसंचार विभाग के नियमों के मुताबिक, भारत में एक नागरिक अपने नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड (9 SIM Connections) एक्टिव रख सकता है।  विशेष छूट: जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्व (North-East) के राज्यों के निवासियों के लिए यह सीमा अधिकतम 6 सिम कार्ड तय की गई है।  यदि कोई व्यक्ति इस सीमा से अधिक सिम कार्ड अपने नाम पर रखता है, तो सरकार के पास उसके अतिरिक्त नंबरों को ब्लॉक करने का अधिकार होता है। ऐसे में यह जांचना और भी जरूरी हो जाता है कि आपकी जानकारी के बिना आपके नाम पर कितने नंबर चल रहे हैं।  3. घर बैठे 2 मिनट में कैसे पता करें आपके नाम पर कितने सिम एक्टिव हैं?  दूरसंचार विभाग (DoT) ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए सच्चार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल और इसका आधिकारिक ऐप लॉन्च किया है। इसके भीतर एक विशेष टूल है जिसका नाम है TAFCOP (Telecom Analytics for Fraud Management and Consumer Protection)। इस टूल की मदद से आप मात्र 2 मिनट में पूरी सूची देख सकते हैं।  स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन प्रोसेस (TAFCOP Portal):  स्टेप 1: सबसे पहले संचार साथी की आधिकारिक वेबसाइट sancharsaathi.gov.in पर जाएं।  स्टेप 2: होमपेज को थोड़ा नीचे स्क्रॉल करें और 'Citizen Centric Services' सेक्शन में जाएं। यहाँ आपको 'Know Your Mobile Connections' (या TAFCOP) का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।  स्टेप 3: अब आपके सामने एक नया पेज (tafcop.sancharsaathi.gov.in) खुलेगा। यहाँ अपना वर्तमान में चालू 10-अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करें।  स्टेप 4: स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा कोड (Captcha Code) को सही-सही भरें और 'Validate Captcha' पर क्लिक करें।  स्टेप 5: इसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक OTP (One Time Password) आएगा। उस ओटीपी को बॉक्स में दर्ज करें और 'Login' बटन पर क्लिक करें।  स्टेप 6: लॉगिन करते ही आपकी स्क्रीन पर उन सभी मोबाइल नंबरों की सूची आ जाएगी जो आपकी आईडी (पहचान पत्र) पर पूरे भारत में एक्टिव हैं। सुरक्षा कारणों से नंबरों के शुरुआती और अंतिम कुछ अंक ही दिखाई देते हैं (जैसे- 98XXXXXX12)।  4. यदि कोई अज्ञात नंबर सूची में दिखे, तो उसे तुरंत कैसे ब्लॉक करें?  जब आप TAFCOP पोर्टल पर अपने नंबरों की सूची देखते हैं, तो वहां आपको तीन विकल्प मिलते हैं। यदि कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जिसे आप नहीं पहचानते या जो आपका नहीं है, तो आप पोर्टल से ही उसकी रिपोर्ट कर सकते हैं:  Not My Number (यह मेरा नंबर नहीं है): यदि सूची में कोई ऐसा नंबर है जिसे आपने कभी खरीदा ही नहीं है और कोई अन्य व्यक्ति आपकी आईडी पर उसका गलत इस्तेमाल कर रहा है, तो उस नंबर के आगे बने चेकबॉक्स को टिक करें और 'Not My Number' विकल्प को चुनें।  Not Required (आवश्यकता नहीं है): यदि कोई नंबर आपका ही था, लेकिन अब आप उसका उपयोग नहीं करते हैं और उसे बंद करना चाहते हैं, तो आप 'Not Required' विकल्प को चुन सकते हैं।  Required (आवश्यकता है): जो नंबर आप वर्तमान में खुद इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके लिए आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं है, या आप 'Required' चुन सकते हैं।  रिपोर्ट सबमिट करने के बाद क्या होता है?  जैसे ही आप 'Not My Number' चुनकर सबमिट बटन पर क्लिक करते हैं, आपको एक टिकट आईडी / रिफरेंस नंबर (Ticket ID) जनरेट होकर स्क्रीन पर मिलेगा। इस आईडी को नोट कर लें। दूरसंचार विभाग आपके द्वारा रिपोर्ट किए गए नंबर की जांच करेगा और संबंधित टेलीकॉम ऑपरेटर (Jio, Airtel, Vi, BSNL) को उस नंबर को तुरंत ब्लॉक या डिएक्टिवेट करने का आदेश देगा। आप इसी पोर्टल पर जाकर अपनी टिकट आईडी से शिकायत का स्टेटस भी ट्रैक कर सकते हैं।  5. फर्जी सिम कार्ड के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान  अक्सर लोग सोचते हैं कि यदि उनके नाम पर कोई दूसरा सिम चला भी रहा है, तो उनका क्या नुकसान है? लेकिन यह लापरवाही आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती है:  साइबर फ्रॉड और बैंक डकैती: आजकल स्कैमर्स फर्जी सिम का इस्तेमाल करके लोगों को लॉटरी, जॉब स्कैम या बैंक अधिकारी बनकर चूना लगाते हैं। यदि वह नंबर आपके नाम पर है, तो पुलिस जांच में सबसे पहले आपका नाम सामने आएगा।  अवैध गतिविधियों में संलिप्तता: धमकी भरे कॉल, जबरन वसूली या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने वाले सिम कार्ड अक्सर दूसरों के नाम पर धोखे से जारी कराए गए होते हैं।  सिम स्वैपिंग (SIM Swapping): आपकी आईडी का उपयोग करके कोई आपके मुख्य नंबर का डुप्लिकेट सिम निकाल सकता है, जिससे आपके बैंक खाते का ओटीपी सीधे अपराधी के पास पहुंच जाएगा।  6. मोबाइल सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी टिप्स  2026 के इस डिजिटल दौर में खुद को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:  दुकानदार पर नजर रखें: जब भी आप किसी स्थानीय रिटेलर से नया सिम कार्ड लेने जाएं या eKYC (फिंगरप्रिंट) कराएं, तो यह सुनिश्चित करें कि दुकानदार ने आपके बायोमेट्रिक का उपयोग केवल एक ही सिम एक्टिवेट करने के लिए किया हो।  नियमित जांच: हर 6 महीने में कम से कम एक बार संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल पर जाकर अपने नाम पर दर्ज कनेक्शनों की जांच अवश्य करें।  दस्तावेजों का सुरक्षित उपयोग: अपने पहचान पत्रों की फोटोकॉपी किसी को भी देते समय उस पर तारीख और उद्देश्य (जैसे- "Only for SIM activation") जरूर लिखें, ताकि उसका दोबारा दुरुपयोग न हो सके।  निष्कर्ष  सरकार द्वारा जारी Sanchar Saathi और TAFCOP पोर्टल डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हैं। यह न केवल आपको धोखाधड़ी से बचाता है, बल्कि आपके डिजिटल अस्तित्व को भी सुरक्षित रखता है। 2026 के कड़े नियमों का सम्मान करें और आज ही केवल 2 मिनट का समय निकालकर यह जांचें कि आपके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं। यदि कोई संदिग्ध नंबर मिले, तो उसे तुरंत ब्लॉक करने की रिपोर्ट दर्ज करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!  अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)  Q1. क्या संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल का उपयोग सुरक्षित है?  Ans: जी हां, यह भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा संचालित एक पूरी तरह से सुरक्षित और आधिकारिक सरकारी पोर्टल है।  Q2. क्या मैं एक ही बार में कई अज्ञात नंबरों की रिपोर्ट कर सकता हूँ?  Ans: हां, TAFCOP पोर्टल पर सूची देखने के बाद आप एक साथ उन सभी नंबरों को सिलेक्ट कर सकते हैं जो आपके नहीं हैं और 'Not My Number' पर क्लिक करके एक साथ रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं।  Q3. रिपोर्ट करने के कितने दिनों बाद फर्जी सिम बंद हो जाता है?  Ans: रिपोर्ट दर्ज होने के बाद दूरसंचार विभाग और संबंधित टेलीकॉम कंपनी उस नंबर की जांच करती है। आमतौर पर आवश्यक वेरिफिकेशन के बाद कुछ ही दिनों के भीतर उस नंबर को नेटवर्क से ब्लॉक कर दिया जाता है।

डिजिटल युग में मोबाइल फोन हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग से लेकर सरकारी योजनाओं के लाभ तक, सब कुछ हमारे मोबाइल नंबर से जुड़ा हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके नाम और पहचान पत्र (Identity Proof) का गलत इस्तेमाल करके कोई दूसरा व्यक्ति भी सिम कार्ड चला सकता है?


साइबर अपराध (Cyber Crime), ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और फर्जी सिम कार्ड्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए दूरसंचार विभाग (DoT) और ट्राई (TRAI) ने साल 2026 में सिम कार्ड को लेकर नए और कड़े नियम लागू किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि आपके नाम पर पंजीकृत कोई नंबर किसी अवैध गतिविधि में पाया जाता है, तो कानूनी कार्रवाई मूल आईडी धारक पर भी हो सकती है।


इस विस्तृत लेख में हम जानेंगे कि 2026 के नए नियम क्या हैं, एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम कितने सिम कार्ड हो सकते हैं, और आप कैसे घर बैठे सिर्फ 2 मिनट में यह जांच सकते हैं कि आपके नाम पर कितने सिम एक्टिव हैं।


1. SIM Card New Rules 2026: क्या हैं नए सरकारी नियम?

दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) ने मोबाइल उपभोक्ताओं की सुरक्षा को मजबूत करने और डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं:


अनिवार्य डिजिटल eKYC: 2026 के नए नियमों के अनुसार, अब सभी नए सिम कार्ड केवल डिजिटल eKYC के माध्यम से ही जारी किए जा रहे हैं। पुराने पेपर-बेस्ड (दस्तावेजी) वेरिफिकेशन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है ताकि जाली दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड न निकाले जा सकें।


सिम कार्ड डिएक्टिवेशन नियम (SIM Deactivation Rules): यदि कोई सिम कार्ड लंबे समय तक निष्क्रिय रहता है या समय पर रिचार्ज नहीं कराया जाता, तो उसे ट्राई (TRAI) के नए नियमों के तहत स्थायी रूप से ब्लॉक/डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा।


फ्रॉड पर लगाम (Chakshu Portal): सरकार ने संचार साथी पोर्टल के तहत 'चक्षु' (Chakshu) सुविधा को और मजबूत किया है, जिसके जरिए नागरिक फर्जी कॉल, बैंक या बिजली केवाईसी के नाम पर आने वाले फ्रॉड एसएमएस और व्हाट्सएप संदेशों की तुरंत रिपोर्ट कर सकते हैं।


सिम पोर्टेबिलिटी में सुरक्षा: सिम स्वैपिंग (SIM Swapping) के जरिए होने वाले बैंक फ्रॉड को रोकने के लिए सिम बदलने या पोर्ट कराने की प्रक्रिया में अतिरिक्त सुरक्षा स्तर (Security Layers) जोड़े गए हैं।


2. एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम कितने सिम रख सकता है?

दूरसंचार विभाग के नियमों के मुताबिक, भारत में एक नागरिक अपने नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड (9 SIM Connections) एक्टिव रख सकता है।


विशेष छूट: जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्व (North-East) के राज्यों के निवासियों के लिए यह सीमा अधिकतम 6 सिम कार्ड तय की गई है।


यदि कोई व्यक्ति इस सीमा से अधिक सिम कार्ड अपने नाम पर रखता है, तो सरकार के पास उसके अतिरिक्त नंबरों को ब्लॉक करने का अधिकार होता है। ऐसे में यह जांचना और भी जरूरी हो जाता है कि आपकी जानकारी के बिना आपके नाम पर कितने नंबर चल रहे हैं।


3. घर बैठे 2 मिनट में कैसे पता करें आपके नाम पर कितने सिम एक्टिव हैं?


दूरसंचार विभाग (DoT) ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए सच्चार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल और इसका आधिकारिक ऐप लॉन्च किया है। इसके भीतर एक विशेष टूल है जिसका नाम है TAFCOP (Telecom Analytics for Fraud Management and Consumer Protection)। इस टूल की मदद से आप मात्र 2 मिनट में पूरी सूची देख सकते हैं।


स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन प्रोसेस (TAFCOP Portal):

स्टेप 1: सबसे पहले संचार साथी की आधिकारिक वेबसाइट sancharsaathi.gov.in पर जाएं।


स्टेप 2: होमपेज को थोड़ा नीचे स्क्रॉल करें और 'Citizen Centric Services' सेक्शन में जाएं। यहाँ आपको 'Know Your Mobile Connections' (या TAFCOP) का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।


स्टेप 3: अब आपके सामने एक नया पेज (tafcop.sancharsaathi.gov.in) खुलेगा। यहाँ अपना वर्तमान में चालू 10-अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करें।


स्टेप 4: स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा कोड (Captcha Code) को सही-सही भरें और 'Validate Captcha' पर क्लिक करें।


स्टेप 5: इसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक OTP (One Time Password) आएगा। उस ओटीपी को बॉक्स में दर्ज करें और 'Login' बटन पर क्लिक करें।


स्टेप 6: लॉगिन करते ही आपकी स्क्रीन पर उन सभी मोबाइल नंबरों की सूची आ जाएगी जो आपकी आईडी (पहचान पत्र) पर पूरे भारत में एक्टिव हैं। सुरक्षा कारणों से नंबरों के शुरुआती और अंतिम कुछ अंक ही दिखाई देते हैं (जैसे- 98XXXXXX12)।


4. यदि कोई अज्ञात नंबर सूची में दिखे, तो उसे तुरंत कैसे ब्लॉक करें?

जब आप TAFCOP पोर्टल पर अपने नंबरों की सूची देखते हैं, तो वहां आपको तीन विकल्प मिलते हैं। यदि कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जिसे आप नहीं पहचानते या जो आपका नहीं है, तो आप पोर्टल से ही उसकी रिपोर्ट कर सकते हैं:


Not My Number (यह मेरा नंबर नहीं है): यदि सूची में कोई ऐसा नंबर है जिसे आपने कभी खरीदा ही नहीं है और कोई अन्य व्यक्ति आपकी आईडी पर उसका गलत इस्तेमाल कर रहा है, तो उस नंबर के आगे बने चेकबॉक्स को टिक करें और 'Not My Number' विकल्प को चुनें।


Not Required (आवश्यकता नहीं है): यदि कोई नंबर आपका ही था, लेकिन अब आप उसका उपयोग नहीं करते हैं और उसे बंद करना चाहते हैं, तो आप 'Not Required' विकल्प को चुन सकते हैं।


Required (आवश्यकता है): जो नंबर आप वर्तमान में खुद इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके लिए आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं है, या आप 'Required' चुन सकते हैं।


रिपोर्ट सबमिट करने के बाद क्या होता है?

जैसे ही आप 'Not My Number' चुनकर सबमिट बटन पर क्लिक करते हैं, आपको एक टिकट आईडी / रिफरेंस नंबर (Ticket ID) जनरेट होकर स्क्रीन पर मिलेगा। इस आईडी को नोट कर लें। दूरसंचार विभाग आपके द्वारा रिपोर्ट किए गए नंबर की जांच करेगा और संबंधित टेलीकॉम ऑपरेटर (Jio, Airtel, Vi, BSNL) को उस नंबर को तुरंत ब्लॉक या डिएक्टिवेट करने का आदेश देगा। आप इसी पोर्टल पर जाकर अपनी टिकट आईडी से शिकायत का स्टेटस भी ट्रैक कर सकते हैं।


5. फर्जी सिम कार्ड के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान

अक्सर लोग सोचते हैं कि यदि उनके नाम पर कोई दूसरा सिम चला भी रहा है, तो उनका क्या नुकसान है? लेकिन यह लापरवाही आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती है:


साइबर फ्रॉड और बैंक डकैती: आजकल स्कैमर्स फर्जी सिम का इस्तेमाल करके लोगों को लॉटरी, जॉब स्कैम या बैंक अधिकारी बनकर चूना लगाते हैं। यदि वह नंबर आपके नाम पर है, तो पुलिस जांच में सबसे पहले आपका नाम सामने आएगा।


अवैध गतिविधियों में संलिप्तता: धमकी भरे कॉल, जबरन वसूली या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने वाले सिम कार्ड अक्सर दूसरों के नाम पर धोखे से जारी कराए गए होते हैं।


सिम स्वैपिंग (SIM Swapping): आपकी आईडी का उपयोग करके कोई आपके मुख्य नंबर का डुप्लिकेट सिम निकाल सकता है, जिससे आपके बैंक खाते का ओटीपी सीधे अपराधी के पास पहुंच जाएगा।


6. मोबाइल सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी टिप्स

2026 के इस डिजिटल दौर में खुद को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:


दुकानदार पर नजर रखें: जब भी आप किसी स्थानीय रिटेलर से नया सिम कार्ड लेने जाएं या eKYC (फिंगरप्रिंट) कराएं, तो यह सुनिश्चित करें कि दुकानदार ने आपके बायोमेट्रिक का उपयोग केवल एक ही सिम एक्टिवेट करने के लिए किया हो।


नियमित जांच: हर 6 महीने में कम से कम एक बार संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल पर जाकर अपने नाम पर दर्ज कनेक्शनों की जांच अवश्य करें।


दस्तावेजों का सुरक्षित उपयोग: अपने पहचान पत्रों की फोटोकॉपी किसी को भी देते समय उस पर तारीख और उद्देश्य (जैसे- "Only for SIM activation") जरूर लिखें, ताकि उसका दोबारा दुरुपयोग न हो सके।


निष्कर्ष

सरकार द्वारा जारी Sanchar Saathi और TAFCOP पोर्टल डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हैं। यह न केवल आपको धोखाधड़ी से बचाता है, बल्कि आपके डिजिटल अस्तित्व को भी सुरक्षित रखता है। 2026 के कड़े नियमों का सम्मान करें और आज ही केवल 2 मिनट का समय निकालकर यह जांचें कि आपके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं। यदि कोई संदिग्ध नंबर मिले, तो उसे तुरंत ब्लॉक करने की रिपोर्ट दर्ज करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल का उपयोग सुरक्षित है?

Ans: जी हां, यह भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा संचालित एक पूरी तरह से सुरक्षित और आधिकारिक सरकारी पोर्टल है।


Q2. क्या मैं एक ही बार में कई अज्ञात नंबरों की रिपोर्ट कर सकता हूँ?

Ans: हां, TAFCOP पोर्टल पर सूची देखने के बाद आप एक साथ उन सभी नंबरों को सिलेक्ट कर सकते हैं जो आपके नहीं हैं और 'Not My Number' पर क्लिक करके एक साथ रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं।


Q3. रिपोर्ट करने के कितने दिनों बाद फर्जी सिम बंद हो जाता है?

Ans: रिपोर्ट दर्ज होने के बाद दूरसंचार विभाग और संबंधित टेलीकॉम कंपनी उस नंबर की जांच करती है। आमतौर पर आवश्यक वेरिफिकेशन के बाद कुछ ही दिनों के भीतर उस नंबर को नेटवर्क से ब्लॉक कर दिया जाता है।

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