नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने की मांग की है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि “RSS और BJP के नेक्सस ने भारत की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।”
राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और केंद्र सरकार इस मामले को गंभीरता से लेने के बजाय बचाव की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तुरंत आदेश देना चाहिए कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और पेपर लीक मामले में शामिल सभी दोषियों को जेल भेजा जाए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, लेकिन सरकार जिम्मेदारी तय करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत और सपनों को भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण की वजह से नुकसान पहुंच रहा है। राहुल गांधी ने कहा, “यह सिर्फ NEET का मामला नहीं है, बल्कि पूरे एजुकेशन सिस्टम पर हमला है। लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय छात्र सालों मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक माफिया उनके भविष्य को बेच रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई बड़ी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को निजी हितों और संगठित भ्रष्टाचार के हवाले कर दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है तो उसे निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों पर भी कार्रवाई करनी चाहिए।
NEET-UG परीक्षा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है, जिसमें हर साल लाखों छात्र भाग लेते हैं। हाल के दिनों में परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों ने छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है। कई राज्यों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किए और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट तक सुनवाई हुई और केंद्र सरकार तथा NTA से जवाब मांगा गया। सरकार ने दावा किया कि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि विपक्ष लगातार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है।
राहुल गांधी ने अपने बयान में RSS और BJP पर सीधा हमला करते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों में वैचारिक हस्तक्षेप बढ़ गया है और योग्यता आधारित प्रणाली कमजोर हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा क्षेत्र को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है और इसका सबसे बड़ा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ रहा है।
कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि NEET-UG पेपर लीक मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जाए। पार्टी का कहना है कि केवल छोटे आरोपियों को गिरफ्तार करने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होना चाहिए।
दूसरी ओर भाजपा और केंद्र सरकार ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। सरकार का कहना है कि पेपर लीक मामले में कई गिरफ्तारियां की गई हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का दावा है कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए नई सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।
हालांकि विपक्ष का कहना है कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी और शीर्ष स्तर पर जवाबदेही नहीं होगी, तब तक छात्रों का भरोसा वापस नहीं लौटेगा। देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक अब इस मामले में पारदर्शी जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NEET-UG पेपर लीक मामला आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है, क्योंकि यह सीधे युवाओं, शिक्षा और रोजगार से जुड़ा हुआ है। राहुल गांधी लगातार बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे हैं और विपक्ष इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है।

