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| अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि भगवान की दिव्य शक्ति ने आखिरकार अपना चमत्कार दिखा दिया है |
राम मंदिर दान विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत लगातार गर्म होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार (26 जून) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि "BJP गैंग भगवान के ऑडिट से नहीं बच पाएगा।" उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने कथित दान घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
अखिलेश यादव ने X पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि भगवान की दिव्य शक्ति ने आखिरकार अपना चमत्कार दिखा दिया है और अब "दानभक्तों" का असली चेहरा सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा की "लंका" अब अयोध्या में ही उजड़ने वाली है।
उन्होंने लिखा कि भाजपा समर्थकों के अहंकार पर खड़ा हुआ चमकदार साम्राज्य अब खत्म होने की ओर है और इसके साथ ही "लंकेश" का भी अंत होगा। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के लिए अमृतकाल अब अंधकार काल में बदल चुका है।
चंपत राय के इस्तीफे पर भी कसा तंज
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने चंपत राय के इस्तीफे को लेकर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सरकार हमेशा दावा करती रही कि उसके शासनकाल में कोई इस्तीफा नहीं देता, लेकिन अब वही दावा टूट गया है।
अखिलेश यादव ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जनता अब कह रही है कि भाजपा के लोग इस्तीफा नहीं बल्कि "त्यागपत्र" दे रहे हैं। उन्होंने इसे "चढ़ावा-दान चोरी" मामले से जुड़ी जनता की नाराजगी बताया।
दान घोटाले पर लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि यह मामला भाजपा और उससे जुड़े संगठनों के कथित काले कारनामों की सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने दावा किया कि अब पार्टी, संगठन, परिषद, ब्रिगेड और ट्रस्ट से जुड़े लोग एक-दूसरे के राज खोलना शुरू करेंगे।
उन्होंने कहा कि कथित लूट से भरे बैग लेकर भागने से पहले सभी लोगों को अपने कार्यों का हिसाब देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि केयर फंड समेत अन्य मामलों की भी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा।
अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा, "BJP गैंग भगवान के ऑडिट से नहीं बच पाएगा।"
NEET पेपर लीक मामले को भी जोड़ा
अखिलेश यादव ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले का जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब जब इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है तो "लीक लॉर्ड" की भी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
क्या है राम मंदिर दान विवाद?
राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में कथित वित्तीय गड़बड़ी को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यह शिकायत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की ओर से दर्ज कराई गई है।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने आपराधिक साजिश के तहत दान राशि में गबन और वित्तीय अनियमितताएं कीं। पुलिस ने इस मामले में नौ नामजद आरोपियों सहित कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में
इस मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों को शुक्रवार को अयोध्या की अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अगली सुनवाई भी 29 जून को होगी।
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने छोड़ा पद
मामले की जांच जारी रहने के बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दोनों के इस्तीफे के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से और अधिक गरमा गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं विपक्ष लगातार भाजपा और ट्रस्ट प्रबंधन को निशाने पर ले रहा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और अदालत की कार्रवाई इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

