Ben Stokes Retirement: 'मेरे लिए यही सबसे सही फैसला था', संन्यास पर पहली बार खुलकर बोले बेन स्टोक्स, बताया क्यों छोड़ा इंटरनेशनल क्रिकेट

Praveen Yadav
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नई दिल्ली: इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर और टेस्ट कप्तान Ben Stokes Retirement इस समय क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी खबर बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले के बाद बेन स्टोक्स ने पहली बार खुलकर बताया कि आखिर उन्होंने यह बड़ा फैसला क्यों लिया। स्टोक्स ने कहा कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि पिछले कई महीनों से वह इसके बारे में सोच रहे थे। उनके मुताबिक यह फैसला उनके लिए भी सही है और इंग्लैंड क्रिकेट टीम के भविष्य के लिए भी बेहतर साबित होगा।

नई दिल्ली: इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर और टेस्ट कप्तान Ben Stokes Retirement इस समय क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी खबर बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले के बाद बेन स्टोक्स ने पहली बार खुलकर बताया कि आखिर उन्होंने यह बड़ा फैसला क्यों लिया। स्टोक्स ने कहा कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि पिछले कई महीनों से वह इसके बारे में सोच रहे थे। उनके मुताबिक यह फैसला उनके लिए भी सही है और इंग्लैंड क्रिकेट टीम के भविष्य के लिए भी बेहतर साबित होगा।


35 वर्षीय बेन स्टोक्स ने साफ कहा कि क्रिकेट अभी भी उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा हिस्सा है, लेकिन लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव ने उन्हें इस मोड़ पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि वह अब भी क्रिकेट से प्यार करते हैं और इसी प्यार को बनाए रखने के लिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ने का फैसला किया है।


Ben Stokes Retirement पर बोले, 'मेरे लिए यही सबसे अच्छा फैसला'

स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में बेन स्टोक्स ने कहा कि यह फैसला थोड़ा स्वार्थी लग सकता है, लेकिन फिलहाल उनके लिए यही सबसे सही कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे इंग्लैंड टीम को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और वह खुद भी क्रिकेट का आनंद पहले की तरह ले सकेंगे।


स्टोक्स ने कहा कि अगर वह खुद को मजबूर करके खेलते रहते तो शायद खेल के प्रति उनका प्यार कम होने लगता। इसलिए उन्होंने समय रहते संन्यास लेने का फैसला किया। उनका कहना था कि क्रिकेट ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और वह इस खेल से अच्छी यादों के साथ विदा लेना चाहते हैं।


Ashes सीरीज के बाद ही शुरू हो गया था संन्यास का विचार

बेन स्टोक्स ने खुलासा किया कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हुई Ashes सीरीज के बाद पहली बार उनके मन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ने का विचार आया था। उन्होंने बताया कि उस दौरे के बाद उन्होंने खुद को फिट करने और बेहतर प्रदर्शन के लिए काफी मेहनत की, लेकिन इसके बावजूद उन्हें महसूस हुआ कि वह पूरी तरह मानसिक रूप से थक चुके हैं।


स्टोक्स ने कहा कि घरेलू सीजन के पहले टेस्ट के दौरान यह एहसास और मजबूत हो गया। उन्होंने महसूस किया कि वह पहले जैसी ऊर्जा और उत्साह महसूस नहीं कर पा रहे हैं। वहीं पिछले कुछ हफ्तों में हुई घटनाओं ने भी उनके फैसले को और मजबूत बना दिया।


नाइटक्लब विवाद नहीं बना संन्यास की सबसे बड़ी वजह

हाल के दिनों में लंदन के एक नाइटक्लब से जुड़े विवाद के बाद बेन स्टोक्स को दूसरे टेस्ट से बाहर बैठना पड़ा था। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि Ben Stokes Retirement का फैसला सिर्फ उस विवाद की वजह से नहीं लिया गया। उनके मुताबिक यह फैसला काफी पहले से उनके मन में चल रहा था और पिछले कुछ महीनों के अनुभवों ने इसे अंतिम रूप दे दिया।


स्टोक्स ने कहा कि विवाद के बाद कई बातें हुईं, लेकिन यह कहना गलत होगा कि उसी वजह से उन्होंने संन्यास लिया। उनका कहना था कि पिछले छह महीने उनके करियर के सबसे कठिन दौर में से एक रहे हैं।


Durham लौटने के बाद मिला फिर से क्रिकेट खेलने का मजा

बेन स्टोक्स ने बताया कि जब वह दूसरे टेस्ट से बाहर थे और अपने घरेलू क्लब डरहम (Durham) के लिए खेलने पहुंचे, तब उन्हें दोबारा क्रिकेट खेलने का वही पुराना उत्साह महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट खेलते समय उन्हें लगा कि वह बिना किसी अतिरिक्त दबाव के सिर्फ खेल का आनंद ले रहे हैं।


हालांकि जब वह दोबारा इंग्लैंड टीम के साथ जुड़े, तब उन्हें महसूस हुआ कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लगातार दबाव अब पहले जैसा संभालना आसान नहीं रहा। स्टोक्स ने कहा कि डरहम के लिए खेलते समय उन्हें क्रिकेट से फिर प्यार होने लगा था और अब वह आगे भी अपने बचपन के क्लब के लिए खेलना जारी रखना चाहते हैं।


उन्होंने कहा कि आने वाले समय को लेकर वह काफी उत्साहित हैं। उनका मानना है कि घरेलू क्रिकेट में खेलते हुए वह बिना अतिरिक्त मानसिक दबाव के अपने खेल का आनंद उठा सकेंगे।


परिवार ने भी देखा मुश्किल दौर

बेन स्टोक्स ने बताया कि इंग्लैंड की कप्तानी उनके करियर का सबसे बड़ा सम्मान रही है, लेकिन इसके साथ कई ऐसी जिम्मेदारियां भी आती हैं जो बाहर से दिखाई नहीं देतीं। उन्होंने कहा कि मैदान पर लोग सिर्फ मैच देखते हैं, लेकिन मैदान के बाहर कप्तान पर कितना मानसिक दबाव होता है, यह केवल परिवार और करीबी लोग ही समझ सकते हैं।


स्टोक्स ने कहा कि उनकी पत्नी और परिवार ने कई ऐसे पल देखे हैं जब लगातार क्रिकेट खेलने और कप्तानी की जिम्मेदारी की वजह से वह पूरी तरह थक जाते थे। उन्होंने माना कि कप्तानी ने उन्हें बहुत कुछ दिया, लेकिन कई बार इसका असर उनकी निजी जिंदगी पर भी पड़ा।


लगातार चोटों ने भी लिया बड़ा इम्तिहान

Ben Stokes Retirement के पीछे लगातार लगी चोटें भी एक बड़ी वजह रहीं। पिछले कुछ वर्षों में उन्हें घुटने, हैमस्ट्रिंग, कंधे और एडडक्टर की चोटों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा 2021 में उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए क्रिकेट से कुछ समय का ब्रेक भी लिया था।


स्टोक्स ने कहा कि अब 35 साल की उम्र में खुद को फिट रखने के लिए पहले से कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट केवल मैच खेलने का नाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे लगातार ट्रेनिंग, रिकवरी और मानसिक तैयारी भी होती है, जो समय के साथ काफी मुश्किल होती चली जाती है।


उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से बेहद कठिन खेल है। इसलिए उन्हें लगा कि यही सही समय है जब वह अपने शरीर और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।


बल्लेबाजी के लिए जाते समय लिया अंतिम फैसला

बेन स्टोक्स ने बताया कि ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के दौरान बल्लेबाजी करने के लिए पैड पहनते समय उनके मन में यह फैसला पूरी तरह साफ हो गया था। उसी समय उन्हें एहसास हुआ कि अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का समय आ गया है।


उन्होंने सबसे पहले इस फैसले की जानकारी जो रूट और उपकप्तान हैरी ब्रूक को दी। इसके बाद अगले दिन सुबह पूरी इंग्लैंड टीम को बताया कि यह उनका आखिरी टेस्ट मैच और आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा।


स्टोक्स ने कहा कि इस फैसले के बाद उनके मन में कई तरह की भावनाएं थीं। उन्हें दुख भी था, लेकिन साथ ही राहत और संतोष भी महसूस हो रहा था कि उन्होंने अपने दिल की बात सुनी।


मैदान पर आखिरी बार भी दिखाया जज्बा

ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के चौथे दिन जब बेन स्टोक्स के संन्यास की घोषणा सार्वजनिक हुई, तब वह गेंदबाजी कर रहे थे। दिलचस्प बात यह रही कि घोषणा के तुरंत बाद उन्होंने अपनी अगली ही गेंद पर विकेट हासिल कर लिया। यह पल उनके शानदार करियर की एक और यादगार तस्वीर बन गया।


हालांकि इंग्लैंड यह मुकाबला नहीं जीत सका। न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रन से हराकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इस हार के साथ स्टोक्स का अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हुआ, लेकिन उनके योगदान को क्रिकेट जगत लंबे समय तक याद रखेगा।


Ben Stokes Career: उपलब्धियां जो हमेशा याद रहेंगी

बेन स्टोक्स ने अपने 15 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 122 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। वह इंग्लैंड के सबसे सफल ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं।


उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2019 वनडे विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई ऐतिहासिक पारी, उसी साल एशेज सीरीज के हेडिंग्ले टेस्ट में खेली गई 135 रन की अविस्मरणीय पारी और 2022 टी20 विश्व कप जीत शामिल हैं। कप्तान बनने के बाद उन्होंने ब्रेंडन मैकुलम के साथ मिलकर इंग्लैंड की टेस्ट टीम की सोच और खेलने का तरीका पूरी तरह बदल दिया।


Ben Stokes Retirement: क्रिकेट को अलविदा, लेकिन सफर जारी रहेगा

बेन स्टोक्स ने साफ कर दिया है कि वह क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं जा रहे हैं। वह आगे घरेलू क्रिकेट में डरहम के लिए खेलते रहेंगे और खेल से जुड़े रहेंगे। उनका मानना है कि अब वह बिना किसी अतिरिक्त दबाव के क्रिकेट का आनंद ले सकेंगे।


इंग्लैंड क्रिकेट के लिए बेन स्टोक्स का नाम हमेशा उन खिलाड़ियों में लिया जाएगा जिन्होंने मुश्किल समय में टीम को नई पहचान दी। एक खिलाड़ी, कप्तान और मैच विनर के रूप में उनका योगदान आने वाले कई वर्षों तक याद किया जाएगा। वहीं क्रिकेट प्रशंसकों के लिए उनका संन्यास एक युग के अंत जैसा माना जा रहा है।


Ben Stokes Retirement के बाद इंग्लैंड क्रिकेट में क्या बदलेगा?

बेन स्टोक्स के संन्यास के साथ ही इंग्लैंड क्रिकेट एक नए दौर में प्रवेश करेगा। पिछले कुछ सालों में स्टोक्स ने कप्तान के रूप में टीम की सोच बदल दी थी। उन्होंने आक्रामक क्रिकेट खेलने की रणनीति अपनाई, जिसे पूरी दुनिया ने 'बैजबॉल' के नाम से जाना। इसी सोच ने इंग्लैंड को कई यादगार टेस्ट जीत दिलाईं।


अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्टोक्स के बाद टीम की कमान कौन संभालेगा और क्या नई कप्तानी में भी इंग्लैंड उसी अंदाज में क्रिकेट खेल पाएगा। फिलहाल हैरी ब्रूक को भविष्य का मजबूत दावेदार माना जा रहा है, जबकि अनुभवी खिलाड़ी जो रूट भी टीम के सबसे अहम स्तंभ बने रहेंगे।


क्रिकेट जगत ने दी भावुक विदाई

बेन स्टोक्स के संन्यास की घोषणा के बाद दुनिया भर के क्रिकेट खिलाड़ियों, पूर्व कप्तानों और प्रशंसकों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने भी स्टोक्स को इंग्लैंड क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में शामिल बताया।


पूर्व खिलाड़ियों का कहना है कि स्टोक्स केवल शानदार बल्लेबाज या गेंदबाज ही नहीं थे, बल्कि ऐसे खिलाड़ी थे जो मुश्किल हालात में अकेले मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते थे। इसी वजह से उन्हें आधुनिक दौर के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में गिना जाता है।


Ben Stokes Retirement: करियर के यादगार आंकड़े

  • 122 टेस्ट मैच
  • 114 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच
  • 43 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच
  • 2019 वनडे विश्व कप विजेता टीम के हीरो
  • 2022 टी20 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा
  • हेडिंग्ले एशेज टेस्ट की ऐतिहासिक 135* रन की पारी
  • इंग्लैंड टेस्ट टीम के सफल कप्तानों में शामिल

निष्कर्ष

Ben Stokes Retirement केवल एक खिलाड़ी के संन्यास की खबर नहीं है, बल्कि इंग्लैंड क्रिकेट के एक यादगार दौर का अंत भी है। स्टोक्स ने अपने करियर में कई ऐसे पल दिए जिन्हें क्रिकेट प्रशंसक कभी नहीं भूल पाएंगे। विश्व कप जीत से लेकर एशेज की ऐतिहासिक पारियां और कप्तान के रूप में टीम को नई पहचान देना, उनकी उपलब्धियां हमेशा याद रखी जाएंगी।


अब उनकी नई शुरुआत घरेलू क्रिकेट के साथ होगी, जबकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

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