नई दिल्ली: भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले जा रहे मुकाबले के पहले दिन युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन ने शानदार शतक जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ए ने 4 विकेट के नुकसान पर 333 रन बना लिए थे। सुदर्शन के बेहतरीन 132 रन और बाद में कप्तान ध्रुव जुरेल तथा अब्दुल समद रशीद (अब्दुल रशीद) की नाबाद साझेदारी ने भारतीय टीम को मैच में पूरी तरह हावी बना दिया।
भारत ए की ठोस शुरुआत
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत ए की शुरुआत काफी अच्छी रही। सलामी बल्लेबाज आयुष पांडे और साई सुदर्शन ने पहले विकेट के लिए 82 रन जोड़कर टीम को मजबूत आधार दिया। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों में श्रीलंकाई गेंदबाजों को ज्यादा मौके नहीं दिए।
हालांकि 23वें ओवर में बाएं हाथ के स्पिनर दिलुम सुदीरा ने आयुष पांडे को आउट कर इस साझेदारी का अंत किया। पांडे 25 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
मध्यक्रम में लगे झटके
82 रन तक बिना विकेट गंवाने वाली भारतीय टीम को इसके बाद कुछ तेज झटके लगे। टीम का स्कोर 181 रन तक पहुंचते-पहुंचते तीन विकेट गिर गए।
देवदत्त पडिक्कल केवल 12 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ 22 रन के निजी स्कोर पर एलबीडब्ल्यू हो गए। इन दोनों विकेटों के बाद श्रीलंका ए ने मैच में वापसी की कोशिश की, लेकिन साई सुदर्शन एक छोर पर मजबूती से डटे रहे।
साई सुदर्शन का शानदार शतक
युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन ने बेहद संयम और परिपक्वता के साथ बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक पूरा किया। उन्होंने 175 गेंदों पर 132 रन बनाए, जिसमें 19 चौके शामिल रहे।
सुदर्शन ने अपनी पारी के दौरान स्ट्राइक रोटेट करने के साथ-साथ खराब गेंदों को सीमा रेखा के बाहर भेजने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। उनका शतक भारत ए की पारी की रीढ़ साबित हुआ।
घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले सुदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे भविष्य में भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण बल्लेबाज बन सकते हैं।
श्रीलंका ए के गेंदबाजों का संघर्ष
श्रीलंका ए की ओर से दिलुम सुदीरा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए और भारतीय बल्लेबाजों पर कुछ हद तक दबाव बनाने में सफलता पाई।
इसके अलावा तेज गेंदबाज रविंदु फर्नांडो और ऑफ स्पिनर चमिका गुणसेकरा को एक-एक विकेट मिला। हालांकि श्रीलंकाई गेंदबाज लगातार लाइन और लेंथ बनाए रखने में संघर्ष करते नजर आए।
टीम ने 21 अतिरिक्त रन भी दिए, जिनमें 13 नो-बॉल शामिल थीं। इतने अतिरिक्त रन देना श्रीलंका ए के लिए महंगा साबित हुआ।
जुरेल और रशीद ने खत्म की श्रीलंका की उम्मीदें
जब साई सुदर्शन 217 रन के कुल स्कोर पर आउट हुए तो श्रीलंका ए को लगा कि वह मैच में वापसी कर सकती है। लेकिन इसके बाद कप्तान ध्रुव जुरेल और अब्दुल रशीद ने कोई मौका नहीं दिया।
दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 116 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
ध्रुव जुरेल ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 138 गेंदों में नाबाद 68 रन बनाए। वहीं अब्दुल रशीद ने 92 गेंदों में नाबाद 53 रन की उपयोगी पारी खेली।
इन दोनों बल्लेबाजों ने अंतिम सत्र में बेहद समझदारी से बल्लेबाजी की और दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ए को कोई और सफलता नहीं मिलने दी।
पहले दिन पूरी तरह भारत ए के नाम
पहले दिन का खेल पूरी तरह भारत ए के पक्ष में रहा। टीम ने मजबूत स्कोर खड़ा करने के साथ सिर्फ चार विकेट गंवाए हैं। अभी भी ध्रुव जुरेल और अब्दुल रशीद जैसे सेट बल्लेबाज क्रीज पर मौजूद हैं, जिससे दूसरे दिन भारत ए 450 रन या उससे भी बड़े स्कोर की ओर बढ़ सकती है।
दूसरी ओर श्रीलंका ए को मैच में वापसी के लिए दूसरे दिन शुरुआती सत्र में जल्दी विकेट निकालने होंगे। यदि भारतीय बल्लेबाज इसी लय में खेलते रहे तो मेहमान टीम के लिए मुकाबला मुश्किल हो सकता है।
फिलहाल पहले दिन के खेल के बाद भारत ए ने साई सुदर्शन के शानदार शतक और जुरेल-रशीद की मजबूत साझेदारी की बदौलत मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।

