FIFA World Cup 2026: डेब्यूटेंट केप वर्डे ने फिर किया कमाल, उरुग्वे को 2-2 की बराबरी पर रोका

Praveen Yadav
0
मियामी गार्डन्स (अमेरिका): फीफा विश्व कप 2026 में पहली बार हिस्सा ले रही केप वर्डे की टीम ने एक और बड़ा उलटफेर करते हुए दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे को 2-2 की बराबरी पर रोक दिया। स्पेन के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद केप वर्डे ने उरुग्वे जैसी मजबूत टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

मियामी गार्डन्स (अमेरिका): फीफा विश्व कप 2026 में पहली बार हिस्सा ले रही केप वर्डे की टीम ने एक और बड़ा उलटफेर करते हुए दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे को 2-2 की बराबरी पर रोक दिया। स्पेन के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद केप वर्डे ने उरुग्वे जैसी मजबूत टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।


विश्व कप के विस्तारित 48-टीम प्रारूप में डेब्यू कर रही केप वर्डे की टीम ने मुकाबले में जबरदस्त जुझारूपन दिखाया। पहले बढ़त बनाने के बाद टीम पीछे जरूर हुई, लेकिन हार नहीं मानी और शानदार वापसी करते हुए मुकाबला बराबरी पर समाप्त किया। इस नतीजे के बाद केप वर्डे की नॉकआउट चरण में पहुंचने की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।


केविन पीना ने रचा इतिहास, विश्व कप में दागा केप वर्डे का पहला गोल

मैच के 21वें मिनट में केविन पीना ने शानदार फ्री-किक के जरिए इतिहास रच दिया। उनका दमदार शॉट उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुसलेरा को छकाते हुए सीधे गोलपोस्ट में जा पहुंचा। यह फीफा विश्व कप के इतिहास में केप वर्डे का पहला गोल था।


गोल होते ही स्टेडियम में मौजूद हजारों समर्थक खुशी से झूम उठे। पिछले मुकाबले में स्पेन जैसी दिग्गज टीम को रोकने के बाद यह टीम एक बार फिर सुर्खियों में आ गई।


उरुग्वे ने पहले हाफ में की दमदार वापसी

गोल खाने के बाद उरुग्वे ने आक्रामक रुख अपनाया और लगातार हमले किए। पहले हाफ के अंतिम चरण में मैक्सी अराउजो और अगस्टिन कैनोब्बियो ने कुछ ही मिनटों के अंतराल में गोल दागकर टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी।


उस समय ऐसा लग रहा था कि उरुग्वे मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लेगा, लेकिन केप वर्डे ने हार नहीं मानी।


हेलियो वरेला बने सुपर सब, दिलाई शानदार बराबरी

दूसरे हाफ में मैदान पर उतरे हेलियो वरेला ने मैच का सबसे महत्वपूर्ण गोल दागा। उन्होंने उरुग्वे के गोलकीपर मुसलेरा को आगे खड़ा देखकर लंबी दूरी से शानदार प्रयास किया, जो सीधे गोल में तब्दील हो गया।


यह वरेला के अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला गोल भी था। गोल करने के बाद उन्होंने साथियों के कंधों पर चढ़कर जश्न मनाया, जबकि उरुग्वे के खिलाड़ी निराश दिखाई दिए।


40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा फिर बने हीरो

केप वर्डे के 40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया। स्पेन के खिलाफ अपने बेहतरीन खेल से चर्चा में आए वोजिन्हा ने उरुग्वे के कई खतरनाक हमलों को नाकाम किया और टीम को मुकाबले में बनाए रखा।


इस मैच की खास बात यह भी रही कि विश्व कप इतिहास में पहली बार दोनों टीमों के शुरुआती गोलकीपर 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के थे। उरुग्वे के फर्नांडो मुसलेरा ने भी अपने करियर का 18वां विश्व कप मैच खेला।


नॉकआउट की दौड़ में मजबूत हुई केप वर्डे की दावेदारी

स्पेन और उरुग्वे जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ लगातार शानदार प्रदर्शन कर केप वर्डे ने साबित कर दिया है कि वह केवल भाग लेने नहीं, बल्कि इतिहास रचने आई है। लगातार दो बड़े नतीजों के बाद टीम की नॉकआउट चरण में पहुंचने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।


विश्व फुटबॉल के मंच पर केप वर्डे की यह शानदार कहानी अब दुनिया भर के प्रशंसकों को रोमांचित कर रही है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*