JanDrishti Today | नई दिल्ली: CISF Headquarters New Delhi को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार (Bandi Sanjay Kumar) ने नई दिल्ली के सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के नए मुख्यालय भवन की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने ₹136.03 करोड़ की लागत वाली कई महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं का उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण भी किया। सरकार का कहना है कि ये परियोजनाएं CISF की परिचालन क्षमता, प्रशिक्षण व्यवस्था और आधुनिक सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करेंगी।
नई CISF Headquarters Building बनेगी आधुनिक कमांड सेंटर
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा लगभग ₹75.78 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली यह नौ मंजिला आधुनिक इमारत CISF के प्रशासनिक, परिचालन और रणनीतिक कार्यों का प्रमुख केंद्र होगी। भवन में महानिदेशक कार्यालय, विभिन्न शाखाओं के कार्यालय, अत्याधुनिक कंट्रोल रूम, कॉन्फ्रेंस हॉल, ऑडिटोरियम, पुस्तकालय, जिम और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार का मानना है कि नया मुख्यालय भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है, जिससे बल की कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
₹136 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इनमें हैदराबाद स्थित नेशनल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी अकादमी (NISA) में ₹34.22 करोड़ की लागत से निर्मित अधीनस्थ अधिकारियों का मेस 'आदित्य', ₹20.53 करोड़ की लागत से तैयार आधुनिक प्रशिक्षण भवन 'अभ्यास' तथा तमिलनाडु के शिवगंगई जिले में चौथी रिजर्व बटालियन के लिए ₹5.50 करोड़ की लागत से बने आवासीय क्वार्टर शामिल हैं।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य CISF कर्मियों के प्रशिक्षण, आवास और सुविधाओं को बेहतर बनाना है ताकि बल आधुनिक सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक सक्षम बन सके।
शहीद CISF जवानों के परिवारों को मिली आर्थिक सहायता
समारोह के दौरान व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत दिवंगत CISF कर्मियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इसके अलावा 'संरक्षिका' और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की संयुक्त पहल के तहत दिव्यांग आश्रित बच्चों को विशेष मोटर चालित व्हीलचेयर भी प्रदान की गई।
इस पहल को बल के जवानों और उनके परिवारों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
CAPFs के कल्याण के लिए सरकार की कई योजनाएं
अपने संबोधन में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि आयुष्मान CAPF और CAPFIMS के माध्यम से कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं, CAPF e-Awas पोर्टल के जरिए पारदर्शी आवास आवंटन, ड्यूटी के दौरान दिव्यांग हुए जवानों के लिए सम्मानजनक सेवा और करियर प्रगति की नीति जैसी कई योजनाएं लागू की गई हैं। साथ ही Project MANN के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य सहायता और केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार नेटवर्क के जरिए वित्तीय राहत भी उपलब्ध कराई जा रही है।
CISF का बढ़ता दायरा और नई जिम्मेदारियां
CISF महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि वर्तमान समय में सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं। साइबर हमले, ड्रोन, डिजिटल तोड़फोड़ और हाइब्रिड सुरक्षा खतरे लगातार बढ़ रहे हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए CISF आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने हाल के वर्षों में CISF को कई नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जिससे देश की महत्वपूर्ण संस्थाओं और रणनीतिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा और मजबूत होगी।
Drone और Cyber Security पर विशेष फोकस
महानिदेशक ने बताया कि राजस्थान के RTC बहरोड़ को ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही CISF को देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को अवैध ड्रोन खतरों से सुरक्षित रखने के लिए नोडल एजेंसी भी बनाया गया है।
साइबर सुरक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए IIT Madras Pravartak, National Forensic Sciences University (NFSU) और C-DAC जैसे प्रमुख संस्थानों के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि गृह मंत्रालय ने हरियाणा के नूंह में CISF की पहली पूर्ण महिला रिजर्व बटालियन के गठन को मंजूरी दे दी है। इस बटालियन में 1,024 महिला कर्मी शामिल होंगी। इसे सुरक्षा बलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें नेतृत्व के अधिक अवसर देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
Blue Economy और Port Security में भी बढ़ेगी भूमिका
CISF को International Ship and Port Facility Security (ISPS) Code के तहत Recognized Security Organisation (RSO) का दर्जा भी प्राप्त हुआ है। इसके तहत बल देश के प्रमुख बंदरगाहों की सुरक्षा ऑडिट, मूल्यांकन और समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर की हाई सिक्योरिटी जेलों की सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा प्रबंधन में भी CISF की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ाई जा रही हैं।
निष्कर्ष
CISF Headquarters New Delhi परियोजना केवल एक नई इमारत का निर्माण नहीं बल्कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक, तकनीक आधारित और भविष्य के खतरों के अनुरूप मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ₹136 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, ड्रोन एवं साइबर सुरक्षा पर विशेष फोकस और महिला बटालियन के गठन जैसे कदम स्पष्ट संकेत देते हैं कि केंद्र सरकार आने वाले वर्षों में CISF को और अधिक सक्षम एवं आधुनिक सुरक्षा बल के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

