Delhi Stray Animal Attack: दिल्ली में आवारा पशु का आतंक, बीजेपी पार्षद शशि चंदना पर हमला, सिर और पसलियों में गंभीर चोट

Praveen Yadav
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नई दिल्ली: Delhi Stray Animal Attack ने एक बार फिर राजधानी में सड़क सुरक्षा और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्वी दिल्ली के मंडावली वार्ड से बीजेपी पार्षद शशि चंदना पर एक आवारा पशु ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस घटना में उनके सिर और पसलियों में चोट आई है। फिलहाल उनका इलाज पूर्वी दिल्ली के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है, जहां डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।

नई दिल्ली: Delhi Stray Animal Attack ने एक बार फिर राजधानी में सड़क सुरक्षा और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्वी दिल्ली के मंडावली वार्ड से बीजेपी पार्षद शशि चंदना पर एक आवारा पशु ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस घटना में उनके सिर और पसलियों में चोट आई है। फिलहाल उनका इलाज पूर्वी दिल्ली के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है, जहां डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।


दिल्ली में Stray Animal Attack News का यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब राजधानी में आवारा गायों और अन्य पशुओं की वजह से सड़क हादसों और लोगों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।


मंदिर से लौटते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, यह घटना 24 जून की सुबह करीब 10 बजे की है। मंडावली वार्ड से एमसीडी पार्षद और बीजेपी नेता शशि चंदना अपने क्षेत्र के एक मंदिर से पूजा करके वापस लौट रही थीं। तभी अचानक एक आवारा पशु तेज रफ्तार से उनकी ओर दौड़ता हुआ आया और उन पर हमला कर दिया।


समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में शशि चंदना ने बताया कि पशु ने उन्हें इतनी जोर से टक्कर मारी कि वह हवा में उछल गईं और सड़क पर गिर पड़ीं। गिरने के दौरान उनका सिर सड़क से टकराया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। इसके अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई हैं।


एमसीडी में कई बार की थी शिकायत

घटना के बाद शशि चंदना ने कहा कि उन्होंने अपने इलाके में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या को लेकर कई बार दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारियों से शिकायत की थी। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद इस दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।


उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते आवारा पशुओं को हटाने के लिए उचित कदम उठाए गए होते, तो शायद इस तरह की घटना नहीं होती। उनका कहना है कि यह सिर्फ उनके साथ हुई घटना नहीं है, बल्कि इलाके के आम लोग भी लंबे समय से इसी समस्या का सामना कर रहे हैं।


डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज

शशि चंदना के पति मोहन चंदना ने बताया कि उन्हें तुरंत पूर्वी दिल्ली के निर्माण विहार स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार करने के बाद कई जरूरी जांच कराई हैं। फिलहाल मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे चोटों की गंभीरता का सही आकलन हो सके।


उन्होंने बताया कि सिर की चोट के अलावा शशि चंदना की पसलियों में भी चोट आई है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आवश्यक उपचार जारी है।


गैरकानूनी डेयरियों पर लगाए गंभीर आरोप

मोहन चंदना ने घटना के बाद इलाके में संचालित अवैध डेयरियों पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कई लोग गैरकानूनी तरीके से डेयरी चलाते हैं और दूध निकालने के बाद गायों और अन्य पशुओं को सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं। यही पशु बाद में राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बन जाते हैं।


उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसी डेयरियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


दिल्ली में लगातार बढ़ रही है आवारा पशुओं की समस्या

Delhi Stray Animal News के बीच राजधानी में आवारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। दिल्ली के कई इलाकों में सड़कों पर घूमती गाय, बैल और अन्य मवेशी लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। स्थानीय निवासी लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं कि आवारा पशुओं की वजह से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।


विशेष रूप से सुबह और शाम के समय सड़कों पर आवारा पशुओं की संख्या अधिक दिखाई देती है। कई बार ये पशु अचानक सड़क पर आ जाते हैं, जिससे वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ जाता है और हादसे हो जाते हैं। अब बीजेपी पार्षद शशि चंदना पर हुए हमले के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।


MCD के आंकड़े क्या बताते हैं?

दिल्ली नगर निगम (MCD) के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 के दौरान राजधानी से 13,780 आवारा पशुओं को पकड़ा गया था। वहीं 2025-26 में यह संख्या 13,432 रही। इसके अलावा मौजूदा वित्तीय वर्ष में केवल मई महीने तक ही 2,121 आवारा पशु पकड़े जा चुके हैं।


ये आंकड़े बताते हैं कि नगर निगम लगातार अभियान चला रहा है, लेकिन इसके बावजूद राजधानी में आवारा पशुओं की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी है। कई इलाकों में आज भी लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।


बंदरों की समस्या भी बनी हुई है

दिल्ली में सिर्फ आवारा गाय और बैल ही नहीं, बल्कि बंदरों का आतंक भी लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है। एमसीडी के अनुसार, वर्ष 2024-25 में 1,483 बंदरों को पकड़ा गया था, जबकि 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 1,639 हो गई। इस वर्ष मई तक 389 बंदरों को भी पकड़ा जा चुका है।


इसके बावजूद राजधानी के कई इलाकों में बंदरों के हमले और लोगों को परेशान करने की शिकायतें लगातार सामने आती रहती हैं।


सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

Delhi BJP Councillor Attack की इस घटना ने एक बार फिर राजधानी की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को समय रहते हटाया जाए और अवैध डेयरियों पर सख्त कार्रवाई हो, तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।


शशि चंदना पर हुए हमले के बाद इलाके के लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि आवारा पशुओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।


निष्कर्ष

Delhi Stray Animal Attack की यह घटना सिर्फ एक जनप्रतिनिधि पर हमला नहीं, बल्कि राजधानी में लगातार बढ़ रही आवारा पशुओं की समस्या की गंभीर तस्वीर भी पेश करती है। फिलहाल शशि चंदना का इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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