FIFA World Cup 2026: 'ऐसा लग रहा है जैसे सपना देख रहा हूं', नॉकआउट में पहुंचने के बाद बोले काबो वर्डे के स्टार मिडफील्डर डेरॉय डुआर्टे

Praveen Yadav
0
नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में काबो वर्डे ने इतिहास रच दिया है। पहली बार टीम ने विश्व कप के नॉकआउट दौर में जगह बनाई है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद टीम के स्टार मिडफील्डर डेरॉय डुआर्टे की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वह कोई सपना देख रहे हों।

नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में काबो वर्डे ने इतिहास रच दिया है। पहली बार टीम ने विश्व कप के नॉकआउट दौर में जगह बनाई है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद टीम के स्टार मिडफील्डर डेरॉय डुआर्टे की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वह कोई सपना देख रहे हों।


ह्यूस्टन में खेले गए ग्रुप H के अपने आखिरी मुकाबले में काबो वर्डे ने सऊदी अरब के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेला। इस परिणाम के साथ टीम ने स्पेन के बाद ग्रुप में दूसरा स्थान हासिल किया और पहली बार राउंड ऑफ 32 के लिए क्वालिफाई कर लिया।


डेरॉय डुआर्टे ने जाहिर की खुशी

मैच के बाद डेरॉय डुआर्टे ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह पल उनके लिए अविश्वसनीय है। उन्होंने कहा कि बचपन से उनका सपना विश्व कप में खेलने का था और अब न सिर्फ वह इस मंच पर खेल रहे हैं बल्कि टीम के साथ इतिहास भी रच दिया है।


डुआर्टे ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं सपना देख रहा हूं। बचपन से विश्व कप में खेलने का सपना था। प्लेयर ऑफ द मैच बनना और इतिहास रचना, यह ऐसी उपलब्धि है जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।"


प्लेयर ऑफ द मैच बने डुआर्टे

सऊदी अरब के खिलाफ मुकाबले में डेरॉय डुआर्टे ने शानदार प्रदर्शन किया। मिडफील्ड में उन्होंने पूरे मैच के दौरान टीम का संतुलन बनाए रखा और विपक्षी टीम को ज्यादा मौके नहीं दिए। उनके शानदार खेल के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।


पहले जश्न, फिर अगले मुकाबले की तैयारी

डुआर्टे ने कहा कि फिलहाल पूरी टीम इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाना चाहती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दुनिया भर में रहने वाले सभी काबो वर्डे के लोग इस सफलता से खुश होंगे।


उन्होंने कहा कि अगले दिन से टीम पूरी तरह अगले मुकाबले की तैयारी में जुट जाएगी क्योंकि अब असली चुनौती नॉकआउट चरण में शुरू होगी।


अब अर्जेंटीना से होगी टक्कर

राउंड ऑफ 32 में काबो वर्डे का सामना मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना से होगा। इस चुनौतीपूर्ण मुकाबले को लेकर डुआर्टे ने कहा कि अर्जेंटीना दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक है, लेकिन फुटबॉल में कुछ भी संभव है।


उन्होंने कहा, "हां, अगला मुकाबला अर्जेंटीना से है। यह कठिन मैच होगा, लेकिन हमें विश्वास रखना होगा। फुटबॉल में कुछ भी संभव है।"


सबसे छोटे देशों में शामिल काबो वर्डे ने रचा इतिहास

काबो वर्डे विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश बन गया है। यह टीम दुनिया के उन सबसे छोटे देशों में शामिल है जिन्होंने फीफा विश्व कप के फाइनल चरण में जगह बनाई और अब नॉकआउट तक का सफर भी तय कर लिया है।


टीम ने ग्रुप चरण के तीनों मुकाबले ड्रॉ खेले, लेकिन लगातार अंक जुटाकर दूसरे स्थान पर रहते हुए अगले दौर का टिकट हासिल कर लिया। इससे पहले 1998 के विश्व कप में चिली ने अपने सभी ग्रुप मैच ड्रॉ खेलने के बावजूद अगले दौर में जगह बनाई थी। अब 28 साल बाद काबो वर्डे ने भी वही उपलब्धि दोहराई है।


टीम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

काबो वर्डे की यह सफलता सिर्फ एक टीम की जीत नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। सीमित संसाधनों और छोटे देश होने के बावजूद खिलाड़ियों ने दुनिया की बड़ी टीमों के सामने शानदार प्रदर्शन किया। यही वजह है कि अब फुटबॉल जगत में काबो वर्डे की जमकर चर्चा हो रही है।


अब सभी की नजर राउंड ऑफ 32 पर होगी, जहां काबो वर्डे इतिहास को और आगे बढ़ाने के इरादे से अर्जेंटीना के खिलाफ मैदान में उतरेगा।


डिफेंस बना काबो वर्डे की सबसे बड़ी ताकत

ग्रुप चरण में काबो वर्डे की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत रक्षापंक्ति रही। टीम ने स्पेन, उरुग्वे और सऊदी अरब जैसी टीमों के खिलाफ अनुशासित खेल दिखाया। खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में संयम बनाए रखा और मुश्किल परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी।


हालांकि टीम एक भी मैच नहीं जीत सकी, लेकिन लगातार तीन ड्रॉ के जरिए उसने यह साबित कर दिया कि बड़े मंच पर धैर्य और रणनीति भी जीत का रास्ता बना सकती है।


पूरे देश में जश्न का माहौल

काबो वर्डे के खिलाड़ियों की इस उपलब्धि के बाद पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर लाखों प्रशंसकों ने टीम को बधाई दी और खिलाड़ियों के संघर्ष की जमकर तारीफ की। फुटबॉल प्रेमी इस ऐतिहासिक सफलता को देश के खेल इतिहास का सबसे बड़ा पल मान रहे हैं।


डेरॉय डुआर्टे ने भी अपने बयान में देशवासियों का धन्यवाद किया और कहा कि यह उपलब्धि पूरे काबो वर्डे की है, केवल खिलाड़ियों की नहीं।


अर्जेंटीना के खिलाफ होगी असली परीक्षा

अब काबो वर्डे के सामने सबसे बड़ी चुनौती मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना होगी। अनुभव और स्टार खिलाड़ियों के मामले में अर्जेंटीना काफी मजबूत मानी जाती है, लेकिन काबो वर्डे की टीम आत्मविश्वास से भरी हुई है।


डुआर्टे का मानना है कि नॉकआउट मुकाबलों में कोई भी टीम छोटी या बड़ी नहीं होती। अगर खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें तो किसी भी मजबूत टीम को चुनौती दी जा सकती है।


फीफा विश्व कप 2026 में नया इतिहास

काबो वर्डे ने इस विश्व कप में कई नए रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। टीम नॉकआउट चरण में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश बन गई है। इसके अलावा 1998 के बाद यह पहली टीम है जिसने ग्रुप चरण के सभी मैच ड्रॉ खेलने के बावजूद अगले दौर में जगह बनाई है।


यह उपलब्धि दिखाती है कि फुटबॉल में सिर्फ बड़े नाम ही नहीं बल्कि मजबूत टीमवर्क, अनुशासन और आत्मविश्वास भी सफलता दिला सकता है।


मैच का परिणाम

  • काबो वर्डे : 0
  • सऊदी अरब : 0
  • प्लेयर ऑफ द मैच : डेरॉय डुआर्टे

ग्रुप H की अंतिम स्थिति

  • स्पेन - 7 अंक
  • काबो वर्डे - 3 अंक (तीनों मैच ड्रॉ)
  • उरुग्वे - 1 अंक
  • सऊदी अरब - 1 अंक

निष्कर्ष

फीफा विश्व कप 2026 में काबो वर्डे ने अपनी मेहनत, अनुशासन और शानदार टीम प्रदर्शन के दम पर इतिहास रच दिया है। डेरॉय डुआर्टे का 'सपना सच होने' वाला बयान इस उपलब्धि की अहमियत को दर्शाता है। 


अब पूरी दुनिया की नजर अर्जेंटीना के खिलाफ होने वाले राउंड ऑफ 32 मुकाबले पर होगी, जहां काबो वर्डे एक और बड़ा उलटफेर करने की कोशिश करेगा। अगर टीम इसी जज्बे के साथ खेलती रही तो वह विश्व फुटबॉल में नई पहचान बनाने में सफल हो सकती है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*