नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस ने अपने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए नॉर्वे को 4-1 से हराकर ग्रुप चरण का समापन जीत के साथ किया। इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो स्टार फॉरवर्ड उस्मान डेम्बेले रहे, जिन्होंने पहले हाफ में ही हैट्रिक लगाकर इतिहास रच दिया। उनकी शानदार पारी की बदौलत फ्रांस ने एकतरफा अंदाज में मुकाबला अपने नाम कर लिया और नॉकआउट दौर से पहले अपनी ताकत का जोरदार प्रदर्शन किया।
पहले हाफ में ही डेम्बेले का धमाका
मैच की शुरुआत से ही फ्रांस ने आक्रामक खेल दिखाया। सातवें मिनट में उस्मान डेम्बेले ने पहला गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 20वें मिनट में उन्होंने अपना दूसरा गोल किया। तीसरा गोल 32वें मिनट में आया, जिसमें कप्तान किलियन एमबाप्पे ने शानदार असिस्ट दिया।
सिर्फ 32 मिनट के अंदर हैट्रिक पूरी कर डेम्बेले ने न केवल मैच का रुख बदल दिया बल्कि गोल्डन बूट की दौड़ में भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी।
32 साल बाद बना बड़ा रिकॉर्ड
डेम्बेले फीफा वर्ल्ड कप में पहले हाफ में हैट्रिक लगाने वाले 32 वर्षों में पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले 1994 वर्ल्ड कप में रूस के ओलेग सालेंको ने कैमरून के खिलाफ पहले हाफ में तीन गोल किए थे। सालेंको ने उस मैच में कुल पांच गोल दागे थे, जो आज भी वर्ल्ड कप के सबसे यादगार रिकॉर्ड में शामिल है।
अब डेम्बेले का नाम भी वर्ल्ड कप इतिहास के खास खिलाड़ियों की सूची में दर्ज हो गया है।
फ्रांस ने ग्रुप चरण किया शानदार अंदाज में खत्म
फ्रांस पहले ही नॉकआउट दौर में अपनी जगह पक्की कर चुका था, लेकिन इसके बावजूद टीम ने कोई ढिलाई नहीं दिखाई। मैच के आखिरी क्षणों में डिज़िरे डुए ने इंजरी टाइम में चौथा गोल कर फ्रांस की जीत को और शानदार बना दिया।
दूसरी ओर नॉर्वे ने भी राउंड ऑफ 32 के लिए क्वालिफाई कर लिया है, लेकिन उसे ग्रुप में दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।
गोल्डन बूट की रेस हुई रोमांचक
डेम्बेले की इस हैट्रिक के बाद गोल्डन बूट की रेस और भी दिलचस्प हो गई है। अब तक लियोनेल मेसी और किलियन एमबाप्पे को इस पुरस्कार का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था, लेकिन डेम्बेले ने एक ही मुकाबले में तीन गोल कर पूरी तस्वीर बदल दी है।
फ्रांस के लिए यह अच्छी खबर है कि उसके तीन बड़े स्टार खिलाड़ी लगातार शानदार फॉर्म में दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में टीम खिताब जीतने की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हो गई है।
डेम्बेले ने क्या कहा?
मैच के बाद डेम्बेले ने अपनी उपलब्धि पर खुशी जताई लेकिन टीम की सफलता को ज्यादा अहम बताया। उन्होंने कहा कि यह पल उनके लिए बेहद खास है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फ्रांस ने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया है। अब पूरी टीम का ध्यान राउंड ऑफ 32 पर है, जहां हर मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।
उन्होंने कहा कि फ्रांस हर मैच जीतने के इरादे से मैदान में उतरता है और टीम का फोकस लगातार बना हुआ है।
फ्रांस की शानदार लय जारी
फ्रांस ने ग्रुप चरण के तीन मुकाबलों में कुल 10 गोल किए हैं, जो उसकी मजबूत आक्रमण क्षमता को दर्शाता है। टीम के पास डेम्बेले, एमबाप्पे और अन्य स्टार खिलाड़ियों का बेहतरीन संयोजन है, जिससे विपक्षी टीमों के लिए उसे रोकना आसान नहीं होगा।
रक्षा और मिडफील्ड में भी फ्रांस का प्रदर्शन संतुलित रहा है। यही वजह है कि टीम लगातार अच्छे नतीजे हासिल कर रही है और खिताब की सबसे बड़ी दावेदार मानी जा रही है।
अब नॉकआउट पर नजर
ग्रुप चरण खत्म होने के बाद अब फ्रांस की नजर राउंड ऑफ 32 पर होगी। अगर डेम्बेले इसी फॉर्म को बरकरार रखते हैं तो फ्रांस के लिए एक बार फिर विश्व चैंपियन बनने का सपना साकार हो सकता है। वहीं फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें भी अब डेम्बेले, एमबाप्पे और मेसी जैसे खिलाड़ियों पर रहेंगी कि आखिर गोल्डन बूट की इस रोमांचक दौड़ में कौन बाजी मारता है।
नॉर्वे की कमजोर शुरुआत पड़ी भारी
नॉर्वे की टीम मैच की शुरुआत से ही दबाव में दिखाई दी। फ्रांस के लगातार हमलों के सामने उसकी रक्षापंक्ति पूरी तरह बिखर गई। पहले हाफ में तीन गोल खाने के बाद टीम के लिए वापसी करना बेहद मुश्किल हो गया। दूसरे हाफ में नॉर्वे ने कुछ मौके जरूर बनाए और एक गोल भी किया, लेकिन तब तक मुकाबला उसके हाथ से निकल चुका था।
टीम के स्टार खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन फ्रांस की मजबूत डिफेंस और तेज आक्रमण के सामने वे ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके।
एमबाप्पे और डेम्बेले की शानदार साझेदारी
फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे भले ही इस मुकाबले में गोल नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने अपनी कप्तानी और टीम प्ले से सभी का दिल जीत लिया। डेम्बेले के तीसरे गोल में उनका शानदार असिस्ट देखने को मिला। दोनों खिलाड़ियों के बीच मैदान पर बेहतरीन तालमेल नजर आया, जो आने वाले मुकाबलों में विपक्षी टीमों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
फ्रांस की कोचिंग टीम भी इस प्रदर्शन से काफी संतुष्ट नजर आई। लगातार तीसरी जीत ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया है।
वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे तेज हैट्रिक किसके नाम?
डेम्बेले ने भले ही पहले हाफ में हैट्रिक लगाकर इतिहास रच दिया हो, लेकिन फीफा वर्ल्ड कप की सबसे तेज हैट्रिक का रिकॉर्ड अब भी हंगरी के लास्ज़लो किस के नाम दर्ज है। उन्होंने 1982 वर्ल्ड कप में एल सल्वाडोर के खिलाफ बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतरकर केवल 7 मिनट 42 सेकंड में तीन गोल दाग दिए थे। यह रिकॉर्ड आज भी कायम है।
हालांकि डेम्बेले की उपलब्धि इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने पहले हाफ में ही तीन गोल पूरे किए और 32 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया।
फ्रांस के खिताब जीतने की उम्मीद बढ़ी
फ्रांस ने जिस तरह ग्रुप चरण में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है, उससे साफ है कि टीम इस बार भी विश्व कप जीतने की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल है। 2018 की विश्व विजेता और 2022 की उपविजेता फ्रांस के पास अनुभव और युवा खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण है।
टीम की सबसे बड़ी ताकत उसका आक्रमण है, जहां डेम्बेले, एमबाप्पे और अन्य खिलाड़ी लगातार गोल कर रहे हैं। यदि यही लय नॉकआउट मुकाबलों में भी जारी रहती है तो फ्रांस के लिए ट्रॉफी तक का सफर आसान हो सकता है।
मैच का स्कोर
- फ्रांस: 4
- नॉर्वे: 1
- उस्मान डेम्बेले: 3 गोल (7वां, 20वां और 32वां मिनट)
- डिज़िरे डुए: 1 गोल (इंजरी टाइम)
निष्कर्ष
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह खिताब की सबसे बड़ी दावेदार टीमों में क्यों शामिल है। उस्मान डेम्बेले की ऐतिहासिक हैट्रिक ने न सिर्फ टीम को शानदार जीत दिलाई बल्कि गोल्डन बूट की रेस को भी रोमांचक बना दिया। अब फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें राउंड ऑफ 32 पर होंगी, जहां फ्रांस अपनी इसी लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगा।

