FIFA World Cup 2026: ईरान के खिलाफ मुकाबले से बाहर हुए जेरेमी डोकू, बेल्जियम को लगा बड़ा झटका

Praveen Yadav
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FIFA World Cup 2026 में अपने दूसरे ग्रुप मुकाबले की तैयारी कर रही बेल्जियम की टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के सबसे खतरनाक आक्रमणकारी खिलाड़ियों में शामिल स्टार विंगर जेरेमी डोकू ईरान के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से बाहर हो गए हैं।

अपडेट: 21 जून 2026 | स्थान: लॉस एंजिलिस, अमेरिका

Key Highlights

  • बेल्जियम के स्टार विंगर जेरेमी डोकू ईरान के खिलाफ मैच से बाहर हुए।
  • श्वसन संक्रमण और सांस लेने में दिक्कत के कारण लिया गया फैसला।
  • डोकू ने एंटीबायोटिक उपचार शुरू किया।
  • बेल्जियम के लिए ग्रुप G का मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण।
  • लियेंड्रो ट्रोसार्ड को बाएं विंग पर बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
  • डोडी लुकेबाकियो, एलेक्सिस सालेमेकर्स और चार्ल्स डी केटेलाएरे विकल्प के रूप में मौजूद।
  • ग्रुप G की चारों टीमें फिलहाल एक-एक अंक पर बराबर हैं।

विश्व कप के बीच बेल्जियम को लगा बड़ा झटका

FIFA World Cup 2026 में अपने दूसरे ग्रुप मुकाबले की तैयारी कर रही बेल्जियम की टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के सबसे खतरनाक आक्रमणकारी खिलाड़ियों में शामिल स्टार विंगर जेरेमी डोकू ईरान के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से बाहर हो गए हैं।


मैनचेस्टर सिटी के लिए खेलने वाले 24 वर्षीय डोकू पिछले कुछ सप्ताह से श्वसन संक्रमण और सांस लेने से जुड़ी समस्या से जूझ रहे थे। हालांकि शुरुआती संकेतों से लग रहा था कि वह पूरी तरह फिट होकर टीम में वापसी कर चुके हैं, लेकिन लॉस एंजिलिस में उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई।


बेल्जियम टीम प्रबंधन और मेडिकल स्टाफ ने जोखिम लेने के बजाय उन्हें आराम देने का फैसला किया है ताकि वह टूर्नामेंट के आगामी मुकाबलों के लिए पूरी तरह फिट हो सकें।


प्रशिक्षण सत्र से अनुपस्थित रहे डोकू

ईरान के खिलाफ मुकाबले से पहले बेल्जियम टीम ने कैलिफोर्निया में अभ्यास सत्र आयोजित किया था। इस दौरान जेरेमी डोकू मैदान पर नजर नहीं आए।


उनकी अनुपस्थिति ने पहले ही संकेत दे दिया था कि खिलाड़ी की फिटनेस को लेकर कुछ समस्या है। बाद में मेडिकल जांच और सलाह के बाद पुष्टि हुई कि डोकू चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे।


विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में यह बेल्जियम के लिए चिंता का विषय है क्योंकि डोकू टीम के सबसे तेज और रचनात्मक खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।


कई सप्ताह से चल रही थी स्वास्थ्य समस्या

रिपोर्ट्स के अनुसार डोकू पिछले कई सप्ताह से सांस लेने में कठिनाई महसूस कर रहे थे। वह गंभीर सर्दी और श्वसन संक्रमण से उबर रहे थे और इसी स्थिति में बेल्जियम टीम के साथ विश्व कप में शामिल हुए थे।


इसके बावजूद उन्होंने टीम के पहले ग्रुप मैच में मिस्र के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। दूसरे हाफ में उनकी ऊर्जा और आक्रामक खेल ने यह संकेत दिया था कि वह पूरी तरह फिट हो चुके हैं।


लेकिन लॉस एंजिलिस पहुंचने के बाद शनिवार रात उनकी स्थिति फिर खराब हो गई, जिसके बाद मेडिकल टीम को हस्तक्षेप करना पड़ा।


एंटीबायोटिक उपचार शुरू

बेल्जियम फुटबॉल संघ ने पुष्टि की है कि डोकू ने एंटीबायोटिक उपचार शुरू कर दिया है। टीम का लक्ष्य उन्हें जल्द से जल्द पूरी तरह फिट बनाना है।


टीम प्रबंधन का मानना है कि वर्तमान समय में आराम सबसे बेहतर विकल्प है, ताकि खिलाड़ी आगामी मुकाबलों और संभावित नॉकआउट चरण के लिए तैयार रह सके।


खिलाड़ी की रिकवरी पर लगातार नजर रखी जा रही है और मेडिकल स्टाफ नियमित रूप से उनकी स्थिति का मूल्यांकन कर रहा है।


खेल निदेशक ने दिया बड़ा बयान

बेल्जियम के खेल निदेशक विंसेंट मानार्ट ने कहा कि डोकू को फिलहाल आराम देना ही सही फैसला है।


उन्होंने कहा कि अभी खिलाड़ी को आराम करने दिया जाए और फिर अंतिम ग्रुप मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी वापसी पर काम किया जाए।


इस बयान से स्पष्ट है कि बेल्जियम टीम प्रबंधन डोकू की फिटनेस को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।


कोच गार्सिया के सामने चयन की चुनौती

डोकू की अनुपस्थिति ने मुख्य कोच गार्सिया के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। टीम के आक्रमण में डोकू की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।


उनकी गति, ड्रिब्लिंग क्षमता और एक-के-बनाम-एक परिस्थितियों में विपक्षी डिफेंडरों को पछाड़ने की कला बेल्जियम की रणनीति का प्रमुख हिस्सा रही है।


ऐसे में उनके बाहर होने से टीम की आक्रमण क्षमता प्रभावित हो सकती है।


कौन ले सकता है डोकू की जगह?

डोकू की अनुपस्थिति में लियेंड्रो ट्रोसार्ड को उनके पसंदीदा बाएं विंग की भूमिका में खेलने का अवसर मिल सकता है।


वहीं दाएं विंग के लिए कई खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। डोडी लुकेबाकियो, एलेक्सिस सालेमेकर्स और चार्ल्स डी केटेलाएरे संभावित विकल्पों में शामिल हैं।


कोचिंग स्टाफ अब अंतिम समय तक टीम संयोजन पर विचार करेगा ताकि ईरान के खिलाफ सबसे मजबूत एकादश मैदान पर उतारी जा सके।


ग्रुप G में बेहद रोमांचक स्थिति

FIFA World Cup 2026 का ग्रुप G अब तक टूर्नामेंट के सबसे प्रतिस्पर्धी समूहों में से एक साबित हुआ है।


पहले दौर के मुकाबलों के बाद बेल्जियम, ईरान, मिस्र और न्यूजीलैंड चारों टीमें एक-एक अंक के साथ बराबरी पर हैं।


ऐसी स्थिति में प्रत्येक मुकाबले का महत्व कई गुना बढ़ जाता है और छोटी सी चूक भी किसी टीम के लिए भारी पड़ सकती है।


ईरान के खिलाफ मुकाबला क्यों है अहम?

ईरान के खिलाफ जीत बेल्जियम को राउंड ऑफ 16 की दौड़ में मजबूत स्थिति में पहुंचा सकती है। दूसरी ओर हार या ड्रॉ की स्थिति में टीम पर अंतिम मुकाबले में अतिरिक्त दबाव बन जाएगा।


इसी कारण बेल्जियम की टीम इस मैच को निर्णायक मान रही है। हालांकि डोकू की गैरमौजूदगी से टीम की योजनाओं पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।


ईरान भी इस मुकाबले में जीत हासिल कर नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाना चाहेगा।


विश्व कप में डोकू की भूमिका

पिछले कुछ वर्षों में जेरेमी डोकू बेल्जियम फुटबॉल के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में उभरे हैं। उनकी तेज रफ्तार और रचनात्मक खेल शैली ने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ युवा विंगरों में शामिल किया है।


मैनचेस्टर सिटी में उनके प्रदर्शन ने भी उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान दिलाई है। ऐसे में विश्व कप के अहम चरण में उनका बाहर होना बेल्जियम के लिए चिंता का विषय है।


हालांकि टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर मैदान पर वापसी करेंगे।


निष्कर्ष

FIFA World Cup 2026 में बेल्जियम को ईरान के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले बड़ा झटका लगा है। स्टार विंगर जेरेमी डोकू की अनुपस्थिति टीम की आक्रमण रणनीति को प्रभावित कर सकती है।


फिलहाल बेल्जियम की प्राथमिकता खिलाड़ी की पूरी तरह रिकवरी सुनिश्चित करना है ताकि वह टूर्नामेंट के आगे के चरणों में टीम की मदद कर सकें। दूसरी ओर, ईरान के खिलाफ मुकाबला बेल्जियम की विश्व कप यात्रा के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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