फिलाडेल्फिया: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पांच बार की चैंपियन ब्राज़ील ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हैती को 3-0 से हराकर नॉकआउट दौर की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिया। इस मुकाबले में स्टार स्ट्राइकर मैथियस कुन्हा ने दो गोल दागकर इतिहास रच दिया। उनकी यह उपलब्धि फीफा वर्ल्ड कप में ब्राज़ील के लिए किसी खिलाड़ी द्वारा पहले हाफ में दो या उससे अधिक गोल करने की 10वीं घटना बन गई, जो किसी भी देश द्वारा सबसे ज्यादा है।
कार्लो एंचेलोटी की टीम अपने पहले मुकाबले में मोरक्को के खिलाफ 1-1 की निराशाजनक बराबरी के बाद दबाव में थी, लेकिन हैती के खिलाफ उसने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। दूसरी ओर, हैती अपने पहले मैच में स्कॉटलैंड से हारने के बावजूद बेहतर प्रदर्शन के भरोसे मैदान में उतरा था।
राफिन्हा का गोल ऑफसाइड, फिर कुन्हा ने संभाली कमान
ब्राज़ील ने मैच की शुरुआत तेज़ अंदाज़ में की और शुरुआती मिनटों में ही बढ़त बना ली थी, लेकिन राफिन्हा का गोल ऑफसाइड करार दिया गया। हालांकि इससे टीम का आत्मविश्वास नहीं डिगा।
पहला गोल मैच के मध्य में आया जब विनीसियस जूनियर के जोरदार शॉट को हैती के गोलकीपर जॉनी प्लासिडे ने रोक लिया, लेकिन गेंद पर सबसे पहले मैथियस कुन्हा पहुंचे और रिबाउंड को गोल में बदल दिया।
कुन्हा का दूसरा गोल बना रिकॉर्ड
पहले गोल के कुछ ही मिनट बाद विनीसियस जूनियर ने बेहतरीन पास देकर कुन्हा को मौका दिया। मैनचेस्टर यूनाइटेड के इस स्टार फॉरवर्ड ने शानदार दौड़ लगाते हुए गेंद को सीधे नेट की छत में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ कुन्हा ने विश्व कप इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
ईएसपीएन के अनुसार, फीफा वर्ल्ड कप में किसी ब्राज़ीली खिलाड़ी द्वारा पहले हाफ में दो या उससे अधिक गोल करने का यह 10वां अवसर है। इससे पहले 2014 विश्व कप में कैमरून के खिलाफ नेमार ने यह कारनामा किया था।
विनीसियस जूनियर का भी शानदार योगदान
ब्राज़ील की जीत में विनीसियस जूनियर की भूमिका भी बेहद अहम रही। उन्होंने एक गोल करने के साथ-साथ कुन्हा के दूसरे गोल में असिस्ट भी किया। पूरे मैच में उनकी गति और आक्रमण ने हैती की रक्षा पंक्ति को लगातार परेशान रखा।
ग्रुप सी में शीर्ष पर पहुंचा ब्राज़ील
इस जीत के साथ ब्राज़ील के दो मैचों में चार अंक हो गए हैं। मोरक्को के भी चार अंक हैं, लेकिन बेहतर गोल अंतर के आधार पर ब्राज़ील ग्रुप सी में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।
अब ब्राज़ील का अगला मुकाबला स्कॉटलैंड से होगा, जहां जीत या ड्रॉ उसे आसानी से राउंड ऑफ 32 में पहुंचा सकता है।
हैती का सफर हुआ समाप्त
1974 के बाद पहली बार विश्व कप में पहुंची हैती की टीम के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। लगातार दूसरी हार के बाद उसकी नॉकआउट चरण में पहुंचने की उम्मीदें पूरी तरह समाप्त हो गई हैं। हालांकि दूसरे हाफ में टीम ने बेहतर खेल दिखाया, लेकिन वह गोल करने में सफल नहीं हो सकी।
ब्राज़ील के लिए यह जीत सिर्फ तीन अंक नहीं बल्कि आत्मविश्वास की बड़ी वापसी भी है। मैथियस कुन्हा और विनीसियस जूनियर की शानदार साझेदारी ने संकेत दे दिया है कि सेलेकाओ इस बार विश्व कप खिताब की दौड़ में मजबूती से मौजूद है।

