मैनचेस्टर: ICC Women's T20 World Cup 2026 में भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाले अहम मुकाबले से पहले टीम इंडिया की स्टार बल्लेबाज Shafali Verma ने बड़ा बयान दिया है। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर शैफाली ने कहा कि अब वह खुद को सिर्फ बल्लेबाज नहीं बल्कि एक ऑलराउंडर मानती हैं।
महिला टी20 विश्व कप 2026 में शैफाली वर्मा भारत के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने गेंदबाजी में भी प्रभाव छोड़ा था और अब उन्होंने खुलकर बताया है कि वह लंबे समय से अपनी गेंदबाजी पर काम कर रही हैं।
‘अब मैं ऑलराउंडर हूं’
बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में शैफाली वर्मा से पूछा गया कि क्या वह खुद को अब ऑलराउंडर मानती हैं? इस सवाल पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "हां, अब मैं खुद को ऑलराउंडर कहूंगी।"
उन्होंने बताया कि घरेलू क्रिकेट में हरियाणा टीम के लिए खेलते समय वह नियमित रूप से गेंदबाजी करती रही हैं। कप्तानी के दौरान भी उन्होंने खुद गेंदबाजी की जिम्मेदारी ली और हमेशा यह सोचती थीं कि अगर भारतीय टीम के लिए मौका मिला तो वह क्या कर सकती हैं।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ निभाई अहम भूमिका
South Africa Women के खिलाफ मुकाबले में शैफाली ने नई गेंद से गेंदबाजी की थी। उन्होंने चार ओवर के अपने स्पेल में सिर्फ 22 रन दिए और एक महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किया।
सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने पारी का पहला ओवर फेंका और काफी किफायती गेंदबाजी की। उन्होंने बताया कि वह इस स्थिति के लिए पहले से मानसिक रूप से तैयार थीं।
शैफाली ने कहा, "मैंने इस पल की कल्पना पहले ही कर ली थी। मैंने इसके लिए काफी मेहनत की थी और उसी का फायदा मुझे मैच में मिला। जब भी टीम को जरूरत होगी, मैं अपना योगदान देना चाहूंगी।"
पिता और भाई ने दिलाई गेंदबाजी की प्रेरणा
भारतीय सलामी बल्लेबाज ने अपने बचपन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनके पिता और भाई ने उन्हें गेंदबाजी के लिए हमेशा प्रेरित किया।
शैफाली ने कहा, "मेरा भाई लेग स्पिनर है और वह हमेशा कहता था कि मुझे भी गेंदबाजी करनी चाहिए। मेरे पिता भी बचपन से यही कहते थे। अब जब मैं भारतीय टीम के लिए गेंदबाजी कर रही हूं तो वह काफी खुश हैं।"
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनके पिता अब उन्हें याद दिलाते हैं कि गेंदबाजी का अभ्यास करवाने का फैसला सही था।
भारत के लिए करो या मरो का मुकाबला
महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत की स्थिति फिलहाल चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद टीम के सामने सेमीफाइनल की उम्मीदें बनाए रखने के लिए बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दर्ज करना बेहद जरूरी हो गया है।
शैफाली ने साफ कहा कि टीम किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं ले रही है।
उन्होंने कहा, "हम किसी भी टीम को हल्के में नहीं ले सकते। बांग्लादेश भी यहां अच्छा क्रिकेट खेलने आया है। हमारा पूरा ध्यान अगले मैच पर है और हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं।"
हार के बाद टीम का मनोबल गिरा था
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद भारतीय टीम का मनोबल प्रभावित हुआ था। हालांकि टीम ने आपसी बातचीत और टीम गतिविधियों के जरिए खुद को फिर से तैयार किया है।
शैफाली ने कहा, "हार के बाद सभी निराश थे, लेकिन हमने एक-दूसरे को प्रेरित किया। अब हमारा पूरा फोकस बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले मुकाबलों पर है।"
बांग्लादेश को भी है उलटफेर की उम्मीद
दूसरी ओर बांग्लादेश की बल्लेबाज Sobhana Mostary ने भी मुकाबले से पहले आत्मविश्वास जताया है। उनका मानना है कि अगर उनकी टीम अपने दिन पर अच्छा क्रिकेट खेलती है तो भारत को चुनौती दे सकती है।
सोभाना ने कहा कि भारत एक मजबूत टीम है, लेकिन क्रिकेट में किसी भी दिन कुछ भी हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कॉटलैंड में खेली गई त्रिकोणीय सीरीज ने उनकी टीम को इंग्लैंड की परिस्थितियों के लिए तैयार होने में मदद की।
भारत की नजर सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने पर
Old Trafford में होने वाला यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हार की स्थिति में भारत की सेमीफाइनल की राह लगभग बंद हो सकती है, जबकि जीत टीम को अंतिम चार की दौड़ में बनाए रखेगी।
ऐसे में कप्तान Harmanpreet Kaur, Smriti Mandhana और Shafali Verma जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। खास तौर पर शैफाली वर्मा जिस आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे रही हैं, वह भारत के लिए बड़ी सकारात्मक खबर है।

