रॉटरडैम: FIH Hockey Pro League 2025-26 के रॉटरडैम चरण में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मौजूदा विश्व चैंपियन जर्मनी के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी पलों में मैच हाथ से निकल गया। भारत को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा।
मैच के अधिकांश समय तक भारतीय टीम बढ़त बनाए हुए थी और ऐसा लग रहा था कि वह विश्व चैंपियन जर्मनी के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज कर लेगी। लेकिन अंतिम चार मिनट में जर्मनी ने दो गोल दागकर मुकाबले का रुख बदल दिया और भारत से जीत छीन ली।
शुरुआत से आक्रामक दिखी भारतीय टीम
मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम आत्मविश्वास से भरी नजर आई। कप्तान और कोचिंग स्टाफ की रणनीति मैदान पर साफ दिखाई दे रही थी। भारत ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार जर्मनी के क्षेत्र में दबाव बनाने की कोशिश की।
मजबूत डिफेंस की बदौलत भारतीय खिलाड़ियों ने जर्मनी को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। विश्व चैंपियन टीम होने के बावजूद जर्मनी पहले हाफ में ज्यादा खतरनाक मौके नहीं बना सकी।
दूसरे क्वार्टर में बढ़ाया दबाव
दूसरे क्वार्टर में भारत ने अपनी गति और तेज कर दी। खिलाड़ियों ने हाई प्रेस का इस्तेमाल करते हुए जर्मन खिलाड़ियों से कई बार गेंद छीनी और उन्हें गलती करने पर मजबूर किया।
इस दौरान भारत को पहला बड़ा मौका मिला जब अभिषेक ने शानदार मूव तैयार किया। भारतीय आक्रमण ने जर्मनी की रक्षा पंक्ति को पूरी तरह चकमा दिया, लेकिन अंतिम क्षणों में गोल नहीं हो सका।
हालांकि भारत का खेल देखकर साफ लग रहा था कि टीम गोल के बेहद करीब है और जर्मनी पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
100वें मैच में जुगराज सिंह ने किया यादगार गोल
तीसरे क्वार्टर में भारत को आखिरकार मेहनत का फल मिला। टीम को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस मौके को जुगराज सिंह ने शानदार तरीके से भुनाया।
38वें मिनट में जुगराज सिंह ने दमदार ड्रैग-फ्लिक लगाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया और भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी।
यह गोल उनके लिए और भी खास रहा क्योंकि वह अपना 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे थे। ऐसे खास मौके पर गोल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए यादगार उपलब्धि माना जाता है।
गोलकीपर मोहित एचएस ने बचाई बढ़त
भारत की बढ़त के बाद जर्मनी ने वापसी की कोशिशें तेज कर दीं। तीसरे क्वार्टर के अंतिम चरण में जर्मनी को लगातार कुछ पेनल्टी कॉर्नर मिले।
हालांकि भारतीय गोलकीपर मोहित एचएस चट्टान की तरह डटे रहे। उन्होंने शानदार बचाव करते हुए जर्मनी को बराबरी का गोल करने से रोका।
मोहित के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत अंतिम क्वार्टर में 1-0 की बढ़त के साथ पहुंचा।
भारत के पास बढ़त दोगुनी करने के मौके
चौथे और अंतिम क्वार्टर में भारत के पास मैच को पूरी तरह अपने पक्ष में करने का अवसर था। टीम को कुछ और पेनल्टी कॉर्नर मिले और खुले खेल में भी गोल के मौके बने।
शिलानंद लाकड़ा के पास भी एक अच्छा मौका आया, लेकिन भारतीय टीम उसे गोल में नहीं बदल सकी। यही चूक बाद में भारत को भारी पड़ गई।
यदि भारत इनमें से किसी एक मौके को भी गोल में बदल देता तो जर्मनी की वापसी लगभग असंभव हो जाती।
चार मिनट में बदल गया पूरा मैच
मैच के अंतिम मिनटों में जर्मनी ने अपना पूरा जोर लगा दिया। लगातार हमलों के बीच उन्हें 56वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला।
जस्टस वाइगैंड ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और शानदार कन्वर्जन करते हुए स्कोर 1-1 कर दिया।
इस गोल के बाद जर्मनी का आत्मविश्वास बढ़ गया जबकि भारतीय टीम दबाव में आ गई। मुकाबला अब पूरी तरह खुल चुका था और दोनों टीमें जीत के लिए प्रयास कर रही थीं।
आखिरी सेकंड में जर्मनी ने मारी बाजी
जब लग रहा था कि मुकाबला ड्रॉ पर खत्म होगा, तभी जर्मनी को मैच समाप्त होने से कुछ सेकंड पहले एक और पेनल्टी कॉर्नर मिल गया।
इस बार जैकब ब्रिला ने कोई गलती नहीं की और गेंद को गोल में पहुंचाकर जर्मनी को 2-1 की बढ़त दिला दी।
गोल होते ही अंतिम हूटर बज गया और भारत के हाथ से जीत ही नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण अंक भी निकल गया।
हार के बावजूद भारत ने दिखाई दमदार हॉकी
स्कोरलाइन भले ही भारत के पक्ष में नहीं रही, लेकिन पूरे मैच में भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा। विश्व चैंपियन जर्मनी के खिलाफ भारत ने लंबे समय तक खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और कई मौकों पर विपक्षी टीम को संघर्ष करने पर मजबूर किया।
कोचिंग स्टाफ को इस मैच से कई सकारात्मक बातें मिली होंगी, खासकर टीम की डिफेंसिव संरचना, मिडफील्ड नियंत्रण और आक्रामक प्रेसिंग को लेकर।
हालांकि अंतिम मिनटों में पेनल्टी कॉर्नर डिफेंड करने में हुई चूक और मिले मौकों को गोल में नहीं बदल पाना टीम के लिए चिंता का विषय रहेगा।
अब नीदरलैंड्स से होगी अगली चुनौती
भारतीय टीम अब अपने अगले मुकाबले में मेजबान नीदरलैंड्स का सामना करेगी। यह मैच 21 जून को भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे खेला जाएगा।
भारत चाहेगा कि जर्मनी के खिलाफ किए गए अच्छे प्रदर्शन को बरकरार रखते हुए अगला मुकाबला अपने नाम करे और अंक तालिका में मजबूत स्थिति हासिल करे।
निष्कर्ष
FIH Hockey Pro League 2025-26 में भारत को जर्मनी के खिलाफ हार जरूर मिली, लेकिन टीम ने विश्व चैंपियन को कड़ी टक्कर देकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। जुगराज सिंह का 100वें अंतरराष्ट्रीय मैच में गोल, मोहित एचएस की शानदार गोलकीपिंग और पूरे मैच में भारतीय टीम का दबदबा सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि आखिरी चार मिनट में दो गोल खाकर हारना टीम और प्रशंसकों के लिए निराशाजनक जरूर रहा।

