Lorcan Tucker ने जीत को बताया 'बेहद खास', डेब्यू खिलाड़ियों की जमकर की तारीफ

Praveen Yadav
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आयरलैंड के कप्तान लॉर्कन टकर ने भारत पर मिली ऐतिहासिक जीत को अपने करियर के सबसे खास पलों में से एक बताया। बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में आयरलैंड ने टी20 विश्व चैंपियन भारत को 34 रन से हराकर पहली बार किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में मात दी। मैच के बाद टकर ने कहा कि घरेलू मैदान पर विश्व चैंपियन टीम को हराना पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।
बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में आयरलैंड ने टी20 विश्व चैंपियन भारत को 34 रन से हराकर पहली बार किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में मात दी।

आयरलैंड के कप्तान लॉर्कन टकर ने भारत पर मिली ऐतिहासिक जीत को अपने करियर के सबसे खास पलों में से एक बताया। बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में आयरलैंड ने टी20 विश्व चैंपियन भारत को 34 रन से हराकर पहली बार किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में मात दी। मैच के बाद टकर ने कहा कि घरेलू मैदान पर विश्व चैंपियन टीम को हराना पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।


टकर ने कहा, "घरेलू मैदान पर विश्व चैंपियन को हराना बेहद खास एहसास है। यह हमारे सीजन का पहला टी20 मैच था और खिलाड़ियों ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, वह शानदार था। हमारे दो डेब्यू खिलाड़ियों ने अविश्वसनीय प्रदर्शन किया। क्रिकेट आयरलैंड और सपोर्ट स्टाफ की मेहनत का ही नतीजा है कि हमें ऐसे परिणाम देखने को मिल रहे हैं।"


आयरलैंड की बल्लेबाजी की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और टीम ने पावरप्ले में ही तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद कप्तान टकर ने जिम्मेदारी संभालते हुए 36 गेंदों में 50 रन बनाए। उन्होंने गैरेथ डेलानी के साथ 64 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को 182 रन तक पहुंचाया। इसी दौरान टकर पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कप्तान के रूप में अपने शुरुआती तीन मैचों में लगातार तीन अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी भी बन गए।


भारत की गेंदबाजी से मिली सीख, उसी रणनीति से मिली सफलता

टकर ने माना कि भारतीय तेज गेंदबाजों ने शुरुआत में शानदार गेंदबाजी की थी और उसी रणनीति को अपनाकर आयरलैंड के गेंदबाजों ने भी भारत को दबाव में रखा। उन्होंने कहा कि शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल था और कुछ समय के लिए मैच टेस्ट क्रिकेट जैसा महसूस होने लगा था।


उन्होंने कहा, "भारत ने नई गेंद से शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने लगातार सही लेंथ पर गेंद डाली और हमें खुलकर शॉट खेलने का मौका नहीं दिया। हमने भी उसी रणनीति को अपनाने का फैसला किया। हमने साझेदारी बनाने पर ध्यान दिया और बाद में मिले मौकों का पूरा फायदा उठाया।"


टकर ने टीम के दोनों डेब्यू तेज गेंदबाज जाय मूंद्रा और मैट हॉलार्ड की जमकर तारीफ की। मूंद्रा ने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की पहली गेंद पर संजू सैमसन का विकेट लिया, जबकि हॉलार्ड ने अपने दूसरे ही गेंद पर ईशान किशन को पवेलियन भेज दिया और बाद में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर का भी विकेट हासिल किया।


आयरिश कप्तान ने कहा, "दोनों युवा गेंदबाजों ने शानदार अनुशासन दिखाया। हमने भारतीय गेंदबाजों से काफी कुछ सीखा और उसी योजना को अपने गेंदबाजों के साथ साझा किया। उन्होंने जिस सटीकता से गेंदबाजी की, उसने भारतीय बल्लेबाजों के लिए रन बनाना मुश्किल कर दिया। यह उनकी मेहनत और तैयारी का परिणाम है।"


इस ऐतिहासिक जीत के साथ आयरलैंड ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब टीम की नजर दूसरे मुकाबले में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने पर होगी, जबकि भारतीय टीम वापसी के इरादे से मैदान पर उतरेगी।


आयरलैंड की ऐतिहासिक जीत ने भारत की कमजोरियों को किया उजागर

भारत के खिलाफ यह जीत सिर्फ एक उलटफेर नहीं बल्कि आयरलैंड क्रिकेट के लिए एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है। लंबे समय से बड़ी टीमों के खिलाफ प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन करने वाली आयरिश टीम ने आखिरकार उस प्रदर्शन को जीत में बदल दिया। कप्तान लॉर्कन टकर की सूझबूझ भरी कप्तानी, गैरेथ डेलानी की आक्रामक बल्लेबाजी और डेब्यू करने वाले तेज गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि आयरलैंड अब किसी भी बड़ी टीम को चुनौती देने की क्षमता रखता है।


दूसरी ओर, भारतीय टीम के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई। कप्तान के रूप में श्रेयस अय्यर की वापसी जीत के साथ नहीं हो सकी, जबकि अनुभवी बल्लेबाज भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए। अभिषेक शर्मा ने तेज शुरुआत जरूर दिलाई, लेकिन उनके आउट होने के बाद मध्यक्रम पूरी तरह बिखर गया। संजू सैमसन, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा जैसे बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके, जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा।


गेंदबाजी में हर्षित राणा ने वापसी करते हुए शानदार तीन विकेट लिए, लेकिन डेथ ओवरों में भारत की रणनीति पूरी तरह विफल रही। प्रसिद्ध कृष्णा और वॉशिंगटन सुंदर के महंगे ओवरों ने आयरलैंड को मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया। यही अतिरिक्त रन अंत में भारत के लिए हार और जीत के बीच सबसे बड़ा अंतर साबित हुए।


अब दोनों टीमों की नजर सीरीज के दूसरे मुकाबले पर होगी। भारत जहां इस हार से सबक लेकर वापसी करना चाहेगा, वहीं आयरलैंड पूरे आत्मविश्वास के साथ इतिहास रचने के बाद सीरीज जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगा। यदि आयरलैंड अगला मुकाबला भी जीतने में सफल रहता है तो यह उसकी सबसे बड़ी द्विपक्षीय टी20 सीरीज जीत मानी जाएगी, जबकि भारत पर सीरीज बचाने का भारी दबाव रहेगा।


क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि बेलफास्ट में मिली यह जीत आने वाले वर्षों में आयरलैंड क्रिकेट के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। इस मुकाबले ने दिखा दिया कि सही रणनीति, अनुशासित गेंदबाजी और निडर बल्लेबाजी के दम पर कोई भी टीम विश्व चैंपियन को हराने का दम रखती है।

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