‘हम चिल्लाते रहे, कोई मदद को नहीं आया…’ लवप्रीत ने सुनाई लखनऊ अग्निकांड की दर्दनाक कहानी

Praveen Yadav
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए भीषण हेक्सार स्टूडियो अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में बाल-बाल बची कर्मचारी लवप्रीत ने घटना का जो दर्दनाक मंजर बयां किया है, वह प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए भीषण हेक्सार स्टूडियो अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में बाल-बाल बची कर्मचारी लवप्रीत ने घटना का जो दर्दनाक मंजर बयां किया है, वह प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


हादसे के वक्त अंदर फंसे थे कर्मचारी

दिल्ली की रहने वाली लवप्रीत, जो पिछले 5 महीनों से स्टूडियो में कार्यरत थीं, ने बताया कि आग लगने के समय अंदर मौजूद कर्मचारी लगातार मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन समय पर कोई भी सहायता नहीं पहुंची।


उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्होंने कई बार फोन करने की कोशिश की, लेकिन मदद आने में देरी हुई, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।


3D गेमिंग स्टूडियो में काम कर रहे थे युवा प्रोफेशनल

यह स्टूडियो एक 3D गेमिंग और एनीमेशन सेंटर था, जहां लगभग 30 युवा डेवलपर और आर्टिस्ट काम करते थे। यहां गेम डिजाइनिंग और एनीमेशन से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया जाता था, साथ ही प्रशिक्षण कोर्स भी चलाए जाते थे।


बायोमेट्रिक गेट बना मौत का जाल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भवन की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर थी। मुख्य गेट बायोमेट्रिक सिस्टम से संचालित था, जो आग लगने के बाद लॉक हो गया।


इस कारण कर्मचारी बाहर नहीं निकल सके और स्थिति और गंभीर हो गई।


इमरजेंसी एग्जिट नहीं होने से बढ़ा हादसा

सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि तीन मंजिला इमारत में कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था। सीढ़ियां भी संकरी थीं, जिससे निकासी मुश्किल हो गई।


धुआं भरने के बाद कई लोग बेहोश हो गए, जबकि कुछ ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग लगा दी।


मालिक फरार, जांच तेज

हादसे के बाद से संबंधित जिम्मेदार लोग फरार बताए जा रहे हैं और उनके मोबाइल फोन बंद हैं। जांच में सामने आया है कि जमीन और बिल्डिंग स्वीकृति से जुड़े कई नाम सामने आए हैं, जिनकी अब जांच की जा रही है।


सीएम योगी की हाई-लेवल बैठक

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में पुलिस, प्रशासन और फायर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।


सरकार ने संकेत दिए हैं कि लापरवाही के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और जल्द बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।


निष्कर्ष

लखनऊ अग्निकांड ने एक बार फिर शहरी इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लवप्रीत की गवाही इस हादसे की भयावहता और सिस्टम की खामियों को उजागर करती है।

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