शेयर बाजार में हल्की बढ़त, सेंसेक्स 109 अंक चढ़ा; कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से ऑटो शेयरों ने भरी उड़ान

Praveen Yadav
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मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को कारोबार का अंत मामूली बढ़त के साथ किया। दिन की शुरुआत में बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के चलते बढ़त सीमित रह गई। इसके बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और रुपये को मिले समर्थन ने बाजार का माहौल सकारात्मक बनाए रखा।

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को कारोबार का अंत मामूली बढ़त के साथ किया। दिन की शुरुआत में बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के चलते बढ़त सीमित रह गई। इसके बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और रुपये को मिले समर्थन ने बाजार का माहौल सकारात्मक बनाए रखा।


कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 109.25 अंक यानी 0.14 फीसदी की बढ़त के साथ 77,100.47 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 34.35 अंक चढ़कर 24,052.85 पर बंद हुआ। लगातार दूसरे दिन बाजार ने 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर खुद को बनाए रखा, जिसे निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।


कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को मिला सहारा

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट भारतीय बाजार के लिए राहत की खबर है। ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर करीब 72.71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो हाल के भू-राजनीतिक तनाव शुरू होने से पहले के स्तर के करीब है।


भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल सस्ता होने से आयात बिल कम होता है, रुपये को मजबूती मिलती है और महंगाई पर दबाव घटता है। यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा बाजार में बना रहा।


ऑटो सेक्टर बना दिन का सबसे बड़ा हीरो

गुरुवार के कारोबार में ऑटो शेयरों ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया। एनएसई का निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा उछल गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार धातुओं की कीमतों में नरमी, सप्लाई चेन की स्थिति में सुधार और वाहनों की खुदरा बिक्री में बढ़ोतरी के कारण ऑटो कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।


निवेशकों ने प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयरों में जमकर पैसा लगाया, जिससे पूरे सेक्टर को मजबूती मिली। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में भी ऑटो सेक्टर निवेशकों की पसंद बना रह सकता है।


एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में भी तेजी

ऑटो सेक्टर के अलावा एफएमसीजी और रियल एस्टेट शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 0.68 फीसदी और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.33 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ।


विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण मांग में सुधार और उपभोक्ता खर्च बढ़ने की उम्मीद से एफएमसीजी कंपनियों को फायदा मिल सकता है। वहीं ब्याज दरों को लेकर सकारात्मक माहौल रियल्टी सेक्टर को समर्थन दे रहा है।


आईटी, मेटल और ऑयल एंड गैस शेयरों पर दबाव

जहां कुछ सेक्टरों में तेजी रही, वहीं आईटी और मेटल शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.86 फीसदी टूट गया। वहीं निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.37 फीसदी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.87 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए।


बाजार जानकारों के मुताबिक वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और निर्यात को लेकर चिंताओं का असर आईटी कंपनियों पर दिखाई दे रहा है। वहीं धातु कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली।


विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी चिंता

हालांकि बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है, लेकिन विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशकों का पैसा लगातार बाहर जाने से बाजार की तेजी सीमित हो सकती है।


अगर आने वाले दिनों में एफआईआई की बिकवाली जारी रहती है तो बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।


पहली तिमाही के नतीजों पर रहेगी नजर

विश्लेषकों का मानना है कि अब निवेशकों की नजर कंपनियों के अप्रैल-जून तिमाही नतीजों पर रहेगी। अगर कंपनियों की कमाई उम्मीद से कमजोर रहती है तो बाजार पर दबाव बन सकता है।


इसके अलावा मानसून की प्रगति भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। कमजोर या असमान मानसून कृषि क्षेत्र और ग्रामीण मांग को प्रभावित कर सकता है।


सोने की कीमतों में भी बढ़त

शेयर बाजार के साथ-साथ सोने में भी हल्की तेजी देखने को मिली। सोने का भाव 0.29 फीसदी बढ़कर 1,41,675 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने को समर्थन मिल रहा है।


एशियाई बाजारों में शानदार तेजी

एशियाई बाजारों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। जापान का निक्केई इंडेक्स 4.54 फीसदी उछल गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5 फीसदी से अधिक चढ़ा। सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स भी बढ़त के साथ बंद हुआ।


हालांकि हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 1.22 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल भारतीय शेयर बाजार की तस्वीर सकारात्मक बनी हुई है। निफ्टी का 24,000 के ऊपर बने रहना मजबूती का संकेत माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक गिरावट आने पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं, लेकिन जोखिम प्रबंधन का ध्यान रखना जरूरी है। आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें, मानसून, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे।

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