JanDrishti Today Sports Special: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य उनके मजबूत कंधों पर सुरक्षित है। अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के पहले दिन गिल ने न केवल शानदार शतक जड़ा बल्कि भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में शुभमन गिल भारतीय कप्तान के रूप में 1000 टेस्ट रन पूरे करने वाले 11वें खिलाड़ी बन गए। इस उपलब्धि को हासिल करने के साथ ही उन्होंने भारतीय क्रिकेट इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया।
सबसे खास बात यह रही कि गिल ने यह मुकाम केवल 15 टेस्ट पारियों में हासिल किया। इस तरह वह भारतीय टेस्ट कप्तानों में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए। उनसे आगे केवल महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर हैं जिन्होंने यह उपलब्धि 14 पारियों में हासिल की थी।
कप्तानी में लगातार चमक रहा है गिल का बल्ला
जब से शुभमन गिल को भारतीय टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई है, तब से उनका बल्ला लगातार रन उगल रहा है। कप्तानी का दबाव अक्सर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित करता है, लेकिन गिल के मामले में इसका बिल्कुल उल्टा देखने को मिला है।
अफगानिस्तान के खिलाफ उनके नाबाद 103 रन इस बात का प्रमाण हैं कि वह न केवल कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं बल्कि टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ भी बन चुके हैं।
15 पारियों में 1000 रन पूरे करना इस बात का संकेत है कि गिल ने कप्तान बनने के बाद खुद को एक अलग स्तर पर पहुंचा दिया है।
सबसे कम दिनों में बनाया रिकॉर्ड
गिल का यह रिकॉर्ड केवल पारियों तक सीमित नहीं है।
उन्होंने कप्तान के रूप में 1000 टेस्ट रन केवल 351 दिनों में पूरे कर लिए। भारतीय क्रिकेट इतिहास में किसी भी कप्तान ने इससे कम समय में यह उपलब्धि हासिल नहीं की थी।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि पिछले एक वर्ष के दौरान गिल कितनी शानदार लय में रहे हैं और भारतीय टीम के लिए कितने महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन चुके हैं।
कप्तान के रूप में शतकों की झड़ी
अफगानिस्तान के खिलाफ लगाया गया शतक गिल के टेस्ट करियर का 11वां शतक था।
लेकिन इससे भी बड़ी बात यह है कि कप्तान के रूप में यह उनका छठा टेस्ट शतक रहा।
भारतीय कप्तानों के रूप में सर्वाधिक टेस्ट शतकों की सूची में फिलहाल विराट कोहली शीर्ष पर हैं जिन्होंने कप्तान रहते हुए 20 शतक लगाए थे।
इसके बाद सुनील गावस्कर के नाम 11 शतक दर्ज हैं।
मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कप्तान के रूप में 9 शतक लगाए थे जबकि सचिन तेंदुलकर के नाम 7 शतक दर्ज हैं।
अब शुभमन गिल केवल 15 पारियों में ही 6 शतक लगाकर इस सूची में तेजी से ऊपर बढ़ रहे हैं।
यदि उनका यही प्रदर्शन जारी रहता है तो आने वाले वर्षों में कई बड़े रिकॉर्ड खतरे में पड़ सकते हैं।
राहुल और गिल ने रखी मजबूत नींव
मैच में टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
भारतीय पारी की शुरुआत केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने की।
हालांकि जायसवाल ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और 24 रन बनाकर मोहम्मद सलीम सफी का शिकार बन गए।
इसके बाद साई सुदर्शन मैदान पर आए और उन्होंने राहुल के साथ मिलकर महत्वपूर्ण साझेदारी की।
दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 55 रन जोड़े और टीम को शुरुआती झटके से उबारा।
लंच तक भारत का स्कोर 96 रन पर एक विकेट था।
साई सुदर्शन की दमदार पारी
दूसरे सत्र में साई सुदर्शन ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया।
उन्होंने धैर्य और तकनीक का शानदार मिश्रण दिखाते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया।
सुदर्शन ने 81 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
हालांकि वह शतक से चूक गए लेकिन उनकी पारी ने मध्यक्रम पर दबाव कम करने का काम किया।
केएल राहुल का शानदार शतक
दूसरे छोर पर केएल राहुल भी शानदार लय में दिखाई दिए।
राहुल ने पहले अपना 21वां टेस्ट अर्धशतक पूरा किया और फिर उसे शतक में बदल दिया।
उन्होंने 164 गेंदों में अपना 12वां टेस्ट शतक पूरा किया।
राहुल की यह पारी भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई क्योंकि उन्होंने अफगानिस्तान के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया।
हालांकि शतक पूरा करने के तुरंत बाद वह आउट हो गए, लेकिन तब तक भारत मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।
शुभमन गिल ने संभाली कमान
राहुल के आउट होने के बाद पूरी जिम्मेदारी कप्तान शुभमन गिल के कंधों पर आ गई।
गिल ने एक सच्चे कप्तान की तरह पारी को संभाला।
उन्होंने पहले संयम दिखाया और फिर धीरे-धीरे रन गति बढ़ाई।
उनकी बल्लेबाजी में परिपक्वता साफ दिखाई दी।
गिल ने अपनी पारी के दौरान शानदार ड्राइव, कवर ड्राइव और पुल शॉट लगाए।
अफगानिस्तान के गेंदबाज लगातार लाइन और लेंथ बदलते रहे लेकिन गिल ने कोई गलती नहीं की।
ऋषभ पंत का आक्रामक अंदाज
एक तरफ गिल एंकर की भूमिका निभा रहे थे तो दूसरी तरफ ऋषभ पंत अपने स्वाभाविक आक्रामक अंदाज में नजर आए।
पंत ने आते ही रन गति तेज कर दी।
68वें ओवर में उन्होंने अब्दुल मलिक के खिलाफ तीन छक्के जड़कर भारतीय ड्रेसिंग रूम का उत्साह बढ़ा दिया।
पंत ने दिन समाप्त होने तक नाबाद 50 रन बनाए और गिल के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई।
368 रन बनाकर भारत ने दिखाई ताकत
पहले दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने 85 ओवरों में 368 रन बनाकर केवल 3 विकेट गंवाए थे।
यह स्कोर दर्शाता है कि भारतीय बल्लेबाजों ने पूरे दिन मैच पर नियंत्रण बनाए रखा।गिल 103 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि ऋषभ पंत 50 रन पर नाबाद थे।अफगानिस्तान की ओर से मोहम्मद सलीम सफी सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने दो विकेट हासिल किए।जियाउर रहमान शरीफी को एक सफलता मिली।
भारतीय बल्लेबाजी की गहराई ने किया प्रभावित
इस मुकाबले में भारत की बल्लेबाजी इकाई ने अपनी गहराई का भी परिचय दिया।यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, केएल राहुल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत सभी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
टीम में छह बाएं हाथ के बल्लेबाजों का शामिल होना भी चर्चा का विषय रहा।यह केवल तीसरी बार था जब भारतीय टेस्ट टीम इतनी बड़ी संख्या में बाएं हाथ के बल्लेबाजों के साथ मैदान में उतरी।
ऋषभ पंत का 50वां टेस्ट
यह मुकाबला ऋषभ पंत के करियर का 50वां टेस्ट मैच भी था।भारतीय विकेटकीपरों में केवल महेंद्र सिंह धोनी और सैयद किरमानी ने उनसे अधिक टेस्ट मैच खेले हैं।पंत ने अपने इस विशेष मैच को शानदार अर्धशतक के साथ यादगार बना दिया।
भारतीय क्रिकेट के नए युग का चेहरा
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय क्रिकेट में नेतृत्व परिवर्तन का दौर देखने को मिला।विराट कोहली और रोहित शर्मा के बाद अब शुभमन गिल को भविष्य के कप्तान के रूप में देखा जा रहा है।
जिस तरह उन्होंने कम समय में कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों में सफलता हासिल की है, उससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल चुका है।
1000 टेस्ट रन, 6 कप्तानी शतक और लगातार शानदार प्रदर्शन इस बात का प्रमाण हैं कि गिल केवल वर्तमान नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य भी हैं।
निष्कर्ष
अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच का पहला दिन पूरी तरह भारत और उसके कप्तान शुभमन गिल के नाम रहा।
गिल ने नाबाद शतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और साथ ही भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया रिकॉर्ड भी बना दिया।
15 पारियों में 1000 टेस्ट रन पूरे कर उन्होंने खुद को देश के महान कप्तानों की सूची में शामिल कर लिया है।
यदि उनका यही फॉर्म जारी रहता है तो आने वाले वर्षों में कई बड़े रिकॉर्ड टूट सकते हैं।
फिलहाल इतना तय है कि भारतीय क्रिकेट को एक ऐसा कप्तान मिल चुका है जो बल्ले और नेतृत्व दोनों से टीम को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखता है।
JanDrishti Today Insight
- शुभमन गिल भारतीय कप्तान के रूप में 1000 टेस्ट रन पूरे करने वाले 11वें खिलाड़ी बने।
- केवल 15 पारियों में यह उपलब्धि हासिल कर दूसरे सबसे तेज भारतीय कप्तान बने।
- 351 दिनों में 1000 रन पूरे कर नया भारतीय रिकॉर्ड बनाया।
- अफगानिस्तान के खिलाफ नाबाद 103 रन की कप्तानी पारी खेली।
- केएल राहुल ने भी शानदार शतक लगाया।
- ऋषभ पंत ने अपने 50वें टेस्ट में अर्धशतक जड़ा।
- पहले दिन भारत ने 368/3 का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

