वैंकूवर: फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप बी में खेले गए बेहद रोमांचक मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने मेजबान कनाडा को 2-1 से हराकर ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। हालांकि हार के बावजूद कनाडा के लिए भी यह मैच ऐतिहासिक साबित हुआ क्योंकि टीम ने पहली बार फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में जगह बनाने का कारनामा कर दिखाया।
वैंकूवर में खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले हाफ में दोनों पक्षों को कुछ अच्छे मौके मिले, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। मुकाबला पूरी तरह संतुलित नजर आ रहा था और दर्शकों को लग रहा था कि यह मैच बेहद कड़े संघर्ष के साथ आगे बढ़ेगा।
पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर
मैच के शुरुआती 45 मिनट काफी तेज गति और संघर्षपूर्ण रहे। कनाडा को घरेलू दर्शकों का भरपूर समर्थन मिल रहा था, जबकि स्विट्जरलैंड भी ग्रुप में शीर्ष स्थान सुनिश्चित करने के इरादे से मैदान पर उतरा था।
दोनों टीमों ने कई बार विपक्षी डिफेंस को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन गोलकीपरों और रक्षापंक्ति ने शानदार प्रदर्शन किया। कनाडा के गोलकीपर मैक्सिम क्रेपो और स्विट्जरलैंड के ग्रेगोर कोबेल ने कुछ महत्वपूर्ण बचाव करते हुए स्कोरलाइन को 0-0 बनाए रखा।
पहले हाफ के दौरान कनाडा ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखने की कोशिश की, लेकिन स्विस टीम की संगठित रक्षात्मक रणनीति के सामने उन्हें सफलता नहीं मिली।
दूसरे हाफ की शुरुआत में स्विट्जरलैंड का हमला
दूसरे हाफ की शुरुआत होते ही स्विट्जरलैंड ने मैच का रुख बदल दिया। 46वें मिनट में रुबिन वर्गास ने शानदार मूव को गोल में बदलते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
गोल के बाद कनाडा की टीम दबाव में आ गई और स्विट्जरलैंड ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया। सिर्फ 11 मिनट बाद 57वें मिनट में जोहान मंजांबी ने कनाडाई डिफेंस की एक बड़ी गलती का फायदा उठाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया।
इस गोल के साथ स्विट्जरलैंड ने 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली और ऐसा लगने लगा कि मैच पूरी तरह उनके नियंत्रण में आ चुका है।
कनाडा की वापसी की कोशिश
दो गोल से पीछे होने के बावजूद कनाडा ने हार नहीं मानी। कोच ने कई बदलाव किए और आक्रमण को मजबूत बनाने की कोशिश की।
76वें मिनट में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी प्रॉमिस डेविड ने मैदान पर उतरते ही प्रभाव छोड़ा। उन्होंने एक शानदार वॉली के जरिए गोल दागते हुए स्कोर 2-1 कर दिया।
इस गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद हजारों कनाडाई समर्थकों में नई उम्मीद जाग गई। टीम ने बराबरी का गोल करने के लिए लगातार हमले किए और स्विस डिफेंस पर दबाव बढ़ा दिया।
ग्रेगोर कोबेल बने स्विट्जरलैंड की जीत के हीरो
मुकाबले के अंतिम क्षण बेहद रोमांचक रहे। इंजरी टाइम में कनाडा को बराबरी का शानदार मौका मिला, लेकिन स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल ने अविश्वसनीय बचाव करते हुए टीम की जीत सुनिश्चित कर दी।
कनाडा के खिलाड़ी का हेडर लगभग गोल लाइन पार कर चुका था, लेकिन कोबेल ने शानदार रिफ्लेक्स दिखाते हुए गेंद को रोक लिया। यह बचाव मैच का निर्णायक पल साबित हुआ।
रेफरी की अंतिम सीटी बजते ही स्विस खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने लगे, जबकि कनाडा के खिलाड़ी हार के बावजूद ऐतिहासिक उपलब्धि का आनंद लेते दिखाई दिए।
कनाडा ने रचा इतिहास
हालांकि कनाडा को इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम के लिए यह विश्व कप यादगार बन गया। पहली बार कनाडा फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचा है।
ऑप्टा के आंकड़ों के अनुसार, कनाडा 1994 में संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद पहली मेजबान टीम बनी है जिसने केवल चार अंकों के साथ ग्रुप चरण से आगे बढ़ने में सफलता हासिल की है।
यह उपलब्धि कनाडाई फुटबॉल के विकास और टीम की निरंतर प्रगति को दर्शाती है। पिछले कुछ वर्षों में कनाडा ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में अपनी मजबूत पहचान बनाई है और अब वह विश्व मंच पर भी प्रभाव छोड़ने में सफल रही है।
ग्रुप बी में स्विट्जरलैंड का दबदबा
इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने ग्रुप बी में शीर्ष स्थान हासिल किया। टीम ने पूरे ग्रुप चरण में संतुलित और अनुशासित प्रदर्शन किया।
स्विस टीम की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत डिफेंस और तेज काउंटर अटैक रहा है। रुबिन वर्गास, जोहान मंजांबी और गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल जैसे खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण मौकों पर टीम के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया।
ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करने का फायदा स्विट्जरलैंड को नॉकआउट चरण में मिल सकता है क्योंकि उन्हें अपेक्षाकृत बेहतर ड्रॉ मिलने की संभावना रहेगी।
अब आगे क्या?
स्विट्जरलैंड ग्रुप विजेता के रूप में वैंकूवर में ही अपने राउंड ऑफ 32 मुकाबले की तैयारी करेगा। दूसरी ओर कनाडा को नॉकआउट मैच खेलने के लिए दूसरे शहर की यात्रा करनी होगी।
दोनों टीमों का लक्ष्य अब विश्व कप के अगले चरण में अपनी यात्रा को आगे बढ़ाना होगा। कनाडा पहली बार नॉकआउट में खेलते हुए नया इतिहास रचने की कोशिश करेगा, जबकि स्विट्जरलैंड अपनी मजबूत लय को बरकरार रखते हुए खिताब की दौड़ में आगे बढ़ना चाहेगा।
निष्कर्ष
स्विट्जरलैंड और कनाडा के बीच खेला गया यह मुकाबला विश्व कप 2026 के सबसे रोमांचक ग्रुप मैचों में से एक रहा। स्विट्जरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2-1 से जीत दर्ज की, लेकिन कनाडा ने भी इतिहास रचते हुए पहली बार नॉकआउट चरण में जगह बनाई।
अब दोनों टीमों की नजर अगले दौर पर होगी, जहां हर मुकाबला 'करो या मरो' की स्थिति लेकर आएगा। फुटबॉल प्रशंसकों को उम्मीद है कि दोनों टीमें आगे भी इसी तरह का शानदार प्रदर्शन जारी रखेंगी।

