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| हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश और शिमला का मौसम अपडेट |
शिमला, हिमाचल प्रदेश | 1 जुलाई 2026: हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह पहुंच चुका है और अब राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 7 दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने कहा है कि कुछ क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़, जलभराव और यातायात बाधित होने की संभावना है।
इसके बावजूद शिमला में बड़ी संख्या में पर्यटक बारिश का आनंद लेते दिखाई दिए। कई जगह घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता कम हो गई और यात्रा में थोड़ी परेशानी हुई। लेकिन पर्यटकों ने ठंडे मौसम और पहाड़ी दृश्यों का आनंद लिया।
पर्यटकों ने बारिश का आनंद लिया
देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों ने बताया कि बारिश के कारण उनकी कुछ यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं, लेकिन कुल अनुभव बहुत अच्छा रहा। पर्यटक इमरान ने कहा कि बारिश और कोहरे के कारण आगे जाना संभव नहीं हुआ, लेकिन मौसम और दृश्य बहुत सुंदर थे।
कई पर्यटक बारिश में घूमते और तस्वीरें लेते हुए दिखाई दिए।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने कहा कि मानसून कृषि के लिए बहुत उपयोगी है, क्योंकि इससे फसलों को लाभ मिलता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अधिक वर्षा नुकसान भी कर सकती है, जैसा पिछले वर्षों में देखा गया है।
लोगों ने यह भी सलाह दी कि नदियों और नालों के किनारे निर्माण नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे बाढ़ के समय खतरा बढ़ जाता है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई से 7 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा। यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ और वायुमंडलीय दबाव में बदलाव के कारण बनी हुई है।
2, 3, 5 और 6 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे ऊँचाई वाले क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं।
तापमान में गिरावट
मौसम विभाग ने कहा है कि अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। इससे पूरे राज्य में मौसम ठंडा हो जाएगा।
प्रशासन की चेतावनी
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें, नदियों और नालों से दूर रहें तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

