सलमान खान को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत! 'काला हिरण' फिल्म पर कोर्ट का सख्त रुख, रिलीज पर मंडराया संकट

Praveen Yadav
0
नई दिल्ली: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर कानूनी विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला किसी आपराधिक केस का नहीं बल्कि उनके पर्सनालिटी राइट्स (Personality Rights) से जुड़ा है। दिल्ली हाईकोर्ट में फिल्म 'काला हिरण' को लेकर हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने ऐसा रुख अपनाया, जिससे फिल्म की रिलीज पर फिलहाल अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।

Salman Khan News: 'काला हिरण' फिल्म विवाद में हाईकोर्ट की अहम सुनवाई, मेकर्स ने कोर्ट में दिया बड़ा आश्वासन

नई दिल्ली: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर कानूनी विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला किसी आपराधिक केस का नहीं बल्कि उनके पर्सनालिटी राइट्स (Personality Rights) से जुड़ा है। दिल्ली हाईकोर्ट में फिल्म 'काला हिरण' को लेकर हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने ऐसा रुख अपनाया, जिससे फिल्म की रिलीज पर फिलहाल अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।


सलमान खान की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म 'काला हिरण' उनके नाम, छवि और व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों का उल्लंघन करती है। अभिनेता का कहना है कि बिना उनकी अनुमति उनके व्यक्तित्व से जुड़े तत्वों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि प्रभावित हो सकती है।


दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान फिल्म निर्माताओं की ओर से अदालत को यह भरोसा दिया गया कि सोमवार तक न तो फिल्म रिलीज की जाएगी, न ही उसका ट्रेलर जारी किया जाएगा। इतना ही नहीं, निर्माताओं ने यह भी कहा कि वे इस अवधि तक फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पास सर्टिफिकेशन के लिए भी प्रस्तुत नहीं करेंगे।


निर्माताओं की इस घोषणा के बाद अदालत ने उनके बयान को रिकॉर्ड पर लिया और मामले की अगली सुनवाई सोमवार के लिए निर्धारित कर दी। फिलहाल कोर्ट ने किसी अंतिम आदेश के बजाय दोनों पक्षों को अपना पक्ष विस्तार से रखने का अवसर दिया है।


यह मामला केवल फिल्म की रिलीज तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में सेलिब्रिटी पर्सनालिटी राइट्स से जुड़े कानूनों और उनके दायरे पर भी नई बहस छेड़ सकता है। यदि अदालत इस मामले में कोई महत्वपूर्ण फैसला देती है, तो भविष्य में फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य डिजिटल कंटेंट में किसी सेलिब्रिटी की पहचान, नाम या व्यक्तित्व से जुड़े तत्वों के इस्तेमाल के लिए नए कानूनी मानक तय हो सकते हैं।


मनोरंजन जगत में इस मामले को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे फिल्म उद्योग में कंटेंट निर्माण और कानूनी जिम्मेदारियों दोनों पर व्यापक असर पड़ सकता है।


फिल्म मेकर्स ने कोर्ट में क्या दलील दी?

दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान 'काला हिरण' फिल्म के निर्माताओं की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि फिलहाल बाजार में केवल फिल्म का एक पोस्टर और टीजर ही सामने आया है। उनके अनुसार, सलमान खान द्वारा दायर याचिका पूरी फिल्म देखने के बजाय केवल पोस्टर के आधार पर दाखिल की गई है।


मेकर्स के वकील ने अदालत से कहा कि फिल्म अभी रिलीज होने से काफी दूर है और निर्माताओं की ओर से विस्तृत जवाब तैयार किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अदालत के समक्ष सभी तथ्यों को विस्तार से रखा जाएगा, जिससे पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।


जस्टिस ज्योति सिंह ने अपनाया सख्त रुख

सुनवाई के दौरान जब फिल्म निर्माताओं ने मौखिक रूप से कहा कि वे फिलहाल फिल्म रिलीज नहीं करेंगे, तब जस्टिस ज्योति सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल मौखिक आश्वासन पर्याप्त नहीं है। अदालत ने निर्देश दिया कि यदि निर्माता वास्तव में फिल्म रिलीज नहीं कर रहे हैं तो इसका लिखित बयान रिकॉर्ड पर प्रस्तुत किया जाए।


कोर्ट ने फिल्म मेकर्स के वकील को अपने क्लाइंट से तत्काल निर्देश लेने के लिए कुछ समय दिया। इसके बाद निर्माताओं की ओर से आधिकारिक रूप से यह बयान दर्ज कराया गया कि सोमवार तक फिल्म न तो रिलीज होगी, न ट्रेलर जारी किया जाएगा और न ही उसे CBFC के पास प्रमाणन के लिए भेजा जाएगा।


CBFC को पक्षकार न बनाए जाने पर भी उठे सवाल

फिल्म निर्माताओं के वकील ने सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दा भी उठाया। उन्होंने अदालत को बताया कि सलमान खान की याचिका में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को पक्षकार नहीं बनाया गया है।


वकील ने दलील दी कि बिना CBFC सर्टिफिकेट के कोई भी फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकती। ऐसे में जब फिल्म अभी तक सेंसर बोर्ड के पास भेजी ही नहीं गई है और सोमवार तक भेजने का भी कोई इरादा नहीं है, तो तत्काल रोक लगाने जैसी मांग उचित नहीं मानी जानी चाहिए।


निर्माताओं का कहना था कि फिल्म की रिलीज अभी काफी दूर है और अदालत को सभी पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद ही कोई अंतिम फैसला लेना चाहिए।


सलमान खान के वकील ने अंतरिम आदेश की मांग क्यों की?

दूसरी ओर, सलमान खान की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत में कहा कि यह मामला केवल एक फिल्म का नहीं बल्कि अभिनेता के पर्सनालिटी राइट्स (Personality Rights) की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उनका तर्क था कि किसी भी व्यक्ति, विशेषकर एक सार्वजनिक हस्ती की पहचान, नाम, छवि या व्यक्तित्व का व्यावसायिक इस्तेमाल उसकी अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता।


सलमान खान की ओर से अदालत से अनुरोध किया गया कि मामले की अंतिम सुनवाई तक कम से कम एक अंतरिम आदेश (Interim Order) जारी किया जाए, ताकि फिल्म निर्माता किसी भी रूप में फिल्म का प्रचार, ट्रेलर रिलीज या अन्य प्रमोशनल गतिविधियां आगे न बढ़ा सकें।


हालांकि अदालत ने तत्काल कोई रोक लगाने का आदेश नहीं दिया, लेकिन निर्माताओं के लिखित आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले को अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया।


अब सोमवार को होगी अगली सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि फिल्म निर्माताओं का विस्तृत जवाब अभी रिकॉर्ड पर आना बाकी है। ऐसे में अदालत ने उन्हें अपना पक्ष रखने का समय दिया और मामले की अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित कर दी।


कोर्ट ने यह भी दर्ज किया कि फिल्म निर्माता सोमवार तक फिल्म को CBFC के पास सर्टिफिकेशन के लिए नहीं भेजेंगे और न ही उसकी रिलीज या ट्रेलर लॉन्च करेंगे। फिलहाल इसी आश्वासन के आधार पर अदालत ने कोई कठोर अंतरिम आदेश पारित नहीं किया।


क्या रुक सकती है 'काला हिरण' की रिलीज?

फिलहाल फिल्म 'काला हिरण' की रिलीज पर आधिकारिक रोक नहीं लगी है, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के कारण इसकी रिलीज प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। यदि अदालत आने वाली सुनवाई में सलमान खान के पक्ष में कोई अंतरिम या अंतिम आदेश जारी करती है, तो फिल्म की रिलीज, ट्रेलर या प्रमोशनल गतिविधियों पर रोक लग सकती है।


वहीं यदि फिल्म निर्माता अदालत को संतुष्ट करने में सफल रहते हैं और यह साबित कर देते हैं कि फिल्म किसी भी तरह से सलमान खान के पर्सनालिटी राइट्स का उल्लंघन नहीं करती, तो आगे का रास्ता उनके लिए आसान हो सकता है।


निष्कर्ष

सलमान खान और फिल्म 'काला हिरण' से जुड़ा यह मामला मनोरंजन जगत के साथ-साथ कानूनी दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाली सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला केवल इस फिल्म का भविष्य ही तय नहीं करेगा, बल्कि भविष्य में किसी भी सेलिब्रिटी के नाम, छवि और व्यक्तित्व के व्यावसायिक उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल भी स्थापित कर सकता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*