असम बना तीसरा राज्य: यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल 2026 पास

Praveen Yadav
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भारत में समान नागरिक संहिता की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए असम विधानसभा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल 2026 को पास कर दिया है। इस फैसले के साथ असम उत्तराखंड और गुजरात के बाद UCC लागू करने वाला तीसरा राज्य बन गया है।
हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सोमवार को यह विधेयक पेश किया था। प्रस्तावित कानून में बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने और लिव-इन रिलेशनशिप को अनिवार्य बनाने का प्रावधान है।


भारत में समान नागरिक संहिता की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए असम विधानसभा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल 2026 को पास कर दिया है। इस फैसले के साथ असम उत्तराखंड और गुजरात के बाद UCC लागू करने वाला तीसरा राज्य बन गया है।


यह बिल राज्य में विवाह, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे व्यक्तिगत कानूनों को एक समान ढांचे में लाने का प्रयास है।

👉 Source: India Today Report


असम ने UCC क्यों लागू किया?

सरकारी रिपोर्ट्स के अनुसार, UCC लागू करने का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून व्यवस्था तैयार करना है। इससे अलग-अलग धर्मों के व्यक्तिगत कानूनों को एकीकृत करने का प्रयास किया गया है।

सरकार का दावा है कि इससे:

  • कानूनी व्यवस्था सरल होगी
  • महिलाओं के अधिकार मजबूत होंगे
  • समान नागरिक अधिकार सुनिश्चित होंगे

UCC बिल में क्या-क्या बड़ा बदलाव हुआ?

नए कानून के तहत कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • बहुविवाह (Polygamy) पर पूरी तरह प्रतिबंध
  • सभी धर्मों में समान विवाह और तलाक कानून
  • विवाह का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन
  • लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन जरूरी
  • संपत्ति और उत्तराधिकार के समान नियम
  • कुछ पुराने पर्सनल लॉ में संशोधन

रिपोर्ट के अनुसार, बहुविवाह पर 7 साल तक की सजा का प्रावधान भी जोड़ा गया है और कई व्यक्तिगत कानूनों में बड़े बदलाव किए गए हैं।


असम तीसरा राज्य कैसे बना?

UCC लागू करने के मामले में असम अब देश का तीसरा राज्य बन गया है। इससे पहले:

  • उत्तराखंड ने UCC लागू किया
  • गुजरात ने भी UCC दिशा में कदम बढ़ाया
  • अब असम ने 2026 में बिल पास किया

इससे भारत में UCC को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस और तेज हो गई है।


सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया

सरकार का पक्ष: सरकार का कहना है कि यह कदम समानता और सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक है।

विपक्ष का पक्ष: विपक्षी दलों ने इसे लेकर चिंता जताई है कि यह कुछ समुदायों की परंपराओं और धार्मिक स्वतंत्रता पर असर डाल सकता है।


भारत की राजनीति पर असर

UCC लागू होने के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है। कई राज्यों में भी इसी तरह के कानून लाने की चर्चा शुरू हो सकती है।


निष्कर्ष

असम का यह फैसला भारत में समान नागरिक संहिता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इसके सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव और भी स्पष्ट होंगे।


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या असम में UCC लागू हो गया है?

हां, असम विधानसभा ने UCC बिल 2026 पास कर दिया है।


Q2: असम कौन सा राज्य है जिसने UCC लागू किया?

असम भारत का तीसरा राज्य है जिसने UCC लागू किया है।


Q3: UCC का मुख्य उद्देश्य क्या है?

सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून व्यवस्था लागू करना।


Q4: क्या सभी धर्मों पर यह लागू होगा?

हां, यह कानून सभी धर्मों के नागरिकों पर लागू होगा।


Q5: क्या इसमें लिव-इन रिलेशन पर नियम हैं?

हां, लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है।

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