दिल्ली-एनसीआर में आज से चक्का जाम: ऑटो, टैक्सी और कैब चालकों की 3 दिवसीय महाहड़ताल शुरू, जानें क्या हैं मांगें और आम जनता पर असर

Praveen Yadav
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नई दिल्ली, 21 मई 2026:दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आज यानी 21 मई से परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

नई दिल्ली, 21 मई 2026:दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आज यानी 21 मई से परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों, सालों पुराने किराये और ऐप-बेस्ड कंपनियों द्वारा किए जा रहे कथित शोषण के खिलाफ ऑटो, टैक्सी, कैब और ट्रांसपोर्ट चालकों ने आज से तीन दिवसीय (21 मई से 23 मई तक) देशव्यापी और क्षेत्रीय महाहड़ताल का बिगुल फूंक दिया है।


ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) और दिल्ली चालक शक्ति यूनियन के साझा आह्वान पर बुलाई गई इस हड़ताल के कारण आज सुबह से ही दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे इलाकों में यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


क्यों हड़ताल पर हैं चालक? जानें मुख्य मांगें

यूनियन नेताओं और चालकों का कहना है कि वे शौक से नहीं, बल्कि मजबूरी में सड़कों पर उतरे हैं। चालकों की मुख्य शिकायतें और मांगें निम्नलिखित हैं:


• 15 साल से नहीं बढ़ा किराया:

यूनियनों का दावा है कि दिल्ली-एनसीआर में पिछले 15 वर्षों से ऑटो और पारंपरिक टैक्सियों के आधिकारिक किराये में कोई सम्मानजनक बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि इस दौरान पेट्रोल, डीजल और सीएनजी (CNG) की कीमतें लगातार बढ़ती रही हैं।


• ऐप-बेस्ड कंपनियों का मनमाना कमीशन:

ओला (Ola) और उबर (Uber) जैसी बड़ी कैब कंपनियों से जुड़े चालकों का आरोप है कि ये कंपनियां उनसे 30 से 40 प्रतिशत तक का मनमाना कमीशन वसूल रही हैं, जिससे चालकों के हाथ में लागत निकालने के बाद बेहद मामूली रकम बचती है।


• सरकारी नीतियां और ग्रीन टैक्स:

पुराने वाहनों पर अचानक लगाए जा रहे प्रतिबंध, भारी-भरकम हरित शुल्क (Green Tax) और चालान की मोटी रकम ने चालकों की कमर तोड़ दी है। मौजूदा आर्थिक स्थिति में परिवारों का गुजारा करना मुश्किल हो गया है।


जमीनी स्थिति: इन सेवाओं पर पड़ा है सीधा असर

आज 21 मई की सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर के चक्के थमे हुए नजर आ रहे हैं। हड़ताल का दायरा बड़ा होने के कारण कई क्षेत्रों में इसका व्यापक असर देखा जा रहा है।


1. ऑफिस जाने वाले लोग और छात्र परेशान

सुबह के पीक ऑवर्स में दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों और कॉलेज के छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐप पर कैब बुक करने पर या तो गाड़ियां उपलब्ध नहीं दिख रही हैं, या फिर 'सर्ज प्राइसिंग' के कारण किराया तीन से चार गुना ज्यादा दिखाई दे रहा है।


2. रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और अस्पतालों में परेशानी

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, पुरानी दिल्ली स्टेशन, आनंद विहार टर्मिनल और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर उतरने वाले यात्रियों को भारी असुविधा हो रही है। सामान के साथ पहुंचे यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए वाहन नहीं मिल रहे हैं। इसके अलावा अस्पतालों में इलाज के लिए जाने वाले मरीजों और बुजुर्गों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


3. ऑटो और ई-रिक्शा भी नदारद

स्थानीय स्तर पर कनेक्टिविटी देने वाले ई-रिक्शा और ऑटो चालकों ने भी इस हड़ताल को अपना समर्थन दिया है, जिसके कारण मुख्य बाजारों और मेट्रो स्टेशनों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।


प्रशासन की तैयारी और ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी

इस संकट को देखते हुए दिल्ली प्रशासन और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। आम जनता को राहत देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।


• पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा:

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इन तीन दिनों (21-23 मई) के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें और निजी वाहनों के बजाय दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) और डीटीसी (DTC) बसों जैसे सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें।


• मेट्रो के फेरे बढ़ाने की संभावना:

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली मेट्रो इन तीन दिनों में ट्रेनों के फेरे बढ़ा सकती है। हालांकि, इस पर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।


• अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात:

ट्रैफिक पुलिस ने रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट के बाहर अतिरिक्त जवानों को तैनात किया है ताकि कोई भी असामाजिक तत्व जबरन वाहन रोकने या तोड़फोड़ करने की कोशिश न करे।


आगे क्या? यूनियन की कड़ी चेतावनी

दिल्ली चालक शक्ति यूनियन और एआईएमटीसी के पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यह हड़ताल सरकार और संबंधित कंपनियों को जगाने का आखिरी प्रयास है। अगर इन तीन दिनों (21 से 23 मई) के भीतर सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और किराये में संशोधन तथा कंपनियों के कमीशन पर लगाम नहीं लगाई, तो भविष्य में यह अनिश्चितकालीन और इससे भी बड़ी हड़ताल में तब्दील हो सकती है।


फिलहाल, 23 मई की शाम तक दिल्ली-एनसीआर में सफर करने वाले लोगों को बेहद सतर्क रहने और अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाकर निकलने की जरूरत है।


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