🔴 JanDrishti Today: उत्तरी चीन के कोयला समृद्ध क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आ रही है। चीन के शांक्सी प्रांत (Shanxi Province) में स्थित एक कोयला खदान में जहरीली गैस का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ने के कारण एक भीषण हादसा हो गया है।
आधिकारिक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार (23 मई 2026) को तड़के सुबह तक इस हादसे में 4 खनिकों (Miners) की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 90 अन्य मजदूर अभी भी जमीन के सैकड़ों फीट नीचे खदान के भीतर फंसे हुए हैं।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी 'सिन्हुआ' (Xinhua) द्वारा शनिवार सुबह जारी की गई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, यह भयानक हादसा शुक्रवार (22 मई 2026) की देर रात शांक्सी प्रांत के 'लियुशेन्यू कोयला खदान' (Liushenyu Coal Mine) में घटित हुआ।
जिस वक्त खदान के भीतर जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon Monoxide) गैस का रिसाव शुरू हुआ और उसका स्तर अचानक जानलेवा सीमा तक बढ़ गया, उस समय खदान के भूमिगत हिस्से में कुल 247 श्रमिक अपनी शिफ्ट पर काम कर रहे थे।
गैस रिसाव की सूचना मिलते ही खदान प्रबंधनและ स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। तुरंत आपातकालीन अलार्म बजाकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। युद्ध स्तर पर चलाए गए शुरुआती रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत अब तक कुल 157 श्रमिकों को सुरक्षित रूप से खदान से बाहर निकालकर सतह पर लाया जा चुका है।
हालांकि, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रूप से, बाहर निकाले गए इन 157 размещения में से 4 मजदूरों को बचाया नहीं जा सका और उन्होंने दम तोड़ दिया।
फंसे हुए 90 मजदूरों में से 16 की हालत अत्यंत नाजुक, वेंटिलेशन रीस्टोर करने की कोशिश
लियुशेन्यू कोयला खदान के भीतर अभी भी फंसे 90 मजदूरों की जिंदगी बचाने के लिए चीन की विशेष रेस्क्यू टीमें, अग्निशमन दल और चिकित्सा विशेषज्ञ मौके पर तैनात हैं। सिन्हुआ एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि खदान के भीतर फंसे हुए इन 90 श्रमिकों में से कम से कम 16 मजदूरों की स्थिति अत्यंत गंभीर और चिंताजनक (Critical Condition) बनी हुई है।
कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के अत्यधिक प्रभाव के कारण उनके शरीर में ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई है, जिससे वे बेहोशी या अर्ध-बेहोशी की हालत में पहुंच चुके हैं।
बचाव कर्मियों के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती खदान के संकरे रास्तों और गहरी सुरंगों के भीतर जमा हुई जहरीली गैस को बाहर निकालना और वहां फंसे लोगों तक ताजी हवा (Oxygen) पहुंचाना है। इसके लिए खदान के भीतर बड़े-बड़े वेंटिलेशन पंखों को फिर से चालू करने और बैकअप ऑक्सीजन लाइनों को अंदर भेजने का प्रयास किया जा रहा है।
चीनी प्रशासन ने प्रांतीय और राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों को भी घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं ताकि बचाव कार्य को और तेज किया जा सके।
- 📌 हादसे का समय और स्थान: यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार (22 मई 2026) की रात को उत्तरी चीन के शांक्सी प्रांत में स्थित लियुशेन्यू कोयला खदान में हुआ।
- 📌 कुल प्रभावित श्रमिक: दुर्घटना के समय खदान के भीतर कुल 247 खनिक भूमिगत सुरंगों में काम कर रहे थे।
- 📌 मृतकों और घायलों का आंकड़ा: अब तक 4 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, 153 को सुरक्षित बचाया गया है, और 90 मजदूर अंदर फंसे हैं जिनमें से 16 की हालत नाजुक है।
- 📌 हादसे की मुख्य वजह: खदान के भीतर अचानक कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) जैसी गंधहीन और अत्यधिक जहरीली गैस का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाना इस हादसे का मुख्य कारण बना।
चीन की 'कोयला राजधानी' है शांक्सी प्रांत: बार-बार क्यों होते हैं ऐसे हादसे?
जिस शांक्सी प्रांत में यह भीषण हादसा हुआ है, उसे व्यावहारिक रूप से चीन की 'कोयला खनन राजधानी' (Coal-Mining Capital) कहा जाता है। इस क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े कोयला भंडारों में से एक मौजूद है और यहाँ चौबीसों घंटे बड़े पैमाने पर खनन कार्य चलता रहता है।
चीन वर्तमान में पूरी दुनिया में कोयले का सबसे बड़ा उपभोक्ता और वैश्विक स्तर पर ग्रीनहाउस गैसों का सबसे बड़ा उत्सर्जक देश है। यद्यपि चीन ने हाल के वर्षों में रिकॉर्ड गति से सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के स्रोतों को विकसित किया है, लेकिन आज भी उसकी औद्योगिक रीढ़ और बिजली उत्पादन का एक बहुत बड़ा हिस्सा पूरी तरह से कोयले पर ही निर्भर है।
अक्सर देखा गया है कि स्थानीय स्तर पर खदान संचालक अधिक मुनाफे और कोयले की भारी मांग को पूरा करने के चक्कर में सुरक्षा प्रोटोकॉल (Safety Protocols) और नियमों की अनदेखी करते हैं। सुरक्षा मानकों में ढिलाई, वेंटिलेशन सिस्टम की नियमित जांच न होना और आपातकालीन स्थिति से निपटने के पुख्ता इंतजामों का न होना ही बार-बार सैकड़ों मासूम मजदूरों की जान जोखिम में डाल देता है।

