हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल का नया बड़ा सैन्य अभियान, लेबनान में बढ़ा तनाव; सीमा से लेकर बेरूत तक तेज हुई कार्रवाई

Praveen Yadav
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मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ एक नया और व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया है, जिसके तहत दक्षिणी लेबनान, बेक्का घाटी और कई रणनीतिक क्षेत्रों में हवाई और जमीनी कार्रवाई तेज कर दी गई है। इस सैन्य अभियान ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है और युद्धविराम की संभावनाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ एक नया और व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया है, जिसके तहत दक्षिणी लेबनान, बेक्का घाटी और कई रणनीतिक क्षेत्रों में हवाई और जमीनी कार्रवाई तेज कर दी गई है। इस सैन्य अभियान ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है और युद्धविराम की संभावनाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने हिज्बुल्लाह के सैन्य ढांचे को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू किया है। इजरायली सेना का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य उत्तरी सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करना और हिज्बुल्लाह की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है।

100 से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई

रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेक्का घाटी में हिज्बुल्लाह से जुड़े 100 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में कथित तौर पर हथियार भंडारण केंद्र, कमांड पोस्ट और निगरानी ठिकानों को निशाना बनाया गया।


इजरायली सेना का कहना है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल उत्तरी इजरायल पर हमलों और सैन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। वहीं हिज्बुल्लाह ने भी कई क्षेत्रों में जवाबी कार्रवाई का दावा किया है।

लितानी नदी पार पहुंची इजरायली सेना

इस पूरे अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह माना जा रहा है कि इजरायली सैनिकों ने दक्षिणी लेबनान की रणनीतिक लितानी नदी के उत्तर की ओर भी सैन्य गतिविधियां बढ़ाई हैं। विशेषज्ञ इसे संघर्ष का बड़ा विस्तार मान रहे हैं क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय से सुरक्षा और सैन्य संतुलन का अहम केंद्र माना जाता रहा है।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में संकेत दिए थे कि सेना हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपने अभियानों को और व्यापक बनाएगी। इसके बाद सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी गई।

रणनीतिक किले पर कब्जे का दावा

एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में स्थित ऐतिहासिक और रणनीतिक महत्व वाले ब्यूफोर्ट कैसल (Beaufort Castle) क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि यह पिछले 26 वर्षों में लेबनान के भीतर इजरायल की सबसे गहरी सैन्य घुसपैठ मानी जा रही है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के रणनीतिक क्षेत्रों पर नियंत्रण से इजरायल को सैन्य निगरानी और ऑपरेशनल बढ़त मिल सकती है।

युद्धविराम पर बढ़े सवाल

हालांकि पहले संघर्ष को रोकने के लिए युद्धविराम और कूटनीतिक प्रयास किए गए थे, लेकिन मौजूदा हालात ने उन कोशिशों को कमजोर कर दिया है। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर हमलों के आरोप लगा रहे हैं और सीमा क्षेत्रों में टकराव जारी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सैन्य कार्रवाई इसी स्तर पर जारी रही तो युद्धविराम पूरी तरह टूट सकता है और संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।

लाखों लोग प्रभावित

लगातार बढ़ती हिंसा का असर आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और कई क्षेत्रों में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की चेतावनी भी दी गई है।

संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने क्षेत्र में तनाव कम करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

अमेरिका की मध्यस्थता पर भी नजर

इस बीच अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान से जुड़े सुरक्षा एवं कूटनीतिक संवाद की कोशिशें जारी हैं। रिपोर्टों के अनुसार वॉशिंगटन में दोनों पक्षों से जुड़े अधिकारियों के बीच बातचीत की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन मौजूदा सैन्य कार्रवाई ने शांति प्रयासों को और जटिल बना दिया है।

क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष केवल इजरायल और हिज्बुल्लाह तक सीमित नहीं रह सकता। ईरान, लेबनान और पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति पर इसका असर पड़ सकता है। यही वजह है कि दुनिया की बड़ी शक्तियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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