मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच रविवार को मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेन द्वारा किए गए बड़े ड्रोन हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य भारतीय घायल हो गए। रूस में भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि दूतावास के अधिकारी मौके पर पहुंचे और अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की है।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि मॉस्को क्षेत्र में हुए ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है और तीन अन्य घायल हैं। दूतावास स्थानीय प्रशासन और संबंधित कंपनी प्रबंधन के साथ मिलकर पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।
मॉस्को पर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक
रूसी अधिकारियों के अनुसार यूक्रेन ने रातभर में लगभग 600 ड्रोन से हमला किया। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 556 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए, जबकि सुबह के समय 30 और ड्रोन नष्ट किए गए। हमले रूस के 14 क्षेत्रों, क्रीमिया, ब्लैक सी और अजोव सागर तक फैले हुए थे।
रूसी प्रशासन ने बताया कि मॉस्को क्षेत्र में कम से कम चार लोगों की मौत हुई, जिनमें एक भारतीय कर्मचारी भी शामिल था। कई आवासीय इमारतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा, जबकि मॉस्को के तेल रिफाइनरी क्षेत्र के आसपास भी धमाकों की खबरें सामने आईं।
भारतीय दूतावास ने जताया दुख
रूस स्थित भारतीय दूतावास ने मृतक भारतीय नागरिक के प्रति शोक व्यक्त किया। दूतावास ने कहा कि घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
हालांकि मृतक और घायलों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि वे रूस में कार्यरत कर्मचारी थे।
जेलेंस्की बोले- हमला पूरी तरह जायज
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने मॉस्को पर किए गए हमले को “पूरी तरह जायज” बताया। उन्होंने कहा कि रूस लगातार यूक्रेन के शहरों और नागरिकों पर हमले कर रहा है, इसलिए यूक्रेन की प्रतिक्रिया स्वाभाविक है।
जेलेंस्की ने कहा कि इस बार यूक्रेन की लंबी दूरी तक मार करने वाली कार्रवाई मॉस्को क्षेत्र तक पहुंची है और रूस को यह संदेश दिया गया है कि युद्ध खत्म करना ही बेहतर विकल्प है।
कीव हमले के बाद बढ़ा तनाव
यह हमला ऐसे समय हुआ जब हाल ही में रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे। उन हमलों में कम से कम 24 लोगों की मौत हुई थी और कई इमारतें तबाह हो गई थीं। यूक्रेन ने उसी के जवाब में रूस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए।
विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के बीच युद्ध अब और अधिक खतरनाक चरण में पहुंच चुका है, जहां राजधानी क्षेत्रों और रणनीतिक ठिकानों को सीधे निशाना बनाया जा रहा है।
मॉस्को में दहशत, एयर डिफेंस अलर्ट
रूसी अधिकारियों ने बताया कि मॉस्को की वायु रक्षा प्रणाली ने राजधानी की ओर बढ़ रहे 80 से अधिक ड्रोन को रोका। कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं और कुछ स्थानों पर इमारतों को नुकसान पहुंचा। शेरमेत्येवो एयरपोर्ट के पास भी ड्रोन मलबा गिरने की सूचना मिली, हालांकि बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ क्षेत्रों में लोगों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
रूस-यूक्रेन युद्ध लगातार हो रहा घातक
2022 में शुरू हुए रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यह पहली बार नहीं है जब मॉस्को क्षेत्र पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला हुआ हो, लेकिन इसे अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है। युद्ध के चलते दोनों देशों में लगातार सैन्य और नागरिक नुकसान बढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने युद्ध की प्रकृति बदल दी है। अब सीमाओं से दूर स्थित शहर भी सुरक्षित नहीं माने जा रहे।
वैश्विक चिंता बढ़ी
मॉस्को हमले में भारतीय नागरिक की मौत के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है। विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर दुनिया भर के नागरिकों और वैश्विक सुरक्षा पर पड़ रहा है।
भारत समेत कई देश लगातार युद्ध समाप्त करने और शांतिपूर्ण समाधान की अपील कर रहे हैं।
निष्कर्ष
मॉस्को क्षेत्र में हुए इस बड़े ड्रोन हमले ने रूस-यूक्रेन युद्ध की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। एक भारतीय कर्मचारी की मौत और तीन अन्य भारतीयों के घायल होने से यह संघर्ष भारतीय नागरिकों तक भी पहुंच गया है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच बढ़ते हमले आगे किस दिशा में जाते हैं और क्या जल्द किसी कूटनीतिक समाधान की संभावना बनती है।

