बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गई हैं। Cannes Film Festival 2026 में उनकी मौजूदगी को लेकर इंटरनेट पर शुरू हुई ट्रोलिंग के बाद अब उनकी मां और अभिनेत्री सोनी राजदान खुलकर बेटी के समर्थन में सामने आई हैं। सोनी राजदान ने सोशल मीडिया पर बढ़ती नफरत और ट्रोल संस्कृति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि “सोशल मीडिया नफरत से भरा हुआ है।” 0
दरअसल, हाल ही में Cannes Film Festival से आलिया भट्ट के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन वीडियो को लेकर कई यूजर्स ने दावा किया कि इंटरनेशनल फोटोग्राफर्स और मीडिया ने आलिया को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर अभिनेत्री को लेकर मीम्स और ट्रोलिंग शुरू हो गई। 1
इसी विवाद के बीच सोनी राजदान ने ट्रोल्स पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया अब एक ऐसी जगह बनती जा रही है जहां लोग बिना वजह दूसरों को निशाना बनाते हैं। उनके मुताबिक किसी की उपलब्धि की सराहना करने के बजाय लोग उसमें कमियां निकालने में ज्यादा रुचि दिखाते हैं। 2
सोनी राजदान के बयान के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री से भी कई कलाकार आलिया भट्ट के समर्थन में उतर आए। अभिनेता सोनू सूद ने बिना नाम लिए एक पोस्ट साझा कर लोगों से दयालुता और सम्मान बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भारतीय कलाकार का वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात है और उसे सराहना मिलनी चाहिए। 3
टीवी और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कलाकार राहुल वैद्य और अली गोनी ने भी आलिया के समर्थन में आवाज उठाई। दोनों ने सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग की आलोचना करते हुए कहा कि किसी को बेवजह निशाना बनाना गलत है। 4
एक्ट्रेस आयशा खान ने भी ट्रोल्स पर निशाना साधते हुए कहा कि आलिया भट्ट को हर छोटी बात पर ट्रोल किया जाता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अनावश्यक नफरत तेजी से बढ़ रही है और लोग बिना पूरी जानकारी के दूसरों को जज करने लगते हैं। 5
आलिया भट्ट ने हालांकि इस पूरे विवाद पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने ट्रोलिंग का जवाब काफी शांत और सकारात्मक तरीके से दिया। फैंस का कहना है कि आलिया ने हमेशा आलोचनाओं का सामना संयम के साथ किया है और यही वजह है कि उनके समर्थक लगातार उनके पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं। 6
सोशल मीडिया पर यह बहस अब केवल आलिया भट्ट तक सीमित नहीं रह गई है। कई लोग इसे ऑनलाइन ट्रोलिंग और डिजिटल बुलिंग की बड़ी समस्या से जोड़कर देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती नफरत और व्यक्तिगत हमले मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं।
हाल के वर्षों में कई बॉलीवुड सितारे ऑनलाइन ट्रोलिंग का शिकार हो चुके हैं। खासकर महिला कलाकारों को अक्सर उनके कपड़ों, लुक्स, बोलचाल या सार्वजनिक मौजूदगी को लेकर निशाना बनाया जाता है। कई कलाकार पहले भी कह चुके हैं कि सोशल मीडिया की लगातार निगेटिविटी मानसिक दबाव बढ़ाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया ने लोगों को अपनी राय रखने की आजादी जरूर दी है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है। किसी कलाकार की आलोचना और व्यक्तिगत अपमान के बीच एक बड़ा फर्क होता है। जब आलोचना नफरत और ट्रोलिंग में बदल जाती है, तब उसका असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे ऑनलाइन माहौल को जहरीला बना देता है।
आलिया भट्ट की Cannes उपस्थिति को लेकर शुरू हुई यह बहस अब इंटरनेट पर “celebrity trolling” और “online hate culture” पर बड़ी चर्चा का रूप ले चुकी है। कई यूजर्स सोशल मीडिया पर अपील कर रहे हैं कि लोगों को दूसरों की सफलता का सम्मान करना सीखना चाहिए और बिना वजह किसी को ट्रोल करना बंद करना चाहिए।
फिलहाल सोनी राजदान का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ यूजर्स ने उनकी बात से सहमति जताई, जबकि कुछ लोग अब भी आलिया भट्ट की Cannes उपस्थिति को लेकर अपनी राय रखते दिखाई दे रहे हैं। लेकिन इतना जरूर है कि इस पूरे विवाद ने एक बार फिर सोशल मीडिया की ट्रोल संस्कृति और ऑनलाइन नफरत को लेकर बहस तेज कर दी है।

