राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने देश के 4 बड़े राज्यों में छापेमारी कर चीन से तस्करी कर लाई जा रही प्रतिबंधित ई-सिगरेट के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
क्रिकेटर रियान पराग और युजवेंद्र चहल के हालिया 'वेप' (Vape) विवाद के बाद देश में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी बीच वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाली केंद्रीय एजेंसी राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने अवैध निकोटीन और वेप तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।
डीआरआई ने देश के अलग-अलग राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए ₹120 करोड़ से अधिक मूल्य की करीब 3 लाख प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और वेप डिवाइसेज को सफलतापूर्वक जब्त किया है।
देश के इन 4 बड़े राज्यों में हुई छापेमारी
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर यह देशव्यापी ऑपरेशन पिछले कुछ दिनों से चलाया जा रहा था।
📊 टारगेट राज्य: महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल
📌 मुख्य केंद्र: बंदरगाह (Ports), हवाई अड्डे (Airports) और ICDs
🔴 कुल बरामदगी: लगभग 3,00,000 ई-सिगरेट, मूल्य ₹120 करोड़+
चीन से जुड़ा है कनेक्शन, ऐसे हो रही थी तस्करी
डीआरआई की शुरुआती जांच में इस अवैध सिंडिकेट के पीछे चीन का कनेक्शन सामने आया है।
🇨🇳 सप्लाई स्रोत: सभी खेप चीन से मंगवाई गई थीं
🪑 छुपाने का तरीका: फर्नीचर और मेटल चेयर पार्ट्स के रूप में घोषणा
📑 फर्जी दस्तावेज: कस्टम्स को चकमा देने के लिए गलत घोषणा और हेरफेर
भारत में क्यों पूरी तरह बैन है ई-सिगरेट और वेप?
सरकार ने साफ किया है कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का व्यापार पूरी तरह गैरकानूनी है।
📌 2019 का कानून: इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019
📊 प्रतिबंध: उत्पादन, आयात, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन सभी पर पूर्ण रोक
🔴 कार्रवाई जारी: बंदरगाहों और कार्गो टर्मिनलों पर निगरानी और सख्त की जाएगी

