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| वामपंथी कार्यकर्ताओं ने ईडी टीम की उस कार को घेर लिया, जिसने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के घर के बाहर छापा मारा था। |
तिरुवनंतपुरम: केरल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के दौरान बुधवार को बड़ा राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनसे जुड़े परिसरों पर चल रही छापेमारी के बीच वामपंथी कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों की गाड़ी को घेर लिया और उसका शीशा तोड़ दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारी CPI(M) कार्यकर्ता ED की कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने एजेंसी की गाड़ी को रोकने की कोशिश की और वाहन के विंडशील्ड पर हमला कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
ED की टीम कथित पे-ऑफ केस से जुड़े मामले में पिनराई विजयन और उनकी बेटी से संबंधित परिसरों पर छापेमारी कर रही थी। बताया जा रहा है कि एजेंसी ने राज्यभर में कई जगहों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।
जैसे ही छापेमारी की खबर फैली, बड़ी संख्या में वामपंथी समर्थक मौके पर जमा हो गए और उन्होंने ED की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया।
गाड़ी का शीशा तोड़ा, सुरक्षा बलों को करनी पड़ी मशक्कत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान ED अधिकारियों की गाड़ी को घेर लिया गया। गाड़ी में महिला अधिकारी भी मौजूद थीं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें प्रदर्शनकारी वाहन के आसपास नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस घटना के बाद केरल की राजनीति और गर्म हो गई है। CPI(M) नेताओं ने ED की कार्रवाई को केंद्र सरकार की राजनीतिक रणनीति बताया है, जबकि विपक्षी दलों ने हिंसक विरोध को कानून व्यवस्था के लिए खतरा करार दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस मामले का असर आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
ED की कार्रवाई क्यों चर्चा में है?
हाल के महीनों में ED की कार्रवाई कई राज्यों में राजनीतिक बहस का मुद्दा बनी हुई है। विपक्षी दल लगातार केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
वहीं एजेंसियों का कहना है कि वे केवल कानून और उपलब्ध सबूतों के आधार पर कार्रवाई करती हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
केरल की इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के रवैये की आलोचना कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक विरोध का हिस्सा बता रहे हैं।
वीडियो क्लिप्स और तस्वीरें लगातार शेयर की जा रही हैं, जिससे मामला राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है।
Conclusion
केरल में ED टीम की गाड़ी पर हमला और विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। पिनराई विजयन से जुड़े छापों के बीच हुई यह घटना कानून व्यवस्था और राजनीतिक टकराव दोनों पर सवाल खड़े कर रही है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां आगे क्या कदम उठाती हैं और राज्य सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया देती है।
FAQ
केरल में ED टीम पर हमला कब हुआ?
यह घटना 27 मई 2026 को छापेमारी के दौरान हुई।
किस मामले में ED छापेमारी कर रही थी?
रिपोर्ट्स के अनुसार कथित पे-ऑफ केस से जुड़े मामले में कार्रवाई की जा रही थी।
प्रदर्शन किसने किया?
रिपोर्ट्स के मुताबिक CPI(M) कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।

