FIR पर सपा सांसद इकरा हसन का बड़ा हमला: "कान खोलकर सुन ले प्रशासन, हम डरने वाले नहीं"

Praveen Yadav
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन के खिलाफ दर्ज एफआईआर ने सूबे की राजनीति में उबाल ला दिया है। हत्या के एक मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर डीआईजी कार्यालय के बाहर धरना देने पर पुलिस ने उन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज किया है।

🔴 JanDrishti Political Desk: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन के खिलाफ दर्ज एफआईआर ने सूबे की राजनीति में उबाल ला दिया है। हत्या के एक मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर डीआईजी कार्यालय के बाहर धरना देने पर पुलिस ने उन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज किया है।


एफआईआर के बाद तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इकरा हसन ने कहा, "प्रशासन को लगता है कि वे हमें मुकदमों से डरा लेंगे, तो कान खोलकर सुन लें—हम डरने वाले नहीं हैं। हम गरीब और मजलूमों के लिए इंसाफ की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ते रहेंगे।"

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद 21 अप्रैल को शामली के जसाला जंगल में हुई मोनू कश्यप की हत्या से जुड़ा है। मृतक की मां विमलेश देवी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर इकरा हसन 21 मई को सहारनपुर डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं।


इकरा हसन का आरोप है कि वहां न तो उन्हें कोई ठोस आश्वासन मिला और न ही पीड़ित मां की सुनवाई हुई, बल्कि उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। इसी विरोध प्रदर्शन और कथित तौर पर सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप में सहारनपुर पुलिस ने सांसद, एक पूर्व मंत्री और 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।


अखिलेश यादव का समर्थन और कश्यप समाज का आक्रोश

इस पूरे मामले को लेकर समाजवादी पार्टी पूरी तरह से अपनी सांसद के साथ खड़ी है। हाल ही में इकरा हसन मृतक मोनू कश्यप की मां को लेकर अखिलेश यादव और डिंपल यादव से भी मिली थीं, जहाँ अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा।


शामली में कश्यप समाज इस घटना के बाद से बेहद आक्रोशित है। समाज का कहना है कि जो जनप्रतिनिधि उन्हें न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतर रही है, उसी पर केस दर्ज करना प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है।


इकरा हसन की प्रशासन को चुनौती

इकरा हसन ने सत्ताधारी बीजेपी सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा, "अमीर लोगों की तो सुनवाई तुरंत हो जाती है, लेकिन गरीब और पीड़ित दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। जब हम इंसाफ की मांग करते हैं, तो उल्टा हम पर ही एफआईआर कर दी जाती है। यह पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।"


इकरा हसन FIR विवाद: महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1: सपा सांसद इकरा हसन पर पुलिस ने क्या आरोप लगाए हैं?
सहारनपुर पुलिस ने इकरा हसन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और डीआईजी कार्यालय के बाहर हंगामा करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज की है।
Q2: यह पूरा विवाद किस घटना से जुड़ा है?
यह विवाद मोनू कश्यप की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग से जुड़ा है।
Q3: इकरा हसन ने एफआईआर के बाद क्या बयान दिया है?
इकरा हसन ने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा है कि वे मुकदमों से डरने वाली नहीं हैं और गरीबों व मजलूमों की आवाज उठाना जारी रखेंगी।
Q4: क्या समाजवादी पार्टी के नेतृत्व ने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
हां, अखिलेश यादव ने इकरा हसन का समर्थन किया है और पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें आर्थिक मदद भी प्रदान की है।


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