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घटनाक्रम तिथि: 25 मई 2026 | मुद्दा: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और विपक्ष का हमला
देश में आम जनता पर महंगाई का बोझ एक बार फिर बढ़ गया है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव के बीच तेल कंपनियों ने पिछले दो हफ्तों में चौथी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी की है। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में उबाल आ गया है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने पीएम मोदी को 'महंगाई मानव' (Inflation Man) का नया नाम दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव खत्म होते ही आम जनता की जेब काटने का काम शुरू कर देती है। आइए जानते हैं कि राहुल गांधी ने सरकार पर क्या आरोप लगाए और इस वक्त देश में तेल की नई कीमतें क्या हैं।
"चुपके-चुपके किश्तों में काटी जा रही है जेब" - राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर सरकार की मूल्य निर्धारण नीति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने हिंदी में पोस्ट करते हुए लिखा—"महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला। पेट्रोल-डीज़ल के दाम किश्तों में बढ़ाते हैं - ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे।"
राहुल गांधी ने आगे कहा कि वह पिछले कई महीनों से देश में आने वाले 'आर्थिक तूफान' को लेकर चेतावनी दे रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे इस संकट की बात कर रहे थे, तब प्रधानमंत्री मोदी हमेशा की तरह चुनावी रैलियों और प्रचार में व्यस्त थे और जैसे ही चुनाव खत्म हुए, पेट्रोल-डीजल के दाम सीधे ₹8 तक बढ़ा दिए गए। राहुल ने तंज कसते हुए कहा कि 'महंगाई मानव' का काम सिर्फ चुनाव में बड़े-बड़े वादे करना और बाकी समय जनता की जेब पर वार करना रह गया है। इस विषय पर विस्तृत राजनीतिक रिपोर्ट आप Dainik Jagran (दैनिक जागरण) की वेबसाइट पर भी पढ़ सकते हैं।
10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम: आम जनता पर ₹7 से ज्यादा का बोझ
तेल विपणन कंपनियों द्वारा सोमवार (25 मई 2026) को की गई नई बढ़ोतरी के बाद देश के प्रमुख महानगरों में ईंधन की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। पिछले 10 दिनों के भीतर कुल मिलाकर पेट्रोल-डीजल करीब ₹7.50 प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है।
- ताजा बढ़ोतरी: सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- पिछला ट्रेंड: इससे पहले 15 मई को ₹3 की बढ़ोतरी हुई थी, जिसके बाद 19 मई को 90 पैसे और 23 मई को भी कीमतों में इजाफा किया गया था। इस प्रकार यह लगातार चौथा झटका है।
महानगरों में आज की नई दरें (25 मई 2026 को पेट्रोल-डीजल के भाव)
ताजा संशोधन के बाद देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार पहुंच गई हैं:
| शहर (City) | पेट्रोल की नई कीमत (₹/लीटर) | डीजल की नई कीमत (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली (Delhi) | ₹102.12 | ₹95.20 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹113.51 | ₹100.00+ |
| मुंबई (Mumbai) | ₹108.50 | ₹95.00+ |
| चेन्नई (Chennai) | ₹105.30 | ₹97.00+ |
मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी बोला हमला: "यह बीजेपी की खुली लूट"
राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। खड़गे ने एक्स (X) पर लिखा कि ईंधन की कीमतों में बार-बार होने वाली इस बढ़ोतरी का सीधा असर देश के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। इसकी वजह से देश के किसानों और छोटे व मध्यम उद्योगों (MSMEs) की कमर टूट रही है।
कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार इस मनमाने ढंग से बढ़ाए गए दामों को तुरंत वापस ले और जनता को राहत दे। भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक तेल नीतियों और कच्चे तेल के वैश्विक डेटा को समझने के लिए आप पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) - ईंधन मूल्य वृद्धि विवाद
1. राहुल गांधी ने पीएम मोदी को 'महंगाई मानव' (Inflation Man) क्यों कहा है?
राहुल गांधी ने पिछले 10 दिनों में चौथी बार बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमतों के विरोध में यह तंज कसा है। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री चुनावों के दौरान जनता से बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही किश्तों में दाम बढ़ाकर आम लोगों की जेब काटते हैं।
2. मई 2026 में पेट्रोल और डीजल के दामों में कुल कितनी बढ़ोतरी हुई है?
15 मई 2026 से लेकर 25 मई 2026 के बीच महज 10 दिनों के भीतर चार अलग-अलग किश्तों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग ₹7.50 प्रति लीटर तक का भारी इजाफा किया जा चुका है।
3. अचानक देश में ईंधन की कीमतें इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही हैं?
इसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। इसके अलावा, घरेलू बाजार में सरकारी तेल कंपनियों द्वारा पिछले कुछ समय से रोके गए घाटे की भरपाई भी किश्तों में दाम बढ़ाकर की जा रही है।
निष्कर्ष (Conclusion)
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी केवल राजनीति का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर देश की रसोई और माल ढुलाई पर पड़ता है, जिससे हर एक उपभोक्ता वस्तु महंगी हो जाती है।
राहुल गांधी और विपक्ष का यह आक्रामक रुख साफ करता है कि आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक महंगाई को लेकर बड़ा आंदोलन छिड़ सकता है। अब यह देखना होगा कि वैश्विक चुनौतियों का हवाला देने वाली केंद्र सरकार आम जनता को इस 'ईंधन लूट' से बचाने के लिए टैक्स (Excise Duty) में कटौती जैसे कोई कदम उठाती है या नहीं।

