Future Wars: भविष्य के युद्ध साइबर और कॉग्निटिव डोमेन में लड़े जाएंगे, सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी का बड़ा बयान

Praveen Yadav
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Future Wars News: भारतीय सेना प्रमुख (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि भविष्य के युद्ध केवल पारंपरिक युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि साइबर स्पेस, सूचना तंत्र और कॉग्निटिव डोमेन में भी लड़े जाएंगे। उन्होंने बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल और आधुनिक तकनीकों के बढ़ते प्रभाव पर जोर देते हुए कहा कि सशस्त्र बलों को नई चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा।

Future Wars News: भारतीय सेना प्रमुख (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि भविष्य के युद्ध केवल पारंपरिक युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि साइबर स्पेस, सूचना तंत्र और कॉग्निटिव डोमेन में भी लड़े जाएंगे। उन्होंने बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल और आधुनिक तकनीकों के बढ़ते प्रभाव पर जोर देते हुए कहा कि सशस्त्र बलों को नई चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा।


जनरल द्विवेदी ने कहा कि युद्ध की प्रकृति तेजी से बदल रही है और आधुनिक संघर्षों में तकनीक, डेटा, सूचना और मानव सोच को प्रभावित करने वाले तत्व महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


साइबर स्पेस बन रहा नया युद्धक्षेत्र

सेना प्रमुख ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर स्पेस राष्ट्रीय सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। देशों के बीच प्रतिस्पर्धा अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल नेटवर्क और सूचना प्रणालियां भी रणनीतिक महत्व रखती हैं।


उन्होंने कहा कि साइबर डोमेन में बढ़ती गतिविधियां यह संकेत देती हैं कि भविष्य के संघर्षों में तकनीकी क्षमता निर्णायक साबित हो सकती है।


कॉग्निटिव डोमेन की बढ़ती भूमिका

जनरल द्विवेदी ने कहा कि भविष्य के युद्धों में कॉग्निटिव डोमेन यानी लोगों की सोच, धारणा और निर्णय क्षमता को प्रभावित करने वाले पहलुओं का महत्व लगातार बढ़ रहा है।


उन्होंने बताया कि सूचना आधारित रणनीतियां और जनमत को प्रभावित करने वाले अभियान आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में सशस्त्र बलों को पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों प्रकार के खतरों को समझना होगा।


तकनीक और नवाचार पर जोर

सेना प्रमुख ने रक्षा क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और आधुनिक क्षमताओं के विकास की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उभरती हुई तकनीकों को अपनाना और उन्हें सैन्य तैयारियों का हिस्सा बनाना समय की मांग है।


उन्होंने यह भी कहा कि भारत लगातार अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है और नई तकनीकों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


बदलते सुरक्षा माहौल पर चर्चा

जनरल द्विवेदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। ऐसे में सैन्य संगठनों को लचीली रणनीति, आधुनिक प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता के साथ आगे बढ़ना होगा।


उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित दृष्टिकोण और बहुआयामी तैयारी आवश्यक है।


आधुनिक युद्ध की नई तस्वीर

सेना प्रमुख के अनुसार आधुनिक युद्ध केवल हथियारों और सैनिकों तक सीमित नहीं हैं। अब सूचना, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर नेटवर्क और मानसिक प्रभाव जैसे क्षेत्र भी राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण आयाम बन चुके हैं।


उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्धों को समझने और उनसे निपटने के लिए व्यापक सोच और आधुनिक दृष्टिकोण की आवश्यकता होगी।


मुख्य बातें

  • सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का बड़ा बयान
  • भविष्य के युद्ध साइबर स्पेस और कॉग्निटिव डोमेन में भी लड़े जाएंगे
  • तकनीक और सूचना की भूमिका लगातार बढ़ रही है
  • राष्ट्रीय सुरक्षा में डिजिटल क्षमताओं का महत्व बढ़ा
  • आधुनिक सैन्य तैयारियों पर जोर
  • बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल के अनुसार रणनीति जरूरी
  • उभरती तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता बताई

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