नई दिल्ली में 28-31 मई को होने वाले चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में फैले घातक इबोला के चलते स्थगित कर दिया गया है।
भारत और अफ्रीकी देशों के बीच कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने के लिए करीब एक दशक (11 साल) बाद होने जा रहे ऐतिहासिक 'भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन' (IAFS) को अचानक स्थगित कर दिया गया है। यह सम्मेलन इसी महीने 28 मई से 31 मई 2026 तक देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होना था।
द प्रिंट (ThePrint) की रिपोर्ट के अनुसार, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा सहित अफ्रीकी देशों में फैले घातक इबोला वायरस (Ebola Outbreak) के प्रकोप को देखते हुए भारत और अफ्रीकी संघ ने संयुक्त रूप से इस समिट को आगे बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है।
विदेश मंत्रालय (MEA) का आधिकारिक बयान
यह संवेदनशील फैसला भारत सरकार, अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष और अफ्रीकी संघ आयोग के अध्यक्ष के बीच गहन बातचीत के बाद लिया गया है।
📊 आपसी सहमति से फैसला: विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि आपसी विचार-विमर्श के बाद दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन का आयोजन बाद की किसी तारीख को करना ही उचित रहेगा।
📌 व्यापक भागीदारी का लक्ष्य: दोनों पक्षों का मानना है कि इस वैश्विक समिट में सभी अफ्रीकी नेताओं और अन्य साझीदारों की व्यापक व सुरक्षित भागीदारी सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
🔴 नई तारीखों का ऐलान: शिखर सम्मेलन और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण बैठकों की नई तारीखें दोनों पक्षों की आपसी चर्चा के बाद तय की जाएंगी और जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
अफ्रीका में इबोला महामारी की ताजा स्थिति
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रविवार को डीआरसी और युगांडा में फैले इबोला प्रकोप को “अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल” घोषित किया है।
🇨🇩 मृत्यु का आंकड़ा: अफ्रीका में पिछले सप्ताह फैले इबोला प्रकोप के कारण केवल कांगो (DRC) में कम से कम 65 लोगों की मौत हो चुकी है।
📑 सैकड़ों संदिग्ध मामले: रिपोर्ट के अनुसार, युगांडा और दक्षिण सूडान की सीमा से लगे क्षेत्रों में रक्तस्रावी बुखार के लगभग 246 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।
🔬 लैब में पुष्टि: अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) के अनुसार, राष्ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला ने जांचे गए 20 नमूनों में से 13 में इबोला वायरस की पुष्टि की है। साल 1976 में इस वायरस की पहचान होने के बाद से अब तक इसके 16 प्रकोप हो चुके हैं।
क्या है भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन का इतिहास?
यह शिखर सम्मेलन भारत और अफ्रीकी संघ के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक बातचीत का सबसे बड़ा आधिकारिक मंच है।
📌 पहले तीन सम्मेलन: इसका पहला सम्मेलन साल 2008 में नई दिल्ली में, दूसरा 2011 में इथियोपिया के अदीस अबाबा में और तीसरा सम्मेलन साल 2015 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।
📊 11 साल बाद वापसी: मई 2026 में होने वाला यह चौथा सम्मेलन एक दशक से भी अधिक समय बाद आयोजित होने वाला पहला ऐसा आयोजन था।
🔴 मुख्य एजेंडा: इस चौथे शिखर सम्मेलन में मुख्य रूप से दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल सार्वजनिक ढांचे (Digital Public Infrastructure) को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना है।
स्वास्थ्य सुरक्षा पर भारत और अफ्रीका की एकजुटता
शिखर सम्मेलन भले ही टल गया हो, लेकिन भारत ने स्वास्थ्य संकट के इस दौर में अफ्रीकी महाद्वीप के साथ अपनी मजबूत एकजुटता दोहराई है।
📊 सहयोग जारी रहेगा: भारत और अफ्रीकी संघ ने पूरे अफ्रीका में सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारी और प्रतिक्रिया प्रणाली (Public Health System) को मजबूत करने के लिए आपसी सहयोग जारी रखने पर विशेष जोर दिया है।
📌 मेडिकल सपोर्ट की तैयारी: भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड PREVENTION और वहां के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों को हर संभव सहायता और अफ्रीका के नेतृत्व वाले स्वास्थ्य प्रयासों में मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

