बड़ी खबर: पुलवामा हमले का पापी हमजा बुरहान PoK में ढेर, अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से भूना

Praveen Yadav
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पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और 'डॉक्टर' के नाम से मशहूर खूंखार आतंकी हमजा बुरहान को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में अज्ञात बंदूकधारियों ने मौत के घाट उतार दिया।

पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और 'डॉक्टर' के नाम से मशहूर खूंखार आतंकी हमजा बुरहान को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में अज्ञात बंदूकधारियों ने मौत के घाट उतार दिया।

भारत के खिलाफ आतंकी साजिशें रचने वाले पाकिस्तान पोषित आतंकियों के लिए एक बार फिर 'अज्ञात हमलावर' यमराज बनकर सामने आए हैं। वर्ष 2019 में हुए भारत के सबसे भीषण पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Terror Attack) के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक और खूंखार आतंकी हमजा बुरहान (Hamza Burhan) का पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में खात्मा हो गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, मुजफ्फराबाद में अज्ञात बंदूकधारियों ने उस पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बुरहान को कई गोलियां लगी थीं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए इसे एक बहुत बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।

📊 आतंकी हमजा बुरहान के खात्मे के मुख्य बिंदु

• मुजफ्फराबाद में हमला: यह घटना PoK की राजधानी मुजफ्फराबाद के एक कॉलेज के बाहर हुई, जहां घात लगाए बैठे हमलावरों ने बुरहान को निशाना बनाया।

• मौके पर ही मौत: आतंकी हमजा बुरहान को बेहद करीब से कई गोलियां मारी गईं, जिससे उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

• ISI की सुरक्षा फेल: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने हमजा बुरहान की सुरक्षा के लिए AK-47 से लैस गार्ड तैनात किए हुए थे, लेकिन फिर भी हमलावर अपना काम करके आराम से फरार हो गए।

• बड़ा झटका: सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि बुरहान की मौत से जम्मू-कश्मीर में एक्टिव पाकिस्तानी आतंक के प्रोपेगैंडा और भर्ती नेटवर्क को भारी झटका लगा है।

🧠 कौन था आतंकी हमजा बुरहान उर्फ 'डॉक्टर'?

हमजा बुरहान का असली नाम अरजुमंद गुलजार डार था। वह मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के खरबटपोरा (रत्नीपोरा) का रहने वाला था। आतंक की दुनिया में लोग उसे 'हमजा बुरहान' और कोड नेम 'डॉक्टर' के नाम से जानते थे।

वर्ष 2017 में वह उच्च शिक्षा की आड़ में वैध दस्तावेजों के सहारे वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गया था। लेकिन वहां पहुंचते ही उसने भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-बद्र (Al-Badr) को जॉइन कर लिया। अपनी क्रूरता और तेज दिमाग के कारण वह बहुत जल्द अल-बद्र का स्वघोषित कमांडर बन बैठा।

बुरहान मुख्य रूप से कश्मीर के स्थानीय युवाओं को बरगलाकर उन्हें कट्टरपंथ के रास्ते पर ले जाने और आतंकी संगठनों में भर्ती कराने का काम करता था। भारत सरकार ने उसकी खतरनाक गतिविधियों को देखते हुए साल 2022 में उसे गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत एक आधिकारिक आतंकवादी घोषित किया था।

🔴 ISI ने 'प्रिंसिपल' बनाकर छिपाया था सच

हमजा बुरहान को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा भी सामने आया है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने भारतीय एजेंसियों से बचाने के लिए बुरहान को एक बड़ा मुखौटा पहना रखा था। ISI ने उसे PoK में एक स्कूल का 'प्रिंसिपल' बनाकर छिपाया हुआ था।

बाहर की दुनिया के लिए वह एक साधारण शिक्षक या प्रिंसिपल की तरह रहता था, लेकिन स्कूल के भीतर और अपने ऑफिस से वह भारत के खिलाफ आतंक का सबसे बड़ा रिक्रूटमेंट सेंटर चला रहा था। ISI ने उसके दफ्तर और घर के बाहर भारी सुरक्षा कवच तैयार किया था, जिसे भेदकर अज्ञात हमलावरों ने उसे ढेर कर दिया।

🔗 2019 के पुलवामा हमले से क्या था संबंध?

14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें भारत के 40 वीर जवान शहीद हो गए थे। इस हमले को जैश-ए-मोहम्मद के सुसाइड बॉम्बर आदिल अहमद डार ने अंजाम दिया था।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हमजा बुरहान इस आत्मघाती हमले के सीधे मास्टरमाइंड्स की मदद करने वाले बड़े इकोसिस्टम का हिस्सा था। वह पुलवामा इलाके का ही रहने वाला था, इसलिए उसने आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट, फंडिंग और ओजीडब्ल्यू (Over Ground Worker) के तौर पर नेटवर्क तैयार करके दिया था। इसके अलावा 18 नवंबर 2020 को सीआरपीएफ जवानों पर हुए एक ग्रेनेड हमले में भी उसका सीधा हाथ था।

🌐 सोशल मीडिया पर 'अज्ञात हमलावरों' की चर्चा तेज

हमजा बुरहान के मारे जाने की खबर जैसे ही मीडिया में आई, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) और फेसबुक पर #HamzaBurhan, #Pulwama और #PoK तेजी से ट्रेंड करने लगे। लोग एक बार फिर पाकिस्तान में छिपे भारत के दुश्मनों को चुन-चुनकर निशाना बनाने वाले 'अज्ञात हमलावरों' (Unknown Men) की तारीफ कर रहे हैं।

पिछले दो सालों में पाकिस्तान और PoK के भीतर लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अल-बद्र के दर्जनों टॉप कमांडर इसी तरह रहस्यमयी तरीके से मारे जा चुके हैं, जिससे पाकिस्तान सरकार और ISI के होश उड़े हुए हैं।

📝 निष्कर्ष

पुलवामा हमले के पापी हमजा बुरहान का इस तरह अंत होना उन 40 शहीद परिवारों के जख्मों पर मरहम की तरह है, जिन्होंने अपने बेटों को खोया था। बुरहान जैसे आतंकियों का खात्मा यह साफ संदेश देता है कि भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले चाहे सात समंदर पार या पाकिस्तान की गोद में जाकर छिप जाएं, उनके पापों का अंत निश्चित है।

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