🔴 JanDrishti Today: भारतीय राजनीति और संसद के गलियारों से एक बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है। हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राघव चड्ढा को उच्च सदन यानी राज्यसभा की बेहद महत्वपूर्ण **याचिका समिति (Committee on Petitions)** का नया चेयरमैन (अध्यक्ष) नियुक्त किया गया है। यह फैसला संसद के नियमों और प्रक्रियाओं के तहत लिया गया है।
राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन (C.P. Radhakrishnan) ने इस समिति का पुनर्गठन करते हुए उच्च सदन के 10 सदस्यों को इस पैनल के लिए मनोनीत किया है। राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना में इसकी पुष्टि की गई है।
सचिवालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, राघव चड्ढा को इस महत्वपूर्ण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सभापति द्वारा इस समिति का पुनर्गठन **20 मई 2026** से प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।
जानें कौन-कौन हैं इस 10 सदस्यीय समिति में शामिल?
राघव चड्ढा की अध्यक्षता वाले इस नए पैनल में देश के अलग-अलग राजनीतिक दलों और क्षेत्रों के वरिष्ठ राज्यसभा सांसदों को जगह दी गई है। इस समिति में अध्यक्ष के अलावा कुल 9 अन्य सदस्य शामिल किए गए हैं।
इस समिति के अन्य मनोनीत सदस्यों में **हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रोंगवरा नरज़ारी और पी. संदोष कुमार** के नाम शामिल हैं।
इसके अलावा राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी एक अन्य अधिसूचना में बताया गया कि सभापति ने 20 मई 2026 को राज्यसभा सदस्य **डॉ. मेनका गुरुस्वामी** को कॉर्पोरेट कानून [संशोधन] विधेयक, 2026 पर बनी संयुक्त समिति के सदस्य के रूप में भी मनोनीत किया है।
संसद में क्या होती है याचिका समिति (Committee on Petitions) की भूमिका?
संसदीय लोकतंत्र में याचिका समिति एक बेहद अहम भूमिका निभाती है। इस समिति का मुख्य काम आम जनता द्वारा सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर राज्यसभा में पेश की जाने वाली याचिकाओं (Petitions) की जांच करना और उन पर विचार करना होता है।
यह समिति जनता की शिकायतों और सुझावों को सीधे संसद के पटल तक पहुंचाने का एक माध्यम बनती है। समिति याचिकाओं की गहन जांच के बाद अपनी सिफारिशों की रिपोर्ट तैयार करती है, जिसे राज्यसभा में प्रस्तुत किया जाता है।
राघव चड्ढा को इस समिति का अध्यक्ष बनाया जाना उनके राजनीतिक करियर के लिहाज से एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बीजेपी में शामिल होने के तुरंत बाद उन्हें इतनी बड़ी संसदीय जिम्मेदारी मिलना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
- 📌 नया पद: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा की 'याचिका समिति' का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
- 📌 नियुक्ति कर्ता: यह नियुक्ति राज्यसभा के वर्तमान सभापति सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा की गई है।
- 📌 प्रभावी तिथि: याचिका समिति का यह नया पुनर्गठन 20 मई 2026 से आधिकारिक तौर पर प्रभावी हो गया है।
- 📌 कुल सदस्य: इस पुनर्गठित संसदीय समिति में राघव चड्ढा (चेयरमैन) सहित कुल 10 सदस्य शामिल हैं।
राज्यसभा की याचिका समिति और राघव चड्ढा की नियुक्ति से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल और जवाब (Detailed FAQs)
Q1: हाल ही में राज्यसभा की याचिका समिति (Committee on Petitions) का नया चेयरमैन किसे नियुक्त किया गया है?
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को राज्यसभा की याचिका समिति का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
Q2: राघव चड्ढा ने हाल ही में किस राजनीतिक दल से बीजेपी (BJP) का दामन थामा है?
राघव चड्ढा ने हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण की है।
Q3: याचिका समिति का पुनर्गठन किसके द्वारा किया गया है और इसके वर्तमान सभापति कौन हैं?
इस समिति का पुनर्गठन राज्यसभा के माननीय सभापति सी.पी. राधाकृष्णन (C.P. Radhakrishnan) द्वारा किया गया है।
Q4: राज्यसभा सचिवालय की अधिसूचना के अनुसार यह नियुक्ति किस तारीख से प्रभावी हुई है?
राज्यसभा की याचिका समिति का यह नया पुनर्गठन और नियुक्तियां 20 मई 2026 से प्रभावी रूप से लागू हुई हैं।
Q5: राघव चड्ढा की अध्यक्षता वाली इस याचिका समिति में कुल कितने सदस्य शामिल हैं?
सभापति द्वारा पुनर्गठित की गई इस संसदीय समिति में चेयरमैन राघव चड्ढा को मिलाकर कुल 10 सदस्य मनोनीत किए गए हैं।
Q6: याचिका समिति में शामिल अन्य प्रमुख सदस्यों के नाम क्या हैं?
समिति के अन्य 9 सदस्य हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रोंगवरा नरज़ारी और पी. संदोष कुमार हैं।
Q7: भारतीय संसद में 'याचिका समिति' का मुख्य कार्य या जिम्मेदारी क्या होती है?
इस समिति का मुख्य कार्य आम जनता या नागरिकों द्वारा सार्वजनिक महत्व के विषयों पर दी जाने वाली याचिकाओं की जांच करना और उन पर अपनी रिपोर्ट सदन को सौंपना है।
Q8: डॉ. मेनका गुरुस्वामी को राज्यसभा सभापति द्वारा किस नई समिति में मनोनीत किया गया है?
राज्यसभा सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को कॉर्पोरेट कानून [संशोधन] विधेयक, 2026 पर बनी संयुक्त समिति (Joint Committee) के सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है।
Q9: क्या यह खबर द हिंदू के अलावा किसी अन्य प्रामाणिक एजेंसी द्वारा भी रिपोर्ट की गई है?
हाँ, द हिंदू के इस लेख के अनुसार यह खबर भारत की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI - Press Trust of India) द्वारा जारी इनपुट्स पर आधारित है।
Q10: दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में राघव चड्ढा से जुड़े किस मामले पर टिप्पणी की थी?
दिल्ली हाईकोर्ट ने राघव चड्ढा की 'पर्सनालिटी राइट्स' (व्यक्तित्व अधिकारों) के संरक्षण की याचिका पर सुनवाई करते हुए मानहानि (Defamation) और राजनीतिक आलोचना (Political Criticism) के बीच एक महीन रेखा होने की बात कही थी।
Q11: क्या कोई भी आम नागरिक इस समिति के समक्ष अपनी याचिका प्रस्तुत कर सकता है?
हाँ, संसदीय नियमों के तहत कोई भी व्यक्ति जनहित या सामान्य सार्वजनिक महत्व के मामलों से जुड़ी याचिका उचित माध्यम (किसी सांसद के जरिए) से समिति के विचारार्थ भेज सकता है।
Q12: बीजेपी में शामिल होने के तुरंत बाद राघव चड्ढा को यह पद मिलना राजनीतिक रूप से क्यों अहम है?
आप से बीजेपी में आने के तुरंत बाद उन्हें संसदीय समिति का अध्यक्ष बनाया जाना यह दर्शाता है कि सदन और नई पार्टी (बीजेपी) में उनके रणनीतिक महत्व और कद को तरजीह दी जा रही है।