पुलिस लाइन के RI पर लगाया था अवैध वसूली का आरोप; वीडियो वायरल होने के बाद कांस्टेबल सुनील शुक्ला सस्पेंड, UP पुलिस की सोशल मीडिया पॉलिसी उल्लंघन का मामला

Praveen Yadav
0
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से पुलिस महकमे के भीतर अनुशासन और आंतरिक विवाद का एक बड़ा मामला सामने आया है। लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल सुनील कुमार शुक्ला को मंगलवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से पुलिस महकमे के भीतर अनुशासन और आंतरिक विवाद का एक बड़ा मामला सामने आया है। लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल सुनील कुमार शुक्ला को मंगलवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। कांस्टेबल सुनील कुमार ने अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और गंभीर दुराचरण के आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस कृत्य को अनुशासनहीनता और 'सोशल मीडिया पॉलिसी' का सीधा उल्लंघन मानते हुए यह दंडात्मक कार्रवाई की है।


क्या है पूरा मामला और कांस्टेबल के आरोप?

मामला लखनऊ की पुलिस लाइन से जुड़ा है, जहां कांस्टेबल सुनील कुमार शुक्ला लंबे समय से तैनात थे। सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात कांस्टेबल सुनील ने एक वीडियो रिकॉर्ड कर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट कर दिया। यह वीडियो देखते ही देखते पुलिस महकमे और आम जनता के बीच वायरल हो गया।


वीडियो में कांस्टेबल सुनील कुमार शुक्ला बेहद भावुक और आक्रोशित नजर आ रहे थे। उन्होंने सीधे तौर पर पुलिस लाइन के आरआई (आरक्षी निरीक्षक/Reserve Inspector) और गणना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए।


मुख्य आरोप:

• ड्यूटी लगाने के नाम पर अवैध वसूली

• मनचाही पोस्टिंग और आसान ड्यूटी के बदले रिश्वत की मांग

• विरोध करने वाले पुलिसकर्मियों का मानसिक उत्पीड़न

• कठिन और लगातार ड्यूटी देकर प्रताड़ित करने का आरोप


सोशल मीडिया पॉलिसी के तहत क्यों हुई कार्रवाई?

वीडियो वायरल होने के बाद लखनऊ पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच के बाद मंगलवार को कांस्टेबल सुनील कुमार शुक्ला के निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया।


वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस की सोशल मीडिया पॉलिसी के उल्लंघन के तहत की गई है।


क्या कहती है UP पुलिस सोशल मीडिया पॉलिसी?

• विभागीय शिकायत सोशल मीडिया पर नहीं डाली जा सकती

• वर्दी में विवादित वीडियो या बयान प्रतिबंधित

• बिना अनुमति मीडिया या सोशल मीडिया पर बयान देना नियम विरुद्ध

• विभाग की छवि खराब करने वाले कंटेंट पर कार्रवाई संभव


पुलिस प्रशासन का कहना है कि कांस्टेबल सुनील को अपनी शिकायत विभागीय अधिकारियों के सामने रखनी चाहिए थी, न कि सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से वीडियो वायरल करना चाहिए था।


क्या आरोपों की भी होगी जांच?

हालांकि कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन उनके लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को भी गंभीरता से लिया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक आरआई और गणना प्रभारी के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी गई है।


एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यदि जांच में ड्यूटी आवंटन या रिश्वतखोरी से जुड़े आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


विभाग में 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि विभाग भ्रष्टाचार के मामलों में 'Zero Tolerance Policy' पर काम कर रहा है। अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार दोनों मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है।


फिलहाल इस मामले ने पुलिस विभाग के भीतर कार्यप्रणाली, आंतरिक दबाव और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*