Twisha Sharma Death Case: पूर्व जज गिरीबाला सिंह और पति समर्थ को 5 दिन की CBI कस्टडी, कोर्ट ने सबूतों से छेड़छाड़ पर लिया बड़ा एक्शन

Praveen Yadav
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Bhopal Court Sends Accused to CBI Remand: देश के सबसे हाई-प्रोफाइल और चर्चित मामलों में से एक, ट्विशा शर्मा मौत मामले (Twisha Sharma Death Case) में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक बड़ी कामयाबी मिली है।
ट्विशा शर्मा हत्याकांड के मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को 29 मई, 2026 को मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित जिला न्यायालय में पेश किया गया। | फोटो साभार: पीटीआई

Bhopal Court Sends Accused to CBI Remand: देश के सबसे हाई-प्रोफाइल और चर्चित मामलों में से एक, ट्विशा शर्मा मौत मामले (Twisha Sharma Death Case) में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। 


भोपाल की जिला और सत्र अदालत (Bhopal District Court) ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए ट्विशा शर्मा की सास और पूर्व जिला जज गिरीबाला सिंह (Giribala Singh) के साथ-साथ उनके पति समर्थ सिंह (Samarth Singh) को 5 दिन की सीबीआई कस्टडी (CBI Remand) में भेज दिया है।


सीबीआई की विशेष न्यायाधीश शोभना भालावे ने दोनों आरोपियों को 2 जून 2026 तक सीबीआई की हिरासत में रखने की अनुमति दी है। सीबीआई अब इस समय सीमा के दौरान मां-बेटे की जोड़ी से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी और सबूतों से छेड़छाड़ की कड़ियों को जोड़ेगी।


गिरफ्तारी के बाद CBI को मिली 5 दिनों की कस्टडी

जांच एजेंसी ने कोर्ट के सामने दोनों आरोपियों से गहरी पूछताछ के लिए 5 दिनों की रिमांड मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इस मामले में पिछले 24 घंटों में बेहद तेजी से बड़े बदलाव देखने को मिले हैं:

  • हाईकोर्ट ने रद्द की थी अग्रिम जमानत: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (MP High Court) ने पूर्व जज गिरीबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को यह कहते हुए पूरी तरह रद्द कर दिया था कि निचली अदालत ने व्हाट्सएप चैट (WhatsApp Chats) और अहम गवाहों के बयानों को नजरअंदाज किया था।
  • 7 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी: जमानत रद्द होने के तुरंत बाद गुरुवार को सीबीआई ने गिरीबाला सिंह के कटारा हिल्स स्थित आवास पर करीब 7 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
  • अदालत में पेशी: शुक्रवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था और मेडिकल परीक्षण कराने के बाद दोनों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया।

दहेज उत्पीड़न, क्रूरता और जबरन अबॉर्शन का गंभीर आरोप

नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय मॉडल और एमबीए ग्रेजुएट ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के रहने वाले वकील समर्थ सिंह से हुई थी। लेकिन शादी के महज 6 महीने के भीतर ही 12 मई 2026 को ट्विशा की उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।


ट्विशा के परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। इसके अलावा सीबीआई की जांच और व्हाट्सएप चैट से यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी ट्विशा के चरित्र पर शक करते थे और उस पर गर्भावस्था (Pregnancy) को खत्म करने यानी जबरन अबॉर्शन कराने का भारी दबाव बना रहे थे।


ट्विशा शर्मा केस: कानूनी कार्रवाई की पूरी टाइमलाइन (Quick Summary)

इस पूरे मामले की मुख्य कानूनी धाराओं, तारीखों और घटनाक्रमों का पूरा विवरण नीचे दी गई तालिका में विस्तार से दिया गया है:

श्रेणी / कानूनी पहलू (Aspect) मुख्य जानकारी और विवरण (Case Details)
मृतका और शादी की तारीख ट्विशा शर्मा (33 वर्ष), शादी - दिसंबर 2025 (Noida to Bhopal)
घटना की तारीख (Death Date) 12 मई 2026 (ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत)
मुख्य आरोपी (Accused) पति समर्थ सिंह (वकील) और सास गिरीबाला सिंह (पूर्व जिला जज)
सीबीआई कस्टडी की अवधि 5 दिन (2 जून 2026 तक पूछताछ के लिए)
दर्ज कानूनी धाराएं (BNS) भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) [दहेज मृत्यु], धारा 85 [क्रूरता] और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4
जांच में मुख्य आरोप दहेज प्रताड़ना, जबरन गर्भपात का दबाव और सीसीटीवी फुटेज (सबूत) से छेड़छाड़

CBI जांच के केंद्र में 'सबूतों से छेड़छाड़' का मामला

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने संस्थागत पक्षपात और जांच में खामियों की शिकायतों को देखते हुए पहले ही स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया था, जिसके बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई।


सीबीआई अब इस एंगल पर विशेष ध्यान दे रही है कि पूर्व जज होने के नाते गिरीबाला सिंह ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सबूतों को मिटाने की कोशिश की या नहीं। उन पर आरोप है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने सीसीटीवी तकनीशियनों को फोन किया था और सोशल मीडिया पर केवल एक चुनिंदा शॉर्ट वीडियो क्लिप लीक की थी ताकि जांच को भटकाया जा सके। हाल ही में एम्स दिल्ली (AIIMS Delhi) की फोरेंसिक टीम ने भी भोपाल आकर दोबारा जांच की है और सभी डिजिटल साक्ष्यों को अपने कब्जे में लिया है।


निष्कर्ष: भोपाल कोर्ट द्वारा दोनों मुख्य आरोपियों को 5 दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेजे जाने के बाद अब इस केस में कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। देश की सर्वोच्च अदालत इस पूरे मामले पर कड़ी नजर रखे हुए है ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। देश, कानून और अपराध जगत की ऐसी ही बेहद सटीक और लाइव खबरों के लिए Jandrishti Today के साथ बने रहें।

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