वाराणसी: पति बना पत्नी का ढाल, 6 साल तक चले यौन शोषण के खिलाफ दर्ज कराई FIR

Praveen Yadav
0
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक साहसी और प्रेरणादायक मामला सामने आया है। एक नवविवाहिता ने अपने पति के समर्थन से उस स्थानीय पैथोलॉजिस्ट के खिलाफ कानूनी जंग छेड़ दी है, जिसने उसे छह साल तक डरा-धमकाकर अपनी हवस का शिकार बनाया। पति द्वारा सामने आकर अपनी पत्नी को न्याय दिलाने के लिए की गई यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक साहसी और प्रेरणादायक मामला सामने आया है। एक नवविवाहिता ने अपने पति के समर्थन से उस स्थानीय पैथोलॉजिस्ट के खिलाफ कानूनी जंग छेड़ दी है, जिसने उसे छह साल तक डरा-धमकाकर अपनी हवस का शिकार बनाया। पति द्वारा सामने आकर अपनी पत्नी को न्याय दिलाने के लिए की गई यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, मामला मिर्जामुराद थाना क्षेत्र का है। आरोपी की पहचान 60 वर्षीय दशरथ पटेल के रूप में हुई है, जो एक पैथोलॉजी सेंटर का मालिक है। पीड़िता के पति ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर अपनी पत्नी के साथ हुई आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की।

ACP (राजातालाब) अजय श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी दशरथ पटेल के खिलाफ रेप, आपराधिक धमकी और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। FIR दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

2019 से शुरू हुआ था शोषण का सिलसिला
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने पीड़िता को तब शिकार बनाया था जब वह मात्र 14 साल की थी। 9 सितंबर 2019 को, जब किशोरी कोचिंग सेंटर के बाहर खड़ी थी, तब आरोपी ने उसे जबरन अपने पैथोलॉजी सेंटर के अंदर खींच लिया और शटर गिराकर दुष्कर्म किया।

आरोपी ने डरा-धमकाकर पीड़िता को चुप करा दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी पीड़िता की मजबूरी और समाज के डर का फायदा उठाता रहा। वह उसे बदनाम करने की धमकी देकर फोन पर ब्लैकमेल करता रहा और 2019 से 2025 तक लगातार उसका शोषण करता रहा।

पति के प्यार और भरोसे ने दी हिम्मत

इस साल अप्रैल में युवती का विवाह हुआ। ससुराल पहुंचने के बाद जब उसने अपने पति के व्यवहार में अपनापन और देखभाल देखी, तो उसे हिम्मत मिली। अंततः उसने अपना छह साल पुराना दर्द अपने पति के साथ साझा किया।

अपनी पत्नी की आपबीती सुनने के बाद पति ने घबराने के बजाय उसका हाथ थामने का फैसला किया। उसने न केवल अपनी पत्नी पर अटूट भरोसा जताया, बल्कि खुद आगे बढ़कर पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।

यह खबर समाज के लिए एक बड़ा संदेश है कि किस तरह एक मजबूत जीवनसाथी का साथ मिलने पर पीड़ित महिलाएं अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का साहस जुटा सकती हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*