बेन स्टोक्स ने रचा इतिहास, टेस्ट क्रिकेट में जैक्स कैलिस के क्लब में हुए शामिल, इंग्लैंड को भी दिलाई मजबूत बढ़त

Praveen Yadav
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नॉटिंघम: इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। स्टोक्स ने पहली पारी में चार विकेट लेकर टेस्ट क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित ऑलराउंड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया। अब वह दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडर जैक्स कैलिस के बाद ऐसे केवल दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 7,000 से ज्यादा रन और 250 से ज्यादा विकेट लेने का अनोखा कारनामा किया है।

नॉटिंघम: इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। स्टोक्स ने पहली पारी में चार विकेट लेकर टेस्ट क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित ऑलराउंड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया। अब वह दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडर जैक्स कैलिस के बाद ऐसे केवल दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 7,000 से ज्यादा रन और 250 से ज्यादा विकेट लेने का अनोखा कारनामा किया है।


4 विकेट लेकर हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि

न्यूजीलैंड की पहली पारी के दौरान बेन स्टोक्स ने 70 रन देकर चार विकेट झटके। इसी के साथ उनके टेस्ट करियर में विकेटों की संख्या 250 तक पहुंच गई। बल्लेबाजी में वह पहले ही 7,000 रन का आंकड़ा पार कर चुके हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने उन्हें दुनिया के महानतम टेस्ट ऑलराउंडरों की सूची में शामिल कर दिया है।


स्टोक्स ने अब तक 122 टेस्ट मैचों में 250 विकेट लिए हैं। उनका गेंदबाजी औसत 31.03 का है, जबकि उनके नाम छह बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी दर्ज है। बल्लेबाजी में उन्होंने 219 पारियों में 7,243 रन बनाए हैं, जिसमें 14 शतक और 37 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 258 रन है।


जैक्स कैलिस के बाद दूसरा बड़ा नाम

इस उपलब्धि से पहले केवल दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज ऑलराउंडर जैक्स कैलिस ही टेस्ट क्रिकेट में 7,000 से अधिक रन और 250 से अधिक विकेट लेने में सफल हुए थे। कैलिस ने अपने करियर में 166 टेस्ट मैच खेलते हुए 13,289 रन बनाए और 292 विकेट अपने नाम किए थे। अब बेन स्टोक्स भी इस विशिष्ट क्लब का हिस्सा बन गए हैं।


इंग्लैंड के लिए भी बनाया नया रिकॉर्ड

स्टोक्स ने इस मुकाबले में एक और उपलब्धि हासिल की। उन्होंने इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज मैथ्यू हॉगार्ड को पीछे छोड़ते हुए टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में नौवां स्थान हासिल कर लिया। यह उपलब्धि उनके शानदार ऑलराउंड करियर को और खास बनाती है।


न्यूजीलैंड की मजबूत शुरुआत

सीरीज 1-1 की बराबरी पर होने के बाद न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम को दोनों सलामी बल्लेबाजों टॉम लैथम और डेवोन कॉनवे ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 317 रन की विशाल साझेदारी कर इंग्लैंड के गेंदबाजों को लंबे समय तक विकेट से दूर रखा।


टॉम लैथम ने 214 गेंदों में 151 रन बनाए, जबकि डेवोन कॉनवे ने 224 गेंदों पर 157 रन की बेहतरीन पारी खेली। इन दोनों पारियों की बदौलत न्यूजीलैंड की टीम पहली पारी में 438 रन बनाने में सफल रही।


स्टोक्स और गेंदबाजों ने की वापसी

हालांकि शुरुआती साझेदारी के बाद इंग्लैंड ने शानदार वापसी की। कप्तान बेन स्टोक्स ने चार विकेट लेकर न्यूजीलैंड की पारी को आगे बढ़ने से रोका। जोफ्रा आर्चर ने दो विकेट लिए, जबकि युवा स्पिनर शोएब बशीर ने भी दो सफलताएं हासिल कीं। इंग्लैंड ने अंतिम सात विकेट अपेक्षाकृत कम स्कोर पर समेटकर मैच में वापसी की।


इंग्लैंड की बल्लेबाजी भी रही मजबूत

जवाब में इंग्लैंड ने भी दमदार बल्लेबाजी की। बेन डकेट ने केवल 99 गेंदों में 113 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि जैकब बेथेल ने 74 रन बनाकर उनका अच्छा साथ निभाया। तीसरे दिन लंच तक इंग्लैंड का स्कोर 314/6 था। हैरी ब्रूक 51 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि गस एटकिंसन उनका साथ निभा रहे थे।


सीरीज के निर्णायक मुकाबले पर सभी की नजर

तीन मैचों की यह टेस्ट सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है और नॉटिंघम टेस्ट दोनों टीमों के लिए निर्णायक मुकाबला साबित हो सकता है। एक ओर न्यूजीलैंड मैच में वापसी की कोशिश करेगा, वहीं इंग्लैंड बेन स्टोक्स के ऐतिहासिक प्रदर्शन और मजबूत बल्लेबाजी के दम पर जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करना चाहेगा। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब मैच के अंतिम दो दिनों पर टिकी हुई है।


ऑलराउंडर के रूप में लगातार बढ़ रहा है स्टोक्स का कद

बेन स्टोक्स को पहले से ही आधुनिक दौर के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में गिना जाता है। उन्होंने कई बार अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी से अकेले दम पर इंग्लैंड को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है। चाहे एशेज सीरीज हो, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मुकाबले हों या फिर न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ टेस्ट मैच, स्टोक्स ने बड़े अवसरों पर हमेशा खुद को साबित किया है।


कप्तानी संभालने के बाद भी उनके प्रदर्शन में कोई कमी नहीं आई है। इसके उलट वह टीम के लिए और अधिक जिम्मेदारी के साथ खेलते नजर आए हैं। बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी उनका योगदान इंग्लैंड की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है।


रिकॉर्ड के साथ बढ़ा आत्मविश्वास

जैक्स कैलिस जैसे महान खिलाड़ी की बराबरी करना किसी भी क्रिकेटर के लिए बेहद बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। यह रिकॉर्ड केवल स्टोक्स की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उनके लंबे समय तक लगातार बेहतरीन प्रदर्शन का प्रमाण भी है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्टोक्स इसी तरह फिट रहते हैं तो वह आने वाले वर्षों में कई और बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।


न्यूजीलैंड के सामने चुनौती

पहली पारी में 438 रन बनाने के बावजूद न्यूजीलैंड की टीम इंग्लैंड को पूरी तरह दबाव में नहीं रख सकी। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने तेज गति से रन बनाकर मैच में बराबरी हासिल कर ली। अब न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दूसरी पारी में बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव होगा ताकि टीम मुकाबले में वापसी कर सके।


इंग्लैंड की नजर सीरीज जीत पर

तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है। यदि टीम पहली पारी में बढ़त हासिल कर लेती है तो चौथे दिन न्यूजीलैंड पर दबाव और बढ़ जाएगा। कप्तान बेन स्टोक्स चाहेंगे कि उनकी टीम इस मौके का पूरा फायदा उठाकर सीरीज अपने नाम करे और घरेलू मैदान पर एक और महत्वपूर्ण टेस्ट श्रृंखला जीत दर्ज करे।


निष्कर्ष

बेन स्टोक्स ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह केवल एक बेहतरीन कप्तान ही नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के सबसे महान ऑलराउंडरों में भी शामिल हो चुके हैं। 7,000 से अधिक रन और 250 विकेट का ऐतिहासिक डबल उनके शानदार करियर का नया अध्याय है। वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी टेस्ट में उनका हरफनमौला प्रदर्शन इंग्लैंड को जीत की ओर ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। यदि स्टोक्स इसी लय को बरकरार रखते हैं तो आने वाले समय में वह टेस्ट क्रिकेट के कई और बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।

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