राम मंदिर दान घोटाला मामला: मुमताज पटेल बोलीं, 'लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाना बेहद गंभीर मामला'

Praveen Yadav
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नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर दान घोटाला मामले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि वोट की राजनीति अपनी जगह है, लेकिन करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए लोगों ने पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ दान दिया था, इसलिए यदि उसमें किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर दान घोटाला मामले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि वोट की राजनीति अपनी जगह है, लेकिन करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए लोगों ने पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ दान दिया था, इसलिए यदि उसमें किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


मुमताज पटेल ने क्या कहा?

एएनआई से बातचीत में कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने कहा कि वह वोट की राजनीति और धर्म के नाम पर होने वाली राजनीति को समझती हैं, लेकिन लोगों की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए दिया गया दान करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा हुआ है और इस मामले में सामने आए आरोप बेहद चिंताजनक हैं।


चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा

इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने कथित दान गबन मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद इस मामले ने और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।


किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ धारा 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।


इन लोगों के नाम FIR में शामिल

एफआईआर में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव, मनीष यादव समेत कई अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। यह कार्रवाई पूर्व समाजवादी पार्टी विधायक पवन पांडेय द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद शुरू हुई। आरोप है कि राम मंदिर को मिले करोड़ों रुपये के दान में कथित गड़बड़ी की गई।


जांच के लिए बनाई गई SIT

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 14 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। यह जांच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर शुरू की गई। एसआईटी पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सभी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।


आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में

अयोध्या की अदालत ने शुक्रवार को इस मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपियों के पास से करीब 79.85 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। हालांकि एक आरोपी के पास से कोई नकदी बरामद नहीं हुई, लेकिन उसे भी कथित साजिश में शामिल बताया गया है।


राजनीतिक बयानबाजी तेज

राम मंदिर दान मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और ट्रस्ट से जवाब मांग रहा है, जबकि जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक पहुंचने का दावा कर रही हैं। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच सभी की नजर अब एसआईटी की जांच रिपोर्ट और अदालत की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है।


निष्कर्ष

राम मंदिर दान से जुड़े कथित गबन के आरोपों ने देशभर में चर्चा छेड़ दी है। कांग्रेस नेता मुमताज पटेल के बयान के बाद इस मामले को राजनीतिक और धार्मिक दोनों दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। हालांकि अंतिम सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

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