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| 35 वर्षीय स्टोक्स ने साल 2011 में इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था |
Ben Stokes Retirement News: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान और दुनिया के महान ऑलराउंडरों में गिने जाने वाले बेन स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में खेला जा रहा तीसरा टेस्ट मैच उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मुकाबला होगा। स्टोक्स ने मैच के चौथे दिन की शुरुआत से पहले अपने साथियों को इस फैसले की जानकारी दी, जिसके बाद क्रिकेट जगत में भावुक माहौल बन गया।
35 वर्षीय स्टोक्स ने साल 2011 में इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने लगभग 15 वर्षों तक इंग्लैंड क्रिकेट की सेवा की और कई ऐसे ऐतिहासिक पल दिए जिन्हें क्रिकेट प्रेमी कभी नहीं भूल पाएंगे। चाहे 2019 वनडे विश्व कप फाइनल हो, एशेज की ऐतिहासिक पारी हो या फिर टेस्ट क्रिकेट में उनकी आक्रामक कप्तानी, स्टोक्स हर बड़े मंच पर इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी साबित हुए।
तीसरा टेस्ट होगा करियर का आखिरी मैच
इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज में खेला जा रहा तीसरा टेस्ट अब केवल एक सीरीज का निर्णायक मुकाबला नहीं रह गया है। यह बेन स्टोक्स के शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम अध्याय भी बन गया है। स्टोक्स ने टीम मीटिंग में खिलाड़ियों से कहा कि अगले दो दिन इंग्लैंड के लिए उनके आखिरी दिन होंगे और वह चाहते हैं कि पूरी टीम आखिरी बार उसी जुनून के साथ मैदान पर उतरे जिसके लिए इंग्लैंड की यह टीम जानी जाती है।
स्टोक्स ने अपने साथियों से कहा कि उन्होंने हमेशा टीम के लिए अपना सबकुछ झोंक दिया है और अब वह आखिरी बार उसी भावना के साथ मैदान पर उतरना चाहते हैं। उनके इस भावुक संबोधन का वीडियो इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने भी साझा किया, जिसे लाखों क्रिकेट प्रशंसकों ने देखा।
2019 विश्व कप का सबसे बड़ा हीरो
अगर बेन स्टोक्स के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि की बात करें तो 2019 वनडे विश्व कप फाइनल का नाम सबसे पहले आता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए उस ऐतिहासिक मुकाबले में स्टोक्स ने नाबाद 84 रन बनाकर इंग्लैंड को पहली बार विश्व चैंपियन बनाया। सुपर ओवर तक पहुंचे उस रोमांचक मुकाबले में उनकी पारी क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है।
इसी वर्ष एशेज सीरीज के हेडिंग्ले टेस्ट में उनकी 135 रनों की नाबाद पारी ने इंग्लैंड को असंभव दिख रही जीत दिलाई थी। क्रिकेट विशेषज्ञ आज भी उस पारी को टेस्ट इतिहास की सर्वश्रेष्ठ पारियों में शामिल करते हैं।
टेस्ट कप्तानी में बदली इंग्लैंड की तस्वीर
2022 में जो रूट के कप्तानी छोड़ने के बाद बेन स्टोक्स को टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई। मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम के साथ उनकी जोड़ी ने इंग्लैंड क्रिकेट में नई सोच और आक्रामक शैली को जन्म दिया। 'बैजबॉल' रणनीति के तहत इंग्लैंड ने निडर क्रिकेट खेली और कई यादगार जीत दर्ज कीं।
स्टोक्स की कप्तानी में इंग्लैंड ने 24 टेस्ट मैच जीते, जबकि केवल 17 मुकाबलों में हार मिली। इस दौरान टीम ने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी और सकारात्मक क्रिकेट की नई पहचान बनाई, जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा हुई।
नाइटक्लब विवाद के बाद आया संन्यास का फैसला
बेन स्टोक्स के संन्यास की घोषणा ऐसे समय आई है जब कुछ सप्ताह पहले वह एक ऑफ-फील्ड विवाद को लेकर सुर्खियों में रहे थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में जीत के बाद स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन टीम के निर्धारित कर्फ्यू समय का उल्लंघन करने के मामले में चर्चा में आए थे। दोनों खिलाड़ी लंदन के एक नाइटक्लब के बाहर हुई घटना के दौरान मौजूद थे, जिसके बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) और क्रिकेट रेगुलेटर ने मामले की जांच शुरू की थी।
जांच पूरी होने के बाद क्रिकेट रेगुलेटर ने स्पष्ट किया कि दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ किसी भी तरह के अनुशासनात्मक अपराध का पर्याप्त प्रमाण नहीं मिला। ECB ने भी अपने बयान में कहा कि स्टोक्स किसी हिंसक घटना में शामिल नहीं थे और उन्होंने विवाद को प्रत्यक्ष रूप से देखा भी नहीं था। वहीं गस एटकिंसन को बिना किसी उकसावे के हमले का शिकार बताया गया।
हालांकि दोनों खिलाड़ियों को टीम के आचार संहिता और अनुबंध की कुछ शर्तों के उल्लंघन का दोषी माना गया। इसी वजह से उन्हें लिखित चेतावनी दी गई और न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच से बाहर रखा गया। ECB ने इसे पर्याप्त अनुशासनात्मक कार्रवाई माना।
ब्रेंडन मैकुलम ने किया पूरा समर्थन
संन्यास की घोषणा से पहले इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने यह भी साफ किया कि नाइटक्लब विवाद के कारण उनके और बेन स्टोक्स के रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि स्टोक्स केवल उनके कप्तान ही नहीं बल्कि एक अच्छे दोस्त भी हैं और दोनों का एकमात्र उद्देश्य इंग्लैंड क्रिकेट को आगे ले जाना है।
मैकुलम ने कहा कि टीम का भविष्य और उसकी सफलता हमेशा दोनों की प्राथमिकता रही है। उन्होंने स्टोक्स के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने निडर क्रिकेट खेली और टेस्ट क्रिकेट को नई दिशा दी।
टीम के सामने भावुक हुए स्टोक्स
तीसरे टेस्ट के चौथे दिन खेल शुरू होने से पहले बेन स्टोक्स ने ड्रेसिंग रूम में अपने साथियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह इंग्लैंड की जर्सी में उनके आखिरी दो दिन हैं और वह चाहते हैं कि पूरी टीम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करे। स्टोक्स ने कहा कि उन्होंने हमेशा टीम के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित किया है और अब आखिरी बार भी वही भावना देखना चाहते हैं।
उनके इस भावुक संबोधन के दौरान ड्रेसिंग रूम में मौजूद कई खिलाड़ी भावुक नजर आए। ECB द्वारा जारी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों ने स्टोक्स के योगदान को याद करते हुए उन्हें सम्मान दिया।
ECB ने बताया इंग्लैंड क्रिकेट का महानायक
ECB चेयरमैन रिचर्ड थॉम्पसन ने बेन स्टोक्स को इंग्लैंड क्रिकेट के इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि स्टोक्स ने बड़े मुकाबलों में जिस तरह टीम को जीत दिलाई, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगी। उन्होंने 2019 विश्व कप, 2022 टी20 विश्व कप और एशेज में उनकी ऐतिहासिक पारियों को क्रिकेट इतिहास का अमूल्य हिस्सा बताया।
ECB के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड गोल्ड ने भी कहा कि स्टोक्स का योगदान केवल आंकड़ों से नहीं मापा जा सकता। उन्होंने अपने खेल, नेतृत्व और जुझारूपन से दुनिया भर के लाखों युवा क्रिकेटरों को प्रेरित किया है।
15 साल का शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर
बेन स्टोक्स ने साल 2011 में आयरलैंड के खिलाफ वनडे मैच से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद 2013 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। अपने 15 साल लंबे करियर में उन्होंने इंग्लैंड के लिए तीनों प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन किया और खुद को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में स्थापित किया।
स्टोक्स ने टेस्ट क्रिकेट में 120 से अधिक मैच खेलते हुए 7000 से ज्यादा रन बनाए और 250 से अधिक विकेट हासिल किए। उनका सर्वोच्च टेस्ट स्कोर 258 रन रहा, जो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में बनाया था। बल्ले और गेंद दोनों से मैच जिताने की उनकी क्षमता उन्हें अपने दौर का सबसे प्रभावशाली क्रिकेटर बनाती है।
वनडे क्रिकेट में भी उन्होंने इंग्लैंड के लिए कई यादगार पारियां खेलीं, जबकि टी20 क्रिकेट में वह 2022 टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम के अहम सदस्य रहे। बड़े मैचों में दबाव झेलकर शानदार प्रदर्शन करना उनकी सबसे बड़ी पहचान रही।
इंग्लैंड क्रिकेट के लिए अपूरणीय क्षति
बेन स्टोक्स के संन्यास के साथ इंग्लैंड क्रिकेट एक ऐसे खिलाड़ी को खो देगा, जिसने पिछले डेढ़ दशक तक टीम की पहचान बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी आक्रामक कप्तानी, जुझारूपन और कभी हार न मानने वाला रवैया इंग्लैंड की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा रहेगा।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि स्टोक्स जैसे मैच विनर खिलाड़ी बहुत कम पैदा होते हैं। वह ऐसे क्रिकेटर रहे जिन्होंने अपने दम पर कई हारे हुए मुकाबले इंग्लैंड की झोली में डाल दिए। यही वजह है कि उन्हें आधुनिक क्रिकेट का सबसे बड़ा 'बिग मैच प्लेयर' भी कहा जाता है।
केन विलियमसन के बाद दूसरा बड़ा संन्यास
न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच चल रही इस टेस्ट सीरीज में यह दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय संन्यास है। इससे पहले न्यूजीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान केन विलियमसन ने भी पहले टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। अब बेन स्टोक्स के फैसले ने इस सीरीज को और भी भावुक बना दिया है।
निष्कर्ष
बेन स्टोक्स का नाम हमेशा उन खिलाड़ियों में लिया जाएगा जिन्होंने केवल रिकॉर्ड नहीं बनाए, बल्कि अपने प्रदर्शन से क्रिकेट इतिहास बदल दिया। 2019 विश्व कप फाइनल, हेडिंग्ले की ऐतिहासिक पारी, टी20 विश्व कप जीत और टेस्ट कप्तानी के दौरान इंग्लैंड क्रिकेट में आया बदलाव उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियां रहेंगी।
ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के साथ एक महान ऑलराउंडर का अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त होगा, लेकिन क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में बेन स्टोक्स की यादें हमेशा जिंदा रहेंगी। आने वाली पीढ़ियां उन्हें केवल एक शानदार खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि साहस, नेतृत्व और जुनून की मिसाल के रूप में याद रखेंगी।

