ईरान डील पर ट्रंप ने मांगे बड़े बदलाव, परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सख्त शर्तों पर जोर

Praveen Yadav
0
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते के मसौदे में कई बदलाव सुझाए हैं और इसे दोबारा समीक्षा के लिए वापस भेज दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से पूरी तरह खोलने से जुड़ी शर्तों को और सख्त करना चाहते हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते के मसौदे में कई बदलाव सुझाए हैं और इसे दोबारा समीक्षा के लिए वापस भेज दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से पूरी तरह खोलने से जुड़ी शर्तों को और सख्त करना चाहते हैं।


यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पिछले सप्ताह ट्रंप ने संकेत दिया था कि समझौता लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। हालांकि नए बदलावों की मांग के बाद बातचीत का दौर फिर आगे बढ़ गया है और समझौते को अंतिम रूप मिलने में कुछ और समय लग सकता है।


परमाणु प्रतिबद्धताओं पर सख्त रुख

रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप चाहते हैं कि समझौते में ईरान की परमाणु गतिविधियों को लेकर ज्यादा स्पष्ट और कड़े प्रावधान शामिल किए जाएं। अमेरिकी पक्ष विशेष रूप से ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार और भविष्य में परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता पर अधिक स्पष्टता चाहता है।


एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के अनुसार ट्रंप इस बात पर जोर दे रहे हैं कि समझौते की भाषा ऐसी हो जिससे भविष्य में किसी तरह की अस्पष्टता न रहे।


होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी नई शर्तें

समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोलना एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। ट्रंप चाहते हैं कि इस संबंध में भी अधिक स्पष्ट और मजबूत शब्दावली शामिल की जाए।


होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग का दोबारा पूरी तरह खुलना अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


अभी नहीं हुआ अंतिम समझौता

हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने हाल के दिनों में बातचीत में प्रगति के संकेत दिए हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अब भी मतभेद बने हुए हैं।


ईरान लगातार कहता रहा है कि उसके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कुछ मुद्दे मौजूदा बातचीत का हिस्सा नहीं हैं, जबकि अमेरिका इस विषय को समझौते के केंद्र में रखना चाहता है। यही कारण है कि अंतिम सहमति अभी तक नहीं बन सकी है।


वित्तीय राहत पर भी चर्चा

रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप प्रशासन ईरान को मिलने वाली संभावित आर्थिक राहत को लेकर भी सतर्क है। अमेरिकी पक्ष नहीं चाहता कि किसी भी समझौते को लेकर पुराने परमाणु समझौते जैसी आलोचना हो।


इसी वजह से वित्तीय प्रावधानों पर भी गहन चर्चा जारी है और अभी तक इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।


बातचीत जारी रहने के संकेत

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि बातचीत पूरी तरह रुकी नहीं है और दोनों पक्षों के बीच संपर्क बना हुआ है। ट्रंप समझौता चाहते हैं, लेकिन वह इसे अपनी शर्तों के अनुसार और ज्यादा मजबूत बनाना चाहते हैं।


रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की प्रतिक्रिया आने में कुछ दिन लग सकते हैं। इसके बाद दोनों पक्ष एक बार फिर मसौदे पर चर्चा कर सकते हैं।


वैश्विक नजरें बातचीत पर

ईरान और अमेरिका के बीच जारी यह बातचीत केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य, वैश्विक ऊर्जा बाजार और परमाणु मुद्दों से जुड़े होने के कारण पूरी दुनिया की नजर इस समझौते पर बनी हुई है।


अब देखना होगा कि ट्रंप द्वारा सुझाए गए बदलावों पर ईरान क्या रुख अपनाता है और क्या दोनों पक्ष आने वाले दिनों में किसी अंतिम समझौते तक पहुंच पाते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*