FIFA World Cup 2026 में सोमवार का दिन फुटबॉल इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। विश्व कप के एक ही दिन में चार मुकाबले ड्रॉ रहने का दुर्लभ रिकॉर्ड 68 साल बाद देखने को मिला। इससे पहले ऐसा कारनामा 15 जून 1958 को हुआ था, जब एक ही दिन खेले गए कई मुकाबले बराबरी पर समाप्त हुए थे।
दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट में आमतौर पर जीत और हार के नतीजे देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार एक ही दिन में चार मैचों का ड्रॉ होना बेहद असाधारण माना जा रहा है। इन मुकाबलों में कई बड़ी टीमों को उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले, जबकि कुछ अपेक्षाकृत कमजोर टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर सभी को चौंका दिया।
केप वर्डे ने स्पेन को रोका, विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर
दिन के पहले मुकाबले में सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला। विश्व कप में पहली बार हिस्सा ले रही केप वर्डे की टीम ने यूरोपीय चैंपियन और दुनिया की दूसरी रैंकिंग वाली टीम स्पेन को गोलरहित ड्रॉ पर रोक दिया।
अटलांटा में खेले गए इस मुकाबले में स्पेन के पास गेंद पर नियंत्रण और आक्रमण के कई मौके थे, लेकिन केप वर्डे की मजबूत रक्षापंक्ति ने हर हमले को विफल कर दिया। मैच खत्म होने के बाद फुटबॉल विशेषज्ञों ने इसे टूर्नामेंट के सबसे बड़े सरप्राइज में से एक बताया।
स्पेन जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ क्लीन शीट बनाए रखना केप वर्डे के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं माना जा रहा है।
मिस्र की जीत का सपना टूटा, बेल्जियम ने बचाई प्रतिष्ठा
दिन के दूसरे मुकाबले में मिस्र और बेल्जियम आमने-सामने थे। मिस्र ने मैच की शुरुआत शानदार अंदाज में की और इमाम अशूर के गोल की बदौलत बढ़त हासिल कर ली। ऐसा लग रहा था कि मिस्र विश्व कप इतिहास की अपनी पहली जीत दर्ज करने जा रहा है।
हालांकि दूसरे हाफ में बेल्जियम ने वापसी की। स्टार स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू मैदान पर आने के कुछ ही पलों बाद दबाव बनाने में सफल रहे और उनकी मौजूदगी में मिस्र के खिलाड़ी से आत्मघाती गोल हो गया। इसके साथ ही मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
यह परिणाम मिस्र के लिए निराशाजनक रहा क्योंकि टीम जीत के बेहद करीब पहुंच चुकी थी।
उरुग्वे और सऊदी अरब के बीच रोमांचक मुकाबला
दिन के तीसरे मैच में उरुग्वे और सऊदी अरब के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने पूरे मैच के दौरान शानदार फुटबॉल खेली।
सऊदी अरब ने मुकाबले में बढ़त हासिल कर ली थी और जीत की ओर बढ़ रही थी, लेकिन मैच के 80वें मिनट में मैक्सिमिलियानो अराउजो ने गोल कर उरुग्वे को बराबरी दिला दी।
यह गोल उरुग्वे के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ और टीम हार से बच गई। मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
इस परिणाम के बाद ग्रुप-एच की स्थिति बेहद रोचक हो गई है। स्पेन, केप वर्डे, उरुग्वे और सऊदी अरब सभी के पास एक-एक अंक है। ऐसे में अगले मुकाबले ग्रुप की तस्वीर पूरी तरह बदल सकते हैं।
ईरान और न्यूजीलैंड के बीच 2-2 की बराबरी
दिन के अंतिम मुकाबले में ईरान और न्यूजीलैंड के बीच शानदार संघर्ष देखने को मिला। लॉस एंजिलिस के सोफी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया।
न्यूजीलैंड ने शुरुआती बढ़त हासिल की, लेकिन ईरान ने वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद न्यूजीलैंड ने एक बार फिर बढ़त बनाई, लेकिन ईरान ने हार नहीं मानी और मुकाबला 2-2 से बराबर कर लिया।
मैच के दौरान दोनों टीमों ने कई शानदार मौके बनाए और दर्शकों को रोमांच से भरपूर मुकाबला देखने को मिला।
68 साल बाद बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड
फुटबॉल इतिहास के आंकड़ों के अनुसार विश्व कप में आखिरी बार 15 जून 1958 को एक ही दिन में चार या उससे अधिक मुकाबले ड्रॉ रहे थे। उस समय टूर्नामेंट का प्रारूप अलग था और एक ही दिन में आठ मुकाबले खेले गए थे।
अब 68 साल बाद यह दुर्लभ रिकॉर्ड फिर देखने को मिला है। इससे पता चलता है कि FIFA World Cup 2026 में प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं अधिक कड़ी हो चुकी है और छोटी टीमें भी बड़ी टीमों को कड़ी चुनौती दे रही हैं।
ग्रुप मुकाबले हुए और दिलचस्प
चार ड्रॉ के बाद कई ग्रुपों की अंक तालिका बेहद रोमांचक हो गई है। किसी भी टीम को स्पष्ट बढ़त नहीं मिली है और अगले मुकाबलों में जीत-हार सीधे नॉकआउट चरण की तस्वीर तय कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विश्व कप 2026 अब तक के सबसे प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंटों में से एक साबित हो सकता है, जहां हर मैच में उलटफेर की संभावना बनी हुई है।
फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह दिन यादगार बन गया क्योंकि एक ही दिन में चार मुकाबलों का ड्रॉ होना विश्व कप इतिहास की दुर्लभ घटनाओं में शामिल हो गया है।

