FIFA World Cup 2026 में पराग्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप D के मुकाबले में तुर्किये को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदों को मजबूत कर लिया है। इस जीत के बाद पराग्वे के मुख्य कोच गुस्तावो अल्फारो ने अपनी टीम की जमकर तारीफ की और कहा कि उनकी टीम किसी भी बड़े या प्रतिष्ठित प्रतिद्वंद्वी के सामने खुद को कभी कमजोर या कमतर नहीं मानेगी।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अल्फारो ने कहा, “हम बेहतर टीमों, बड़े देशों और ज्यादा प्रतिष्ठित विरोधियों का सामना कर सकते हैं। हम उनका सम्मान करते हैं, लेकिन हम कभी भी खुद को अंडरडॉग या किसी से कम नहीं समझेंगे। हम हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे और अपनी जर्सी का सम्मान करते हुए मैदान पर उतरेंगे।”
65 सेकेंड में किया मैच का फैसला
सैन फ्रांसिस्को बे एरिया में खेले गए इस मुकाबले में पराग्वे ने मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। मुकाबले के केवल 65 सेकेंड बाद तुर्किये की एक गलती ने पराग्वे को बढ़त दिला दी।
तुर्किये के एक गलत पास के बाद गेंद पराग्वे के कब्जे में पहुंची और माटियास गलार्जा ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए दूर से शानदार शॉट लगाया। उनका यह शक्तिशाली प्रयास गोलकीपर उगुरकान चाकिर को छकाते हुए सीधे गोल में चला गया और पराग्वे ने 1-0 की बढ़त बना ली।
तुर्किये ने वापसी की कोशिश की, लेकिन नहीं मिली सफलता
शुरुआती झटके के बाद तुर्किये ने खुद को संभाला और लगातार हमले किए। 14वें मिनट में आर्दा गुलर का शॉट बार के ऊपर चला गया। इसके बाद केनन यिल्दिज ने शानदार बाइसिकल किक लगाई, लेकिन पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने उसे रोक लिया।
पहले हाफ के 30वें मिनट के बाद तुर्किये बराबरी के बेहद करीब पहुंच गया था। एक फ्री-किक पर मेरत मुल्दुर का हेडर पहले क्रॉसबार और फिर पोस्ट से टकराया, लेकिन गोललाइन पार नहीं कर सका।
रेड कार्ड के बावजूद डटा रहा पराग्वे
पहले हाफ के अंतिम क्षणों में मैच ने नाटकीय मोड़ लिया। पराग्वे के स्टार खिलाड़ी मिगुएल अल्मिरोन को विरोधी खिलाड़ी से बहस और झड़प के बाद रेड कार्ड दिखा दिया गया।
रेड कार्ड के कारण पराग्वे को पूरा दूसरा हाफ 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद टीम ने बेहतरीन रक्षात्मक प्रदर्शन किया और तुर्किये को गोल करने का कोई बड़ा मौका नहीं दिया।
दूसरे हाफ में भी नहीं टूटा तुर्किये का गोल का सूखा
संख्यात्मक बढ़त मिलने के बावजूद तुर्किये गोल नहीं कर सका। पराग्वे ने भी जवाबी हमलों से खतरा बनाए रखा। जूलियो एनसिसो ने एक शानदार मौका बनाया, लेकिन उनका शॉट बाहर चला गया।
दूसरी ओर तुर्किये के सब्स्टीट्यूट डेनिज गुल का हेडर सीधे गोलकीपर के हाथों में चला गया। मैच के अंतिम मिनटों में कैन उज़ुन ने बेहतरीन मौका गंवा दिया, जबकि इंजरी टाइम में मेरिह डेमिराल का हेडर भी गोलपोस्ट के बाहर चला गया।
पराग्वे की पहली जीत, तुर्किये टूर्नामेंट से बाहर
अंतिम सीटी बजते ही पराग्वे ने 1-0 से मुकाबला जीत लिया। यह टूर्नामेंट में उसकी पहली जीत रही और अब टीम के नॉकआउट दौर में पहुंचने की उम्मीदें काफी मजबूत हो गई हैं।
वहीं तुर्किये को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा और वह आधिकारिक रूप से FIFA World Cup 2026 से बाहर हो गया। अब उसका आखिरी ग्रुप मैच 26 जून को अमेरिका के खिलाफ होगा, जिसमें केवल सम्मान दांव पर होगा।
2010 के बाद पहली बार विश्व कप खेल रहा है पराग्वे
गौरतलब है कि पराग्वे 2010 के बाद पहली बार FIFA World Cup में हिस्सा ले रहा है। टीम ने इस जीत के साथ दुनिया को यह संदेश दिया है कि वह सिर्फ भाग लेने नहीं बल्कि मुकाबला करने आई है।
जीत के बाद भावुक हुए अल्फारो
कोच गुस्तावो अल्फारो ने कहा कि मैच खत्म होने के बाद उन्हें अपनी जीत पर यकीन ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “जब रेफरी ने अंतिम सीटी बजाई और हम जीत गए, तो मुझे यकीन नहीं हो रहा था। मैंने अपने खिलाड़ियों से कहा कि मैं उनकी आंखों में वह खुशी देखना चाहता हूं, जहां शब्दों की जरूरत नहीं पड़ती। खिलाड़ियों की मुस्कान और उनका एक-दूसरे के साथ जश्न मनाना हमारी टीम की असली ताकत है।”
अब ऑस्ट्रेलिया से होगा मुकाबला
पराग्वे अब 25 जून को ग्रुप D के अपने अंतिम मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया का सामना करेगा। यह मैच भी सैन फ्रांसिस्को बे एरिया में खेला जाएगा। अगर पराग्वे इस मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसके लिए नॉकआउट चरण का रास्ता और आसान हो सकता है।

