FIFA World Cup 2026: नए फीफा नियम के तहत रेड कार्ड पाने वाले पहले खिलाड़ी बने मिगुएल अल्मिरोन, पराग्वे ने तुर्किये को 1-0 से हराया

Praveen Yadav
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सांता क्लारा (कैलिफोर्निया): फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पराग्वे के मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन नए फीफा एंटी-डिस्क्रिमिनेशन नियम के तहत रेड कार्ड पाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इसके बावजूद पराग्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तुर्किये को 1-0 से हराकर नॉकआउट दौर की अपनी उम्मीदों को मजबूत कर लिया।

सांता क्लारा (कैलिफोर्निया): फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पराग्वे के मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन नए फीफा एंटी-डिस्क्रिमिनेशन नियम के तहत रेड कार्ड पाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इसके बावजूद पराग्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तुर्किये को 1-0 से हराकर नॉकआउट दौर की अपनी उम्मीदों को मजबूत कर लिया।


ग्रुप डी के इस अहम मुकाबले में अल्मिरोन को पहले हाफ के इंजरी टाइम में सीधे रेड कार्ड दिखाया गया। मैच अधिकारियों ने VAR समीक्षा के बाद यह फैसला बरकरार रखा, जिसके बाद पराग्वे को पूरे दूसरे हाफ में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।


क्या है नया फीफा नियम?

इस साल इंटरनेशनल फुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड (IFAB) द्वारा लागू किए गए नए नियम के अनुसार यदि कोई खिलाड़ी विवाद या बहस के दौरान अपना मुंह हाथ, बांह या जर्सी से ढककर कुछ कहता है और उस पर अपमानजनक या भेदभावपूर्ण टिप्पणी का संदेह होता है, तो उसे सीधे रेड कार्ड दिया जा सकता है।


यह नियम यूईएफए चैंपियंस लीग में बेनफिका के जियानलुका प्रेस्टियानी और रियल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर से जुड़े विवाद के बाद और अधिक सख्त बनाया गया था।


अल्मिरोन और मुल्दुर के बीच हुआ विवाद

पहले हाफ के अतिरिक्त समय में तुर्किये के डिफेंडर मर्ट मुल्दुर और पराग्वे के मिगुएल अल्मिरोन के बीच तीखी बहस हो गई। इसी दौरान अल्मिरोन को अपना मुंह ढककर कुछ कहते हुए देखा गया।


मुल्दुर ने तुरंत रेफरी से शिकायत की, जिसके बाद VAR की मदद ली गई। वीडियो देखने के बाद रेफरी ने अल्मिरोन को सीधा रेड कार्ड दिखा दिया।


इस फैसले के साथ अल्मिरोन फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में नए नियम के तहत बाहर भेजे जाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।


65 सेकंड में पराग्वे ने किया मैच का एकमात्र गोल

मैच की शुरुआत पराग्वे के लिए बेहद शानदार रही। मुकाबले के सिर्फ 65वें सेकंड में तुर्किये की एक गलत पासिंग का फायदा उठाकर माटियास गलार्जा ने गेंद अपने कब्जे में ली और लंबी दूरी से शानदार शॉट लगाकर गोल दाग दिया।


गेंद सीधे गोलकीपर उगुरकान चाकिर को छकाते हुए जाल में जा पहुंची। यह पराग्वे का इस टूर्नामेंट में सबसे तेज गोल भी रहा।


बराबरी के करीब पहुंचा तुर्किये

गोल खाने के बाद तुर्किये ने लगातार दबाव बनाया। पहले हाफ के मध्य में मर्ट मुल्दुर का हेडर फ्री-किक पर क्रॉसबार और पोस्ट दोनों से टकराकर बाहर चला गया।


इसके अलावा अर्दा गुलर और केनान यिल्दिज ने भी गोल करने की कोशिश की, लेकिन पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार बचाव करते हुए टीम की बढ़त कायम रखी।


10 खिलाड़ियों के साथ भी डटा रहा पराग्वे

अल्मिरोन के रेड कार्ड के बाद पराग्वे ने दूसरे हाफ में पूरी तरह रक्षात्मक रणनीति अपनाई। तुर्किये ने गेंद पर ज्यादा कब्जा बनाए रखा, लेकिन वह साफ मौके बनाने में नाकाम रहा।


सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी डेनिज गुल, कैन उजुन और मेरिह डेमिराल ने कई बार गोल करने की कोशिश की, लेकिन ऑरलैंडो गिल लगातार दीवार बनकर खड़े रहे।


पराग्वे की मजबूत रक्षा पंक्ति ने तुर्किये के हर हमले को विफल कर दिया और आखिर तक 1-0 की बढ़त बनाए रखी।


पराग्वे की उम्मीदें बरकरार, तुर्किये टूर्नामेंट से बाहर

अंतिम सीटी बजते ही पराग्वे ने टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज कर ली। इस जीत के साथ उसकी राउंड ऑफ 32 में पहुंचने की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं।


वहीं लगातार दूसरी हार झेलने के बाद तुर्किये का वर्ल्ड कप अभियान समाप्त हो गया। अब उसका आखिरी ग्रुप मैच अमेरिका के खिलाफ केवल सम्मान बचाने के लिए होगा।


फीफा वर्ल्ड कप 2026 में यह मुकाबला मिगुएल अल्मिरोन के रेड कार्ड और नए फीफा नियम के पहले बड़े इस्तेमाल के कारण लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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